#धर्म और ज्योतिषी

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6:56
जी आपने बहुत ही अच्छा सवाल किया और बहुत सारे लोगों के मन में यह ख्याल रहता है कि भाई हम मंदिर क्यों जाएं जब भगवान हमारे भीतर ही हैं तो तुझे अच्छी बात है आप अगर नहीं जाना चाहती तो मत जाइए कोई दिक्कत वाली बात नहीं है लेकिन भगवान को ढूंढने अगर आप मान दे जाते हैं तो वह भी सही वाली बात नहीं है लेटर जानते हैं ओके और आप बोलते हैं कि भगवान वहां मिलते नहीं है मेरा काम बनता नहीं है तो मंदिर क्यों जाओ भगवान तो मेरे अंदर है वगैरह वगैरह तो एक एक और बात तो सही है ना जो भगवान लोगों के अंदर है तो लोग गलत काम क्यों करते हैं मैं भगवान अगर हैं अंदर तो उनसे गलत काम काम क्यों करवा रहे हैं लेकिन को रहे हैं गलत था क्योंकि उनको उनकी मौजूदगी का एहसास ही नहीं है अब क्यों नहीं है ऐसा क्योंकि पता ही नहीं है अब पता क्यों नहीं है पता है इसलिए नहीं है क्योंकि भगवान साक्षात रहो आपने एक अप्रत्यक्ष रूप में या किसी भी तरीके से अंदर नहीं है जो हां भाई मैं हूं भाई गया ऐसा मत करो वैसा मत करो यह मत करो वह मत करो ऐसा कुछ भी नहीं है फिर बड़ी सिंपल सी बात है क्रिएचर ने सुप्रीम पावर नहीं जिसे हम ईश्वर भगवान बोलते हैं उन्होंने सृष्टि का निर्माण किया और उससे सही में हम भी आ गए और हमारी उत्पत्ति हुई और हमें एक फिजिकल फॉर्म दे दिया शरीर दे दिया जो कि बहुत ही सोफिस्टिकेटेड इंस्ट्रूमेंट के लिए डिवाइस के दीजिए मशीन के लिए वह है जो कि बहुत ही सोफिस्टिकेटेड यंत्र लगे हैं और बहुत सारे तो ऐसे हैं जिनके बारे में हमें खुद ही पता नहीं है और हम लगे अपने शरीर को चलाने और कोई ऐसे चलाते हैं कोई वैसे चलाता है लेकिन s2p किसी भी नहीं इतने भी नहीं पढ़ा हुआ यूजर मैनुअल इस बॉडी का किसी ने भी नहीं पढ़ा हुआ दिक्कत है यूजर मैनुअल है क्या हां है हमारे वेद हैं हमारे उपनिषद है हमारे रामचरितमानस वर्मा पिता बगैरा तो बाद में आए हैं और कहानी के गरीबों लिस्ट को बताने की कोशिश की गई है ओके बाय सवाल पर आते हैं जो आप बोल रहे थे हमारे अंतःकरण में भगवान है कि भगवान हमें इस तरीके से तो दिखते नहीं है समझ तो आते नहीं है फिजिकल फॉर्म में हम जो फिजिकल फॉर्म में देखते हैं तो हमारे शरीर में हालांकि देखा तो मैंने भी नहीं है हमारे शरीर में क्या है हमारे शरीर है जिसके अंदर आत्मा है बहुत ही दुख में सुख शांति स्तूप मिशन कहते हैं शरीर कई पदों का होता है सीट कैसे हैं उसे नियर कहते हैं वगैरा-वगैरा हमारे अंदर सुविधाएं हैं हमारे अंदर मन है आचार्य जब आप बोलते हैं तो रहते हैं आपका यह लेफ्ट साइड में बॉडी के हॉट व्यापम परिमार्जन इसको अफरीदी मत बोलिए खरीदे हैं सर में शरीर के दाहिने तरफ में होता है और यह भी सुख में होता है ऑपरेशन करके यारों शरीर को काटकर आप खरीदे को नहीं देख सकते हैं इसी तरीके से मन होता है मन भी सुख में होता है और बाकि आदमी परिजनों हमारी इमोशंस रही है वह वाला कहानी और इन सब को