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क्या आप ब्रह्मांड की कुछ रहस्यमई बात बता सकते हैं?


3 जवाब
   


 Bolkar Amit singh baghel


पूछा क्या ब्रह्मांड की पूछ रहे हैं इसमें ही बात बता सकते हैं तो देखे बिल्कुल बता सकते हैं लेकिन सबसे पहले तो अगर मैं बताऊं तो अंतरिक्ष में हम सुन नहीं सकते वह इसलिए कि हमारी आवाज को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने के लिए हवा का होना जरूरी है जो धरती पर तो वातावरण की वजह से मौजूद है लेकिन अंतरिक्ष में कोई वातावरण नहीं है एकदम काला और सुनसान है इसलिए वहां हम एक दूसरे की आवाज नहीं सुन पाते इसलिए अंतरिक्ष यात्री एक दूसरे से संपर्क बनने के लिए रेडियो तरंगों का इस्तेमाल करते हैं तो अगर मैं और कुछ बताऊं तो क्या है कि ब्राह्मण में कुछ भी स्थिर नहीं है यानी कोई भी चीज ऐसी नहीं है जो हमेशा अपनी जगह पर टिकी ब्रह्मांड की हर चीज गतिमान और साथ ही साथ परिवर्तनशील भी है और चंद्रमा चंद्रमा हमारी जो धरती का चक्कर लगाता है हमारी धरती सूरज का चक्कर लगाती है और सूरज भी हमारे सारे ब्रह्मांड के साथ मंदाकिनी का चक्कर लगा रहे हैं और मंदाकिनी यानी कि द मिल्की वे गैलेक्सी भी अंतरिक्ष में गति कर रही है तो यह है जय हिंद जय भारत
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उनकी कुछ रहस्यमई बातें बता सकते हैं 140 करोड़ साल पहले सोच में बिंदु में महा विस्फोट हुआ उसको बिग बैंग कहते हैं विस्फोट से बिंदु टुकड़े-टुकड़े होकर इधर-उधर भटकने लगा धन की शुरुआत हुई आकाशगंगा है तारे ब्लैक कोबरा यह सब बने निर्माण के फैलने का सिलसिला अभी भी जारी एक दिन आएगा ऐसा खेलना बंद हो जाएगा 1998 में हबल टेलीस्कोप की वजह से पता चला कि ब्रह्मांड जिस रफ्तार से चल रहा है वो रफ्तार भी लगा लगातार भवानीपुर बाहरी ताकत वैज्ञानिकों का मानना है कि सर्दी के कारण राजेंद्र जी हमारे आसपास हर जगह मौजूद है हमें दिखाई नहीं देता जितना यह ब्रह्मांड दिखता है उतना समूचे ब्रह्मांड का सिर्फ पांच परसेंट हिस्सा है डार्क एनर्जी और सकती है बाकी 27 तहसीलदार मैटर है 1935 में खोजा गया था इसे भी देख नामुमकिन नहीं है इसलिए इसका असर दिखता है दरअसल डार्क मैटर ही इतनी ताकत और ग्रेविटी पैदा कर रहा है कि आकाशगंगा के सारे सारे एक ही गैलेक्सी में बंधे रहते हैं इधर उधर नहीं दिखाते या डांट नाटक रोशनी को दर्ज करता है और ना ही उसे रिफ्लेक्ट करता है या अनु परमाणु से ना बनाओ पर ऐसे जटिल और हस्बैंड के बारे में अभी तक हमें पता नहीं चला कुल मिलाकर डार्क मैटर को बांधे रखने काम करता है डार्क एनर्जी ब्रह्मांड का लगातार विस्तार करती है जिसकी वजह से हर गैलेक्सी एक दूसरे से फासला बढ़ता जाएगा इस ब्रम्हांड में ब्लैक और नाम की एक ऐसी चीज जो अपने सामने आने वाली हर चीज को निकल जाती है ब्लैक ऑल सबकुछ खींच लेता है यहां तक की रोशनी को भी खींच लेता है और यह इस ब्रह्मांड का कोई केंद्र है सच्चाई है कि ब्रह्मांड का कोई केंद्र नहीं है दूसरी कोई गलत धारणा यह है कि ब्रह्मांड कुछ और बनने के लिए फैल रहा है जबकि सच्चाई है कि धमाल फैल चुका है लेकिन कुछ अलग बनने के लिए नहीं है अक्सर तो एक मिसाल यह भी जाती गुब्बारे के फैलने की ब्रह्मांड वैसे ही चल रहा हवा भरने वाला जो चलता है लेकिन यह सही है बाहर हवा की जगह कुवैत आए तो ब्राह्मण को खुद में पड़ता है उसका विस्तार किसी बाहरी इलाके में नहीं होता है और डार्क मैटर की क्या है प्रकृति का केस के लेटर की माफी का भ्रमण खेलने की रफ्तार बढ़ा रहा है हमें तो यह पता करना कि डार्क एनर्जी कर क्या रही है यह पता नहीं कैसे यह है क्या अगर पता चल जाए तो अतीत वर्तमान और भविष्य के तमाम विद्याशक्ति आखिर में इस ब्रह्मांड का क्या होगा इस बार तो तय होगा कि डार्क एनर्जी में असल में है क्या इसलिए ब्रह्मांड एक तरह से ब्लैक होल कैसे बना पहला वाला यह हमें देखना चाहिए कैसे आकाशगंगा बनी बिग बैंक से पहले क्या हुआ और 20 बरस में अभी तक हम सुनहरे दौर से गुजर रहे हमारे पास अभी सभी जरूरी उपकरणों देता है अपने दर्शन की भी पढ़ाई की होगी यह ब्रह्मांड क्यों बना इसके पीछे क्या मकसद है लेकिन मकसद तो हम खोजे इसका कोई प्रयोजन नहीं है कोई कारण नहीं हम सब बुलबुले हैं ना पूर्व जन्म और ना ही पुनर्जन्म मेरा पूर्व जन्म में विश्वास नहीं है नहीं अगले जन्म में सच्चाई है कि पूरे ब्रम्हांड के सामने हम और प्रासंगिक है हमारी कोई औकात नहीं है हमारे चारों ओर पृथ्वी के करीब 5000 ग्रहण कहीं ना कहीं जिंदगी होगी यह जिंदगी जरूरी नहीं कि हमारी तरह बहुत ही प्राथमिक स्तर का जीवन भी हो सकता है मछली जैसा या उन्नत रानी भी हो सकते हैं लेकिन अपने ग्रह के हिसाब से हम कुछ प्रभावी हैं हमारे पास भी विनाश की क्षमता है हम अपने ही ग्रह को बर्बाद कर रहे हैं और जलवायु परिवर्तन धन्यवाद
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