#स्वास्थ्य और योग

Aditya Tripathi Bolkar App
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Student
1:30
भारत के लोगों की प्रतिरोधक क्षमता दूसरे देशों से तो देखिए आप यानी कि हमारे देश के लोग उतरे क्षमता सबसे अच्छी है लेकिन हमारे भारत के लोगों की हमारे भारत के जनता के कारण यह हो सकता है कि हमारे देश के लोग हर मौसम से लड़ने वाली होती है जबकि कई देश में ऐसा नहीं होता वहां ज्यादा गर्मी हो रही होती है या ठंडी होती हमारे देश के लोग हर मौसम से बराबर से लड़ रहे होते हो ठंडी हो बरसात हो या घर में अपने आप को तैयार कर लेते हैं और दूसरी बातें हो सकती है कि हमारे देश विश्व में के सबसे ज्यादा युवा हमारे देश में विश्व में सबसे ज्यादा हमारे देश में और युवाओं की जरूरत क्षमता सबसे ज्यादा होती है इसलिए हमारे देश के देशवासियों प्रतिरोधक क्षमता सबसे अधिक हो सकती है मेरे हिसाब से यही दुकान हो सकते हैं अगर आपको पसंद आए हो तो मेरे जवाब को लाइक करें
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Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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As School administration & Principal
2:38
भारत के लोगों के रोग प्रतिरोधक क्षमता दूसरे देशों से क्यों अधिक क्वेश्चन 1st तौर पर आप देखेंगे भैया हमारा जो देश है कहीं न कहीं दादी नानी के नुक्से तो करता ही है ना भाई बहुत सारे दादी नानी के नुक्से का प्रयोग करते हैं आप देखें घर में कहीं न कहीं धनिया है पुदीना है और भी चीजें हैं अदरक है इन सब चीजों का इस्तेमाल करता हूं लहसुन और प्याज है इसके साथ दिखे कि आज भी हमारे देश में हम घर की पकाए हुए खाने ज्यादा खाते हैं हमें सर्दी जुखाम हो गया तो हम काढ़ा बनाकर पी लेते हैं नीम की काढ़ा पी लेते हैं तुलसी के पत्ते डालकर के पी लेते हैं नींबू का सादा इस्तेमाल करते हैं अदरक का करते हैं ड्राई फ्रूट का इस्तेमाल करता है निश्चित तौर पर हमारे और आज भी हमारी बहुत सारी आबादी बहुत सारी क्या 90% आबादी शहरों को छोड़ दिया जाए जो ग्रामीण परिवेश में रह रही है आप देखेंगे कि नेचर पर डिपेंड है और नीचे पर वह अपनी पूरी तरह से अपने खान-पान सब कुछ है पर यही नतीजा है कि जो कोविड-19 का प्रभाव हुआ हमारे ग्रामीण भारत में इसका प्रभाव बहुत कम रहा है शहरी क्षेत्रों में लोग प्रभावी जरूर हुए लेकिन ग्रामीण भारत जो है वह ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ तो इसका यही कारण जो प्रतिरोधक क्षमता है कि आज भी हम कुक्ड फूड यानी घर के बनाए हुए खाने ज्यादा खाते हैं शहरी जीवन में हो सकता है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी वह चीजें नहीं तो यह बहुत सारे ऐसे कारण है कि हमारा जो रहन-सहन है हमारा जो देसी स्टाइल है यह कहीं न कहीं हमारी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाओ और सिलसिलेवार अगर आप इसको देखना चाहते हैं तो बहुत बड़े ढंग से आप इसको देख सकते हैं और निश्चित तौर पर यह सारी चीजें हमारे लिए बहुत बेहतर है

Shipra Bolkar App
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Self Employed
0:53
प्ले कि भारत के लोगों के रोग प्रतिरोधक क्षमता दूसरे देशों से अधिक क्यों है तो देखें हमेशा से ही हमारे यहां पर जो खाने में इस्तेमाल किए जाते हैं मसाले इसी तरीके की ही मसाले का प्रयोग किया जाता है जिससे कि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है हल्दी जो कि अब आयुष विभाग ने एडवाइजरी के द्वारा जारी करी थी जो कि आंटी बाग के लिए प्रॉपर्टी है एंटीसेप्टिक के तरीके से यूज की जाती है उसका प्रयोग हमारे यहां मसालों में रोजाना के खाने में किया ही रहता है अदरक का प्रयोग भी रोजाना ही होता है चाहे उसको सब्जियों में डालने के प्रयोग किया जाए जाए उसको 4 के प्रयोग में किया जाए चाहे उसकी चाय बनाई जाए तरीके से बहुत सारी चीजें हैं जिनका प्रयोग डेली बेसिस पर हमारे यहां होता ही है हमारे खान-पान में और एक बहुत बड़ा फैक्टर है कारण है कि भारत में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और देशों के मुकाबले काफी ज्यादा अच्छी है आपका दिन शुभ रहे थे निकाल

Nav kishor Aggarwal Bolkar App
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Service
1:55
नमस्कार आपका सवाल है कि भारत के लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता दूसरे देशों से क्यों मोदी के भारत के लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता जो है वह बहुत अधिक है दूसरे देशों से यह बात बिल्कुल सही है सही मायनों में बिल्कुल आप सही है कि क्या सकते इस बात को उसका कारण ही है कि डे के भारत का वातावरण अलग है भारत के लोगों का जो खान पाने को अलग है और रहन-सहन बहुत अलग है वातावरण में भी फर्क पड़ता है और लोगों के खानपान से भी बहुत फर्क पड़ता है यहां के लोग मेहनती ज्यादा है हर आपने देखा होगा कि मजदूर के बच्चे कम बीमार पड़ते हैं क्योंकि वह हमेशा धूप में रहेंगे या मिट्टी में खेलते रहेंगे उन्हें किसी चीज की कोई परवाह नहीं होती उनको ज्यादा केयरटेकर वगैरह कुछ नहीं चाहिए तो क्या होता और फिर मजदूर जल्दी बीमार नहीं पड़ता है क्योंकि कारण है कि वह सिर्फ सादा खाना खाते हैं सादा जीवन व्यतीत करते हैं वह सिर्फ अपना दाल रोटी साग सब्जी जो खाते हुए खाते हैं ज्यादा वह इधर तला हुआ चिकन मटन यह सब ज्यादातर उन में नहीं होता तो इसलिए बोलो कम बीमार पड़ते हैं और इसके अलावा वह मेहनत ज्यादा करते हैं इसलिए और बाहर के देशों में क्या कि हर काम मशीनों से किया जाता मेहनत है ही नहीं फिर वहां का वातावरण भी अलग टाइप का है किसी देश में ठंडा जा रहा है किसी देश में गर्म ज्यादा है और फिर वहां पर क्या है कि लोग साफ सफाई से या के थोड़ा सा केयर नहीं करते किसी भी चीज को जो मिला वह खा लेते हैं अब आपने देखा है चीन में पैंगोलिन नामक जानवर खा लिया अब उसके खाने से क्या होगा कि करो ना फैल गया अब करो ना देकर पूरे विश्व में पूरे भारत में हर जगह बुरा हाल है हर जगह बेरोजगारी पत्नी क्या-क्या समस्याएं यह किस बीमारी से उत्पन्न हो गई है वह समस्या कहां से आई है वह चीन से आई है और चीन में क्यों है क्योंकि वहां पर किसी भी जानवर का चाहे वह किसी भी क्वालिटी का कुछ भी खा लेते हैं इस वजह से हमारे देश में प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा है और दूसरे देशों में कम है धन्यवाद

Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
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Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
1:42
नमस्कार दोस्तों प्रश्न कि भारत के लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता दूसरे देशों से क्यों अधिक है तो दोस्तों के कई कारण हैं एक तो कारण कि हमारी जलवायु बहुत अच्छी है गर्मी सर्दी बरसात बसंत सारे सीजन का हम लोग आनंद लेते हैं हम खुशकिस्मत हैं और एक कारण इसका गरीबी का भी है या मध्यम वर्ग के लोग भी हैं तो बहुत साफ ग्रामीण क्षेत्रों में देखेंगे तो लोगों को अभी बिजली नहीं है उनको पसीने में रहने की आदत है गर्मियों में 8000 घंटे ही बिजली आती है या साइकिल से चलते हैं या पैदल चलते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में लोग ज्यादा रहते हैं शहरों में आप देखेंगे उनकी उनकी काफी कमजोर पाई गई शहरों में ज्यादा क्षति हुई करो ना काल में जो एसी में रहते हैं गाड़ी में रहते हैं फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं और हमारा खान पान मसाले वाला जो है वह भी एक प्रतिरोधक क्षमता को तलब करता है जैसे कि हम लोग कहते हैं हल्दी खाने से अच्छा होता है तो हम पहले से ही हल्दी खाते हैं दाल में खाते हैं सब्जी में डालते हैं या फिर तो हल्दी हो गया जैसे कि अदरक हो गया अदरक खाते हैं हम लोग और जैसे कि चाय में या अन्य चीजों में मसाला डालते हैं उसे प्रतिरोधक क्षमता काफी बढ़ जाती है हम लोगों की इसलिए भारत की अब देखिए प्रतियोगिता क्षमता काफी अच्छी है पर हर राज्य के अलग-अलग पकवान है अपने जलवायु के हिसाब से वातावरण के मौसम के हिसाब से सारी चीजें कर रखी होती हैं जैसे कि यूपी बिहार में आम का पन्ना सत्तू बनाई जाती है इसके अंदर तो उसका भी काफी लाभ होता है तो उससे काफी फायदा मिलता है धन्यवाद

Archana Mishra Bolkar App
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Housewife
1:06
हेलो एवरीवन स्वागत है आपका आपका प्रश्न है भारत के लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता दूसरे देशों से क्यों अधिक है तो फ्रेंड समाधि भारत में शुद्ध खाना खाया जाता है कि समय से बना हुआ फास्टफूड हम लोग नहीं खाते ज्यादा इसलिए हमारे यहां रोग प्रतिरोधक क्षमता है हमारे यहां दाल चावल सब्जी रोटी या सलाद फल खाया जाता है इसलिए यहां पर लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा है विदेशों में लोग पिज़्ज़ा बर्गर यह सब ज्यादा खाते हैं इसलिए वह फास्ट फूड होते हैं तो फास्ट फूड में इतनी ताकत नहीं होती जितनी हमारे घर के बने शुद्धता जी खाने में ताकत होती है दालों में सब्जियों में रोटियों में और हमारे फल फ्रूट जो है इसलिए हम लोगों के यहां रोग प्रतिरोधक क्षमता दूसरे देशों से ज्यादा है क्योंकि हमारे यहां का खानपान बहुत अच्छा है दूसरे देशों की अपेक्षा हम लोग ताजा खाना खाते हैं हम लोग ऐसा बासी पिज्जा पिज्जा यह सब नहीं खाते हैं इसलिए यहां की रोड क्षमता दूसरे देशों से ज्यादा है तो आपको जवाब पसंद आए तो लाइक कीजिएगा धन्यवाद

ekta Bolkar App
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Unknown
0:49
छा गया है भारत के लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता दूसरे देशों से क्यों अधिक है तो देखिए भारत में बहुत सारी चीजों को इग्नोर किया जाता है वैसे हमारे हेल्थ यीशु को हम कभी भी खाने से पहले यह नहीं सोचते कि चीज साफ है या नहीं अगर हमको पसंद है हम खा लेंगे हम कहीं का भी पानी बहुत आसानी से पी लेते हमें हमेशा आरो का यह मिनरल वाटर की जरूरत नहीं पड़ती हम नॉर्मल ट्रैक्टर से भी काम चला लेते हैं ऐसी बहुत सारी हमारी हैबिट्स है कुछ हैबिट्स हमारी गंदी में तो कुछ एडिट सच्ची हम ज्यादातर जो मौसमी फल है उसको खाने में बिलीव करते हो और जिस एरिया में रहते उस एरिया में आसपास जिस तरीके की फल सब्जियों की है हम ज्यादा उनको प्रचार करते इससे हमारा इम्यूनिटी सिस्टम दूसरों की अपेक्षा बेहतर होता है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

Vikash Bolkar App
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Unknown
2:21

Amit Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
1:03
नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सवाल भारत के लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता दूसरे देशों से क्यों अधिक है लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दूं आपने एक्सप्रेस अप लगाओ कि जो भारत देश है जिसमें सबसे अधिक शाकाहारी लोग यानी कि जो भी शाकाहारी लोग भारत में सबसे ज्यादा रहते हैं यही कारण है कि लोग जो साग सब्जी लोग उनके पैतृक संपत्ति दूसरी तौर पर भारत के जो लोग यहां पर मतलबी लोग ज्यादा से ज्यादा यही कारण है कि मुझे जो भी बीमारी आती है तो निश्चित तौर पर भारत के लोग ज्यादा होती है

अन्य लोकप्रिय सवाल जवाब

#धर्म और ज्योतिषी

Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
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👨‍🏫 Teacher.
1:24
किताबों में कहीं मैंने पढ़ा था जन्मकुंडली के संबंध में तो जहां तक प्रार्थना है की जन्म कुंडली में भाव क्या होता है तो जब जन्म होता है किसी का तो जन्म कुंडली जन्म के समय ही ग्रह स्थिति को प्रकट करता है और इसमें 12 भाग होते हैं यह ज्योतिष लोग बेहतर तरीके से बता सकते हैं और यह बारे भाव जो होते हैं वह हमारे जीवन के 12 आयामों का प्रतिनिधित्व करते हैं और प्रत्येक भाव का एक राशि से संबंधित होता है जिसमें उस भाव की प्रकृति व्याख्या होती है और इसमें हम बात करें तो इष्टकाल में जो राशि पुरवा क्षितिज में होती है वह लगन कहलाती है और इसे प्रथम भाव भी कहते हैं लगने जिस राशि में होता है उसके ऊपर रखकर बची हुई राशि को वामावर्त रख दिया जाता है जैसे घड़ी उल्टी अगर गति में बढ़ती है तो उसको वामावर्त कह सकते हैं प्राचीन विरासत जी ने नौ ग्रहों का आधार पर मानती है उनमें से 7 ग्रह ही अब मौजूद है राहु व केतु को छाया ग्रह माना जाता है और उन्हें गुरु तत्व शक्ति से भी जोड़कर देखा जाता है यही जन्मकुंडली की भाव है धन्यवाद

#टेक्नोलॉजी

Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए Rakesh Kumar Yadav जी का जवाब
👨‍🏫 Teacher.
1:00

#स्वास्थ्य और योग

KamalKishorAwasthi Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए KamalKishorAwasthi जी का जवाब
घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
1:26
सवाल ही आंख से पानी क्यों निकलता है और यह पानी नमकीन क्यों होता है देखिए आंसू आपकी भावना को बयान करते हैं कभी कभी खुशी बनकर तो कभी तकलीफ बनकर यह अक्सर आंखों से छलक जाते हैं आप कितने ही ज्यादा सहनशील और हिम्मत वाले क्यों न हो पर कभी न कभी जिंदगी में कोई ऐसा मोड़ जरूर आता है जब आप की आंखों से आंसू छलक जाते हैं कुछ लोगों को यह बात बड़ा ही बेचैन करती होगी की आंखों से आंसू निकलते हैं वह नमकीन क्यों होते हैं दरअसल आंसू के नमकीन होने के पीछे वैज्ञानिक कारण है वैज्ञानिकों के अनुसार आंसू में सोडियम क्लोराइड होता है इसके अलावा आंसू में लाए सो जाएं पाया जाता है आशु की हर एक बूंद रिपीट और अन्य फैट की बाहरी नियर नियर नियर नियर कुकर से बनी होती है दोनों लेयर एक सैंडविच की तरह एक पानी को प्लेयर बनाते हैं वैसे तकनीकी रूप से आंसू आंख में होने वाली दिक्कत का सूचक है यह आपको उसको होने से बचाता है और उचित साथ और कीटाणु रहित रखने में मदद करता है यह आंख की अचूक ने लिकाओं से निकलने वाला तरल पदार्थ है जो पानी और नमक के मिश्रण से बना होता है धन्यवाद

#खेल कूद

Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
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👨‍🏫 Teacher.
0:52
जनरल की दृष्टि से या जनरल नॉलेज की दृष्टि से जीवनदायिनी गैस और गैस को भी आप कह सकते हैं लेकिन आम तौर पर देखा जाए तो आखरी जन को हम लोग जीवनदायिनी गा सकते हैं क्योंकि यदि आप सीजन नहीं रहे तो एक तो हम साथ नहीं लेंगे और तुरंत हम मृत्युलोक पधार जाएंगे दूसरा यह है कि ऑक्सीजन के माध्यम से ही आग जलता है जैसे हम खाना बनाते हैं या जो भी आग से काम हो रहा है तो यह सृजन का काफी महत्वपूर्ण है और दूसरा है कार्बन डाइऑक्साइड यानी हम लोग जो सांस लेते हैं वापी जाने और छोड़ते हैं वह कार्बन डाइऑक्साइड है इस दोनों देशों का काफी भूमिका है लेकिन कुल मिलाकर हम जीवन देने के बाद करें जो हो जीव देता है तो वह सभी प्राणियों के लिए विज्ञान जो है महत्वपूर्ण है

#धर्म और ज्योतिषी

KamalKishorAwasthi Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए KamalKishorAwasthi जी का जवाब
घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
2:31
सवाल है चंद्रमा और सूर्य में एक ही आकार में क्यों दिखाई देते हैं देखिए चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है या सौरमंडल का पांचवा सबसे विशाल प्राकृतिक उपग्रह है इसका आकार क्रिकेट बॉल की तरह गोल है और यह खुद से नहीं चमकता बल्कि या तो सूर्य के प्रकाश से ही प्रकाशित होता है पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी लगभग 384403 किलोमीटर है या दूरी पृथ्वी के व्यास का 30 गुना है चंद्रमा पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी से एक बटे 6 है या पृथ्वी की परिक्रमा 27.3 दिन में पूरा करता है और अपने अच्छी के चारों ओर एक पूरा चक्कर भी 27.3 दिन में लगाता है यही कारण है कि चंद्रमा का एक हिस्सा या फिर हमेशा पृथ्वी की ओर होता यदि चंद्रमा पर खड़े होकर पृथ्वी को देखें तो पृथ्वी साथ-साथ अपने अक्ष पर * करती हुई नजर आएगी लेकिन आसपास में उसकी स्थिति स्थिर बनी रहेगी अर्थात पृथ्वी को कई वर्षों तक निहारते रहो वह अपनी जगह से टस से मस नहीं होगी पृथ्वी चंद्रमा सूर्य नीति के कारण चंद्र दशा हर 29.5 दिनों में बदलती है आकार के हिसाब से अपने स्वामी ग्रह के सापेक्ष या सौरमंडल में सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है जिसका व्यास पृथ्वी का एक चौथाई तथा द्रव्यमान 1 बटा 81 है बृहस्पति के उपग्रह के बाद चंद्रमा दूसरा सबसे घनत्व वाला उपग्रह सूर्य के बाद आसमान में सबसे अधिक चमकदार निकाय चंद्रमा समुद्री ज्वार और भाटा चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण शक्ति के कारण आते हैं चंद्रमा की तत्कालिक कच्ची अधूरी पृथ्वी के व्यास का 30 गुना है आसमान में सूर्य और चंद्रमा का आकार हमेशा समान नजर आता है चाहे इस प्रकार कर लीजिए सूर्य पृथ्वी से 400 गुना बड़ा है और चांद पृथ्वी से 400 गुना नजदीक है इसलिए ऐसा होता है धन्यवाद

#टेक्नोलॉजी

KamalKishorAwasthi Bolkar App
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घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
0:56
सवाल है विद्युत बल्ब के अंदर पतले तार को क्या कहते हैं और यह किस चीज का बना होता है देखिए ताप दीप्त ओलंपिया इन करंट इंसेंट लैंप को बोलचाल भाषा में बल्ब कहते हैं या ताप दीप्ति के द्वारा प्रकाश उत्पन्न करता है गर्म होने के कारण प्रकाश का उत्सर्जन टॉप दीप्ति कहलाता है इसमें एक पतला फिलामेंट तार होता है जिससे वह कर जब धारा बहती है तब या गर्म होकर प्रकाश देने लगता है फिलामेंट को कांच के बल्ब के अंदर इसलिए रखा जाता है ताकि अब तक फिलामेंट तक वायु मंडली ऑक्सीजन न पहुंच पाए और इस तरह प्रिया करके फिलामेंट को कमजोर न कर सके विद्युत बल्ब के अंदर आर्गन गैस भरी होती है विद्युत बल्ब का तंतु टंगस्टन का बना होता है धन्यवाद

#टेक्नोलॉजी

KamalKishorAwasthi Bolkar App
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घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
0:52
सवाल है पटाखों से निकलने वाली रोशनी अलग-अलग रंगों की किन कारणों से होती है देखिए अक्सर हम देखते हैं कि विभिन्न प्रकार के पटाखे फटने के बाद आसमान में रंग बिरंगी रोशनी बिछड़ते हैं इन पटाखों में रोशनी प्राप्त करने के लिए खास तरह के रसायनों का प्रयोग किया जाता है अलग-अलग रसायनों के हिसाब से ही पटाखों के रंगों की रोशनी अलग-अलग होती है रसायन विज्ञान में मौजूद तरह तरह के रसायनों को यदि किसी और वस्तु के साथ मिलाया जाए तो बार रसायनिक तत्व उसके साथ मिश्रित होने पर अपना रंग बदल लेते हैं पटाखों से हरे रंग की रोशनी निकालने के लिए उसमें बेरियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया जाता है धन्यवाद

#स्वास्थ्य और योग

Jyoti Malik Bolkar App
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Student
1:05
प्रश्न है पैरों के तलवों से अगर पसीना आता है तो उसे रोकने का कोई उपाय दी की सबसे बढ़िया तरीका है लैवंडर ऑयल लैवेंडर ऑयल में एंटीफंगल्स प्रॉपर्टीज होती है जिससे नासिर पसीना आने की समस्या दूर होती है बल्कि इंफेक्शन से भी बचाता है गुनगुने पानी में तीन से चार फूल लैवंडर एसेंशियल ऑयल डालें और इसमें 15 से 20 मिनट तक पैड वो कर बैठे कुछ दिनों तक रोजाना ऐसा करने से आपको खुद फर्क दिखने लगेगा इसके अलावा फिटकरी का भी उपयोग कर सकते हैं फिटकरी में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण पैरों से पसीना आने की समस्या दूर करता है साथ ही इससे आफ फंगल इंफेक्शन से भी बच सकते हैं इसके लिए एक चम्मच फिटकरी पाउडर को गुनगुने पानी में डालकर 15 से 20 मिनट तक पैरों को उस में डुबोकर रखें इससे पैरों में पसीना और बदबू आने की समस्या दूर हो जाएगी देखिए अगर आप नमक के पानी में भी पैड होते हैं तो अभी आपको जो पसीने की समस्या से निजात मिल सकती है धन्यवाद

#स्वास्थ्य और योग

Jyoti Malik Bolkar App
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Student
2:14

#धर्म और ज्योतिषी

Jyoti Malik Bolkar App
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2:26

#स्वास्थ्य और योग

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Unknown
1:07
प्लास्टिक अंडा प्लास्टिक अंडा से पहले भारत देश में प्लास्टिक चावल की बहुत तेज ज्यादा खरीदारी और बेस धारी हो रही थी क्योंकि प्लास्टिक चावल बाजार में बहुत सारे आ चुके थे उसी तरह प्लास्टिक का अंडा ज्यादा से ज्यादा फादर पेट में उपलब्ध हो रहा है वह प्लास्टिक का अंडा जिसके अंदर का बल का जो रहता है वह वैसे ही रहता है उसे हम छोड़ नहीं सकते और हम जिस नेचुरल अंडे को फोड़ कर अलग कर सकते हैं बल को उस तरह से अलग नहीं कर सकते और उसमें किसी भी प्रकार की खुशबू या बदबू नहीं आती जिस तरह ने 94 में आती है

#धर्म और ज्योतिषी

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घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
1:28
सवाल ही इंसान का रंग अलग-अलग क्यों होता है देखिए मानव त्वचा का रंग गहरे भूरे से लेकर हल्के गुलाबी श्वेत तक विस्तृत पर आ सकता है मानो तो चमकता प्राकृतिक वरण का परिणाम है मानव में त्वचा वर्ण अकता का विकास मुख्य तत्व तक आवेदन करने वाली पराबैंगनी विकिरण की मात्रा को विनियमित करने और इसके जीव रसायन प्रभाव नियंत्रित करने से हुआ है लोगों का वास्तविक रंग विभिन्न तत्वों पर निर्भर करता है यद्यपि सबसे महत्वपूर्ण तत्व मेलानिन इन वर्णक है मेलानिन इन का निर्माण त्वचा की उचित नामक कोशिकाओं के अंदर होता है और गहरे श्याम वर्ण के लोगों की त्वचा का रंग इसे ही निर्धारित होता है हल्के रंग के लोगों की त्वचा का रंग बारिश ताकि नीले सफेद संयोजी उत्तक और शिराओं में प्रभावित होने वाले हेमोग्लोबिन से निर्धारित होता है त्वचा में अंतर्निहित लाल रंग दृश्य मान होता है जो मुख्य रूप से चेहरे पर कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में अधिक दिखाई देता है जैसे व्यायाम के उपरांत तंत्रिका तंत्र की उत्तेजित अवस्था गुस्सा डर आदमी ऐसा दिखाई देता है धन्यवाद

#टेक्नोलॉजी

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घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
0:59

#रिश्ते और संबंध

Jyoti Malik Bolkar App
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सुनिए Jyoti Malik जी का जवाब
Student
1:22
देखिए ऐसा अक्सर काफी लोगों के साथ होता है कि वह तीन चार व्यक्तियों के सामने तो खुलकर अपनी बात रख सकते हैं लेकिन जैसे ही वह भीड़ के सामने कुछ बोलने की कोशिश करते हैं तो वह बिक जाते हैं और उनके हाथ पैर कांपने लग जाते हैं और मैं यह सोचते हैं कि सामने वाला क्या सोचेगा देखिए अगर वह यह समझे कि वह उन से अधिक बुद्धिमान है और उसका जवाब जो है वह दूसरों से अच्छा दे सकते हैं और लोगों को बेहतर समझा सकते हैं और इनसे लोग प्रेरित भी होंगे और खुद भी वह जो डर है वह काबू में ला सकते हैं अगर उनके अंदर यह बात यह भावना आ जाए तो वह अपनी जिंदगी में काफी आगे बढ़ सकते हैं देखें सबसे पहले जब भी कोई भी व्यक्ति स्टेज पर जाएं एक लंबी सांस लेकर यह सोचे कि मैं कर सकता हूं और यह मेरे लिए काफी मुश्किल बात नहीं है अगर वह यह दृढ़ निश्चय करके जाए कि वह किसी को कुछ समझाने की कोशिश कर रहा है या इससे लोगों का ही भला होगा लोग उससे प्रेरित होंगे अगर यह भावना अगर मैं मन में बैठा लेगा तो उसे थोड़ा समय लगेगा लेकिन वह हर व्यक्ति के सामने अपनी बात खुलकर कहेगा और सभा में चाहे स्टेज पर कहीं भी हो वह अपनी बात को आसानी से कह पाएगा धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

Vikas Sharma  Bolkar App
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No
0:43

#जीवन शैली

Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Unknown
0:53

#धर्म और ज्योतिषी

Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Unknown
1:05
कुछ लोग जैसे वैसे लोगों को दिखाने में सकुचाती क्यों है कि दूसरों के नजरों में अच्छा बनने की कोशिश करते हैं आप सुंदर देखना चाहते हैं आप अपने आप को स्वस्थ और हेल्दी और ब्यूटीफुल दिखाने की कोशिश करते हैं अपनी जो है याद करके अपने कपड़े पहने हुए करने के इच्छुक नहीं होंगे पर क्या चीज टाइप बगैरा सूट I3 पहन रखा तो लोग आपसे मिलने की और बात करने की इच्छा जाहिर करेंगे क्योंकि वह सोचेंगे कि आप कोई ना कोई बड़े आदमी दिखाना जो है आजकल के दौर के अंदर हर किसी का और यही कारण है कि जो दिखावटी जो दुनिया है इसके अंदर हम लोग फंसे हुए हैं तो आज आप हो या कोई और वह हर कोई व्यक्ति स्मार्ट बनना चाहेगा अपने आपको अच्छी तरीके से कपड़े इत्यादि सब जैसा है वैसा ही दिखाएंगे

#जीवन शैली

Rahul kumar Bolkar App
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Unknown
0:58

#खेल कूद

Rahul kumar Bolkar App
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Unknown
0:54
प्रिया सम्मोहन विद्या द्वारा किस तरह से किसी के मन को वश में कर लिया जाता है दोस्तों सब बिल्कुल भी नहीं है सम्मोहन विद्या वगैरह कुछ नहीं है परंतु आपको कुछ जरिया केमिकल जो इत्यादि होते हैं उन के माध्यम से आप किसी को भी अपने वश में तो कर सकते हैं परंतु उसकी जो मानसिकता जो है उसकी रियल लाइफ में उसको बस में नहीं कर सकते हैं आप किसी व्यक्ति को कोई शहर या कुछ केमिकल 41 लूंगा करके या किसी और तरीके से अपने वश में कर सकते हैं परंतु जो सम्मोहन विद्या ए ऑफिस से दूर रहिए क्योंकि यह जो ऐसी कोई विद्या नहीं है यह सिर्फ आपको किताब के अंदर भी देखने को नहीं मिलेगी परंतु धार्मिक किताबें उनके अंदर आपको देखने को मिल जाएगी कोई जादू टोने की जो चीजों की उम्र में देखने को मिल जाएगी परंतु कुछ भी चीज नहीं है आप किसी को केमिकल के माध्यम से लोगों का ब्रेनवाश करके आप जरूर किसी को वश में कर सकते हैं परंतु

#जीवन शैली

debidutta swain Bolkar App
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Motivational speaker
1:10
देखे किसी में दिमाग कम है या फिर किसी में ज्यादा होता है इसका कोई ऐसे मजा नहीं है हरेक लोगों का मतलब निरंतर हर एक कर लो काम माइंड पावर डिफरेंट होता है और और और और चिकन चीज है कि कुछ लोगों का न्यूट्रिशन के चमक को बचपन से मिलता है उसी के ऊपर भी उनका दिमाग के पावर को उत्पन्न करता है जैसे कि बहुत टाइम हम देखते हैं कि बच्चों को हमेशा मां के पेट में जब रहता है तो उस माता को ज्यादा खाना दिया जाता है ज्यादा एल्बम्स वगैरा और अच्छा से खाना दिया जाता है या फिर बच्चे के टाइम पर होने टाइम पर उनको ज्यादा सही प्रकार की पोस्ट खाना दिया जाता है इसीलिए क्योंकि उनका मानसिक विकास रहते हो पाए इसलिए हम बोल सकते हैं कि कुछ लोगों का दिमाग का भार सही ज्यादा होता है कौन किस लोगों का कम होता है और चिकन जितने भी बोलना कि कुछ कुछ लोग ज्यादा मेडिटेशन करते हैं माइंड को बहुत टेबल करते हैं बैलेंस करते तो कहीं ना कि उनका माइंड अच्छे से चलता है ठीक है तो इसीलिए मोहब्बत नाटक राज कर सकते हैं कि लोगों के दिमाग कैसे तेज अलग होता है लेकिन मैं पूरी तरह से ये बात मैं सहमत नहीं हूं कि आपकी माइंड का सार अपने साहब की बचपन पर है यह से मैं नहीं बोल सकता हूं तो आप चाहो तो अपने माइंड का साथ में स्पीड बढ़ा सकते हैं धन्यवाद

#खेल कूद

भारत बनेगा स्वर्ग नमामि गंगे Bolkar App
Top Speaker,Level 22
रेस्टोरेंट में मुनीम के पद पर कार्यरत
2:06
करियर का सवाल है क्या मर जाना है सभी समस्याओं का समाधान लिखो एक चीज तो है मर जाना आपने कहा मर जाना तो अपनी इच्छा से मरना बहुत गलत होता है जब ऊपरवाला कहते हैं कि जब पूरी जिंदगी हकीकत एक सुख-दुख इंसान ठोक के जब मरता है वह चीज होती है और उसमें समस्याओं से माना तो यह बता कि आदमी जो चलते फिरते मर गया उसकी उम्र पूरी हो गई वह मर गया तो उसका समाधान होगा जो चला गया ना कि समाज का समाधान हुआ ना उसके बेटे समाधान हुआ उसके बेटी समाधान वह सब का समाधान जब होता है जब जो घर में परेशानियां होती उनका निवारण हो जाता है जब ही उनकी समस्याओं का समाधान होता है समाधान वह नहीं कि आप सोचें कि आखिरी स्टेट है आज मर जाए उसके बाद हम से कोई तगादा करेगा नमाज समस्या रहेंगे उस सब कुछ सब जानते हैं मेरे पीछे कौन देखता कौन नहीं देता है और समस्या कुछ नहीं दिया तूने समस्याएं आपके लिए तो नहीं रहेगी आप चले गए आप मर गए चले आप समस्या का समाधान हो गया जो आप नहीं हो लेकिन जो आपके पीछे खड़े हैं जो आपके बच्चे हैं या फिर पति या पत्नी है आपकी और मां है पिता है भाई है उनके उपर समस्याएं आती हैं तो बस समस्या उनकी हो जाती है अगर उसकी समस्या समाधान एक अच्छे तरीके से करके जाए और जो है मर जाना ना सोच कर एक अच्छी समस्या समाधान करके जाए तो अच्छा है मर जाना एक से सभी समस्या समाधान नहीं है फिर जो इंसान खुद मर कर चला गया उसकी समस्याएं भी चली गई समस्या मेरी समस्या नहीं होती इंसानों पर नहीं समझते हैं तो बहुत कम होती हैं समस्याएं भी उत्पन्न होती है वह समाज से उत्पन्न होती हैं घर से उत्पन्न होती हैं और अपने कुटुम समाय मेरा कहना है मर जाना ही समस्याओं का समाधान नहीं है

#जीवन शैली

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1:42
छोटी-छोटी बातों को और हमको चिढ़ हो रहा है तो इसके लिए मैं आपको एक सलाह दूंगा कि ट्राई करिए ठीक है कोशिश करेगी ज्यादा शांत रहने के लिए ज्यादा शांत रहने के लिए ज्यादा था आप एक अपने आप में एक के टारगेट सेट करें कि मैं इन चीजों को ना ज्यादा नहीं बोलूंगा या फिर आज के दिन में में टोटल में एक व्हाट्सएप पर एक सौ सेंटेंस बोलूंगा एक सौ बार क्यों बोलूंगा जिससे ज्यादा नहीं बोलूंगा तो इतने क्या होगा ना कि हमारी माहित को माइंड का हमारे मुंह साइलेंट रहेगा तो मेरे माइंड भी उसके बाद में थोड़ी शांति बन जाएगा और जब मन शांत बन जाएगा तो बन जाएगा तो हम हर एक बातों को ना अच्छी तरह से हम सोचेंगे समझेंगे कि हां यह बात तो क्या है क्यों है कैसा है उसको जब आप अच्छे से समझेंगे तो हमको चैट नहीं आएगा और हम उसे सलाह निकालने क्यों मत दिमाग में कोशिश लेट होगा ठीक है हम खुद चाय कोशिश करने लगेंगे कि इस जो प्रॉब्लम सिस्को समाधान कैसे करेंगे ऐसा नहीं कि आप चैटिंग नहीं रे हम दे देंगे ठीक है तभी होता है जब हमको समझता नहीं है प्रकाश से जब प्रॉब्लम पाया जब कोई चीज हम सुनील समझे तो फटाक चमन सरधना स्टार्ट कर दिए थे टिकट कब का मतलब ही बोलते हैं इंग्लिश में कि कुछ ना सोचे समझे उसको एक संदेश देते हैं तो इसी तरह में बोलना चाहूंगा कि हम अपने आप को रखना सिखाइए टिकट लेने कि आप चैट करो नहीं होगी लेकिन दूसरे जिलों में भी बेकार की बातें करते हैं जब आप फालतू की बकवास वगैरा करते हैं ठीक है हमें तो अपने को कंट्रोल करेगी थोड़ा शांत रहिए जब आप शांत करें ना पेक्टिस करोगे उसके बाद आपको ज्यादा चैट नहीं रहोगे और यह मेरा पर्सनल मैं यह प्रश्न टेक्स्प्रिंट्स चली तो इस हिसाब से मैं आपको सलाह दे रहा हूं

#रिश्ते और संबंध

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Motivational speaker
1:48

#जीवन शैली

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Motivational speaker
0:57
के समाज में जब आज कल की है जो झूठ फैलाया जा रहा है काफी इसका लिए बस के लिए बड़ी आगे की भूमिका निभा रहे हैं हमारे जो मीडिया हाउसेस यूटीवी है इसमें कहीं ना कहीं बहुत प्रकार की छूट छूट को फैलाया जा रहा है तो इसलिए मेरा हमेशा आपको राय है कि आप जब टीवी वगैरह को देख रहे हैं तो आपके अंदर में कंटेंस को दिखाइए जो धर्म के ऊपर हो जो जाति के ऊपर की हो जो देश के ऊपर क्यों जो आपको गुस्सा आंगन इससे देने वाली काम होते उनसे अपने आपको पहले दूर रखा है और दूसरी बात क्या है क्या आपके पास गूगल है आपके पास एक फोन है क्या ऑफ इंफॉर्मेशन से तो आप जो भी आपको जानना है ना आप उसको गूगल में रिचार्ज करिए उसको पढ़ उसको इंफॉर्मेशन स्कूल लीजिए और उसके पीछे थोड़ी रिचार्ज करें एक छोर से कभी भी मत देखना 500 उसको मिलाकर हमेशा इंफॉर्मेशन को लेना ठीक है सूचना को लेना तभी आप एक के झूठ तो झूठ फैलाया जा रहे साइड में उससे आप बच पाओगे नहीं बच पाओगे
  • भारत के लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता दूसरे देशों से क्यों अधिक है, भारत के लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक कैसे है
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