हमारे शरीर को आत्मा को बांधे रखती है वह होती है प्राण ओके जब किसी के प्रति होती है तो प्राण चले जाते हैं मन चला जाता है आत्मा चली जाती है मन जो है वह आत्मा का स्वरुप है और इसी तरह आत्मा जो है वह परमात्मा का स्वरुप है प्रतिबिंब है अंश है जो भी आप समझ लीजिए वह सब कुछ है और वह हमारे भीतर है अब होता यह है कि मन के कारण हम उस तक पहुंच नहीं सकते कोई रास्ता भी नहीं बताता कहीं पर अगर कहीं कुछ समझ भी आता है कि यहां यहां कुछ होता है तो हमारा मन पानी डालता है मन चंचल होता है ना तो बहुत सारी कहानी होती है और नेट से लिए होता है कि भाई डेफिनेटली परमात्मा के रूप में आत्मा है हमारे अंदर और हम कुछ और नहीं है हम वह आत्मा है जो कि इस शरीर में है शरीर एक वस्त्र जैसा है इस भजन में हमें यह वाला वस्त्र मिला है जब समय पूरा हो जाएगा जब से पुराने हो जाएंगे फटे पुराने हो जाएंगे हम यह वस्त्र छोड़ कर हम मतलब आत्मा यह वचन छोड़कर अपने लोग चली जाएगी फिर कर्मानुसार उसको एक और जीवन मिलेगा और उसको एक नया वस्त्र मिलेगा तो जी अब आप बोलते हैं मंदिर क्यों चाहते हैं या जाना चाहिए नहीं जाना चाहिए जी देखिए परमात्मा का अंश हमारे अंदर है जवान नमस्ते बोलते हैं इसका मतलब क्या होता है आई एक्नॉलेज द प्रेजेंट ऑफ डिवाइन विद न्यू बहुत हुई हो आपके अंदर जो जो देवी शक्ति है उसको मैं प्रणाम करता हूं और एवं अंतर यह होता है नमस्ते करने का मतलब जो हम बहुत पहले से जानते हैं बहुत पहले से करते हैं उसके उसका सिग्निफिकेंट हम भूल गए हैं और तुझे ऐसा है मंदिर वगैरह लोग इसलिए जाते थे या पहले समय में जो मंदिर बनते हुए भगवान को देखकर हां भगवान को मिलने जाना है ऐसा नहीं होता था वह मंदिर बनते थे स्पेसिफिक बनते थे जो मैट्रिक के लिए बहुत है लाइन होते थे इसलिए ताकि उसमें उन देवी देवताओं की या भगवान की एनर्जी इस स्थापित की जाए ओके प्राण प्रतिष्ठा होती थी मूर्तियों की वहां पर एक तरीके की स्पेसिफिक एनर्जी मिलती थी आपको और लोग सुबह काम पर जाने से पहले मंदिर होते हुए काम पर जाते थे या जहां भी जाना होता था ताकि पूरे अच्छा जब मैं उस एनर्जी से जिस एनर्जी में सराबोर होकर जा रहे हैं उस समय लोग मंदिर जाते थे बैठे थे ताकि जैसे उसने मोबाइल चार्जिंग पर लगा दो थोड़ा चाचा को जाता है बैठते थे थोड़ा चार्जिंग में जाता था और अपने आप को कनेक्टेड महसूस करते थे भगवान से और फिर या उस एनर्जी सोर्स और फिर जाते थे आज भी ऐसे बहुत सारे ऐसे मंदिर हैं आज तभी तो नहीं लेकिन बहुत सारे जहां पर आप ऐसा महसूस करेंगे मंदिर जाने को मैं मना नहीं करता आपको जाना चाहिए अगर आपको जाना अच्छा लगता है लेकिन वास्तव में देखा जाए तो आगे आप अपने आत्मा की तरफ अगर आप अपने अंदर जाने का प्रयास करेंगे अपने आपको जानने का प्रयास करेंगे तो वह ज्यादा बेहतर होता है जब आप ऐसा सोचते हैं थोड़ा व्यस्त ज्यादा रहते हैं गलत कर्म नहीं करते हैं धर्म के रास्ते पर चलते हैं तो आप डेफिनिटी परमात्मा के नजदीक चाहते हैं

#टेक्नोलॉजी

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2:09
अच्छा यह सुनकर थोड़ा ताज्जुब हुआ होता जो फैसले की लड़कियां चांदनी ऐसा कुछ सोच भी नहीं सकती है करना तो दूर की बात है तो यह है लेकिन फिर भी चलो उन्होंने ऐसा कर दिया तो यह तभी संभव होगा जब भैया एक ही तरह के की एक ईरान की एक ही में की स्कूटी होगी तभी ना आधे भाई इस कैसे देखें समझते हैं इसको थोड़ा गाड़ी में नंबर प्लेट दो जगह होता है चाहे वो टू व्हीलर हो या फोर व्हीलर हो एक सामने होता है एक पीछे होता है गाड़ी के स्कूटी में भी ऐसी होता है एक सामने होता है बॉडी पर हो रही पीछे होता है और टायर के ऊपर ठीक है अगर नंबर प्लेट बदल दिया है किसी ने तो कोई फर्क नहीं पड़ता हर एक अबे कल का एक अच्छे से से नंबर होता है सी एच ए एस आई एस या मॉडल नंबर या मेक नंबर 112 आगरा 25 नंबर इंजन नंबर दो चीजें होती हैं चेसिस नंबर मतलब बॉडी का जो नंबर दो इमो पर टिका होता है यह और एक होता है इंजन नंबर अगर आप अपनी स्कूटी को ध्यान से देखेंगे तो अलग-अलग स्कूटी पर अलग-अलग जगह पर है उसका चेसिस नंबर या बॉडी नंबर लिखा होता है ना वह आपके पास स्कूटी के कागज तो होंगे तो आप उस कागज पर देख लीजिए और उसकी एक फोटो कॉपी ले लीजिए और उसे स्कूटी के का नंबर उससे मिला लीजिए और बोलिए भाई यह देखो भाई यह कागज से यह मेरे नाम का कागज है इस पर यह नंबर है यह मेरा आर सी है कागज की आरसी आप ले लो और यह मेरा बेकार है आराम से सितंबर है और स्कूटी पर मैच करा लो फिर तो यह आपका ही स्कूटी हुआ ना नंबर प्लेट बदल दिया तो फिर क्या फर्क पड़ता है और यही चीज अगर वह नहीं मानती है लोग नहीं मानते तो आप पुलिस के पास चले जाइए नजदीकी थाने में चली जाएगी देखिए मसला यह है ना तो ऐसा आप कर सकते हैं ना शायद मान जाए हां क्योंकि नंबर पर बदलने से कुछ नहीं होता है जब तक उसका बॉडी नंबर या चेसिस नंबर दो आपका आया आपको बिलॉन्ग करता है तो

#धर्म और ज्योतिषी

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2:53
देखिए ऐसा एक जाके नहीं होता है कि अगर आपने भागवत गीता पढ़ लिया तो आज जिंदगी की उथल-पुथल हम जाएगी ऐसा नहीं होता है जी देखिए ऐसा है कुछ कि आपका हमारा हम सब का जीवन हमारे कर्म अनुसार इस तरीके से उस तरीके से चलता चला जाता है हम हमेशा गर्म करते हैं का कर्म फल होता है अगर हमारा कर्म सही होता है आज सही समय पर सही चीज किया जाता है तो उसका पैसा रिजल्ट भी सामने दिखता है आज हम जो भी कुछ है अपने चॉइस इसके हिसाब से हैं अपने डिसिशन के कारण है जो अभी तक आज तक हमें जैसी खड़ी है फैसले लिए पैसे में यह भी होता है कि भाई पढ़ाई करना था नहीं करना था इस समय यह कहना था उस समय वह करना था इस समय से ऐसी बात करनी थी उस जॉब के साथ आगे बढ़ना था है इससे पैसे नहीं लेने थे बिजनेस में नहीं लगाने से बहुत सारी चीजें तो जब हम जीवन की बात करते हैं तुझे देखे जीवन में संघर्ष बने रहेंगे उतार-चढ़ाव जीवन का हिस्सा होता है वह रहेगा तो क्या बदलता है अगर आप भागवत गीता पढ़ते हैं और पढ़ने का मतलब यह नहीं होता कि आपने एक रीडिंग लगा ली पूरे किताब की और आप सोच रहे हैं कुछ फायदा नहीं हुआ जी नहीं आपको ऐसे ही रीडिंग नहीं लगानी आप उसको पढ़िए दिन में एक पन्ना जो करना पड़े 3 बनने पढ़िए और देखिए कि उससे क्या समझ आता है क्या सीख मिलती है भगवत गीता और कुछ नहीं है आपको बताती है कि जीवन क्या है जीवन को जीना कैसे हैं सही दिशा में कैसे जाना होता है और जब हमें यह पता लग जाता है कि दिशा सही यह है तो भले ही संघर्ष जैसा भी हो आप को एक संतोष होता है कि कम से कम में सही दिशा में तो हूं हाथ में गिलानी की भावना नहीं आती है वगैरह वगैरह तो जीवन के संघर्ष बने रहेंगे जब आप गीता पढ़ते तब आपको जीवन के संघर्षों से जूझने की हिम्मत आ जाती है ताकत आ जाती है दिशा मिल जाती है समझ आ जाता है यह समझ आने लगता है अगर आपने ध्यान से उसको पढ़ा है उनकी बातों को देखा है समझा ऐसी काहे जाना है हर जीवन को एक तरीके से जीने का के बारे में आपने सोचा है और जीने का प्रयास कर रहे हैं तो जीवन थोड़ा उन्हीं समस्याओं में उसने का परिस्थितियों में जो थोड़ा कठिन लगता था अब थोड़ा लगता है कि हां चलो ठीक है कोई बात नहीं मैनेज हो जाएगा निकल जाएंगे इस परिस्थिति से भी होता कुछ नहीं है सिर्फ नजरिए का फर्क होता है तो नजरिया बदला और आपको जीवन थोड़ा बेहतर लगने लगता है बस यही होता है

#टेक्नोलॉजी

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4:00
जी देखिए कोई भी काम पर ही कोई भी मैन्युफैक्चरर्स इन कोई वस्तु बनाते हैं कोई प्रोजेक्ट यह आइटम बनाता है तो प्राइमरी देखा जाए तो मोटे-मोटे दो खर्चे होते हैं पहला खर्चा मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट उस चीज को बनाने में क्या-क्या लागत आई क्या क्या खर्चा हुआ है कि वह राइट फ्रॉम ही और रॉ मेटेरियल से लेकर वह प्रॉडक्ट जब निकला जब तैयार हो गया उसकी पैकेजिंग हो गई और वह डिलीवरी के लिए तैयार है वह प्रोडक्ट तैयार है वेयर हाउस में रखा हुआ है तो इस दौरान क्या क्या खर्च है आए यह हो गया मेरे पास रिक्वेस्ट उसके आगे का जो कष्ट होता है वह होता है कि आपका डिस्ट्रीब्यूशन यहां डिलीवरी या फिर बहुत सिंपल सब शब्दों में वह जो तैयार प्रोडक्ट अभी है इसको ग्राहक तक कैसे पहुंचाया जाए अब ग्राहक में हो सकता है वह इंडिविजुअल एक एक ग्राहक को देना हो हो सकता है कि कॉरपोरेट को दे क्या हुआ मतलब एक जगह पर आपको बहुत सारा सामान देना हो प्रोडक्ट देना हो हो सकता है आप किसी मीडिया को बिचौलिए को देते हो और ऐसे करके होता है अच्छा तो इसके बाद की जो कहानी आती है और उस कहानी को आगे ले जाने के लिए लोगों को बताना पड़ता है मार्केटिंग टीम आती है सेल्स टीम आती है बहुत सारी कहानियां होती है उसमें भी लागत लगती है तो लादेन खाली यहां पर नहीं लगती अच्छा अब आपने देखा होगा कि मान लीजिए कहीं पर किसी कंपनी ने कोई प्रोडक्ट बनाया अब आपको और हमको यह किसी और को कैसे पता चलेगा यह सामान उपलब्ध है इसकी यह प्राइसेज किए गुणवत्ता है जब तक उसका प्रचार प्रसार ना हो अब प्रचार-प्रसार करने के लिए कंपनी क्या करती हैं और ब्रिटिश मैन वगैरा करती है कैसे करती है भाईजान डिलीवर न्यूज़ टीवी पर जाती हैं राइट क्योंकि अधिकतर लोग हैं टीवी देखते हैं आजकल सोशल मीडिया है प्रिंट मीडिया है तो बहुत सारी तरीका और एक डिजिटल मीडिया के माध्यम से लोगों तक यह बात बताई जाती है कि यह लो भाई यह मार्केट में नया प्रोडक्ट है यह इस कंपनी का है या यह हमारा अगला प्रोडक्ट है यह अपग्रेडेड वर्जन वगैरा वगैरा तो एडवर्टाइजमेंट जो खास होता है वह भी बहुत ज्यादा लग जाते हैं क्यों लग जाते हैं भाई जान रे लीलो किसको बुलाते हैं स्पोर्ट्स पर्सनालिटी को बुलाते हैं किसी और को बना बुलाते हैं किसी सिंगर को बुलाते हैं ऐसे ऐसे लोगों को बुलाते हैं उनकी फीस होती है भाई एक छोटे से 10 सेकंड 15 सेकंड के लिए उनको उनको करोड़ों रुपए देने होते हैं तