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निबंध और लेख के बीच अंतर स्पष्ट करें?


1 जवाब
   


 Bolkar डा. इन्दु प्रकाश सिंह


क्रेप परी इस साहित्यिक प्रश्न को पूछने के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद मित्र आपने पूछा निबंध और लेख के बीच अंतर स्पष्ट करें तो निबंध जो है होली के विचारों के संग्रह हैं निबंध को अंग्रेजी में ऐसे कहा जाता है समझे आपने इसमें विचारों को तर्कसंगत ढंग से प्रस्तुत किया जाता है और लेट को आर्टिकल कहा जाता है यह अपने जिसमें हैं पराया परिचयात्मक संदर्भ होते हैं तो निबंध जो होता है वह विचार प्रधान ज्यादा होता है उसमें वैचारिक संदर्भों को ज्यादा प्रभावी ढंग से स्थापित किया जाता है तर्क दिए जाते हैं प्रमाण दिए जाते हैं अपनी बात को स्थापित करने की चेष्टा की जाती है और लेट में जो दिया जाता वह परिचयात्मक होता है उसमें विवरण भी हो सकता है वर्णन भी हो सकता भावना सट्टा विचार भी हो सकता है तो निबंध से इसका आंसर इस मामले में ज्यादा है कि निबंध विचार प्रधान होते हैं और निबंध में प्राया है जो लेखक होता है वह अपने विचार को स्थापित करता है बलपूर्वक स्थापित करता तर्क देकर स्थापित करता है लेख में अपने विचारों के बजाय बहुत से विचारों का संकलन किया जाता है और परिचयात्मक स्वरूप में उसे प्रस्तुत किया जाता है कि हालात दोनों निबंध की विधाएं हैं और अब हिंदी में बच्चों से एग्जाम में निबंध पूछा जाता है लेकिन वास्तव में लेख लिखते हैं निबंध तो बड़े-बड़े आलोचकों समालोचन की लेखन शैली होती है और इस दृष्टि से हिंदी साहित्य में निबंध के लेखक के रूप में प्रताप नारायण मिश्र और बकरी बालकृष्ण भट्ट दो का नाम सबसे पहले यह जाता है जिन्होंने हिंदी निबंध में प्रभावी लेखन शुरू किया आचार्य शुक्ल ने अंग्रेजी के विद्वान स्टील और एडिशन समकक्ष मानते हैं उसके बाद स्वयं आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी निबंध को उसके उत्कर्ष पर स्थापित किया उनकी किताब का नाम है चिंतामणि चिंतामणि में उन्होंने भाग 1 भाग 2 भाग 3 में अपने विचारों को बहुत ही प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है उसके बाद निबंध के खेत में फिर लिखो की एक पूरी जमात मिलती है इसमें हजारी प्रसाद द्विवेदी रामविलास शर्मा अपना आसमा कुबेरनाथ राय दुलारी बाजपेई कितने नाम लिए जा सकते हैं लेकिन इसको हिंदी साहित्य में निबंध को 19वीं सदी 18 सो 68 के बाद शुरुआत भारतेंदु से मांगी तो भारतेंदु के समय से ही हिंदी निबंध लेखन की परंपरा का आरंभ होता है कालांतर में दो भागों में बटी यह को आलोचना का गया और दूसरे को ललित निबंध का गया लेख के बारे में ऐसा कोई व्यवस्थित है अभी अपने लेखन नहीं हुआ है
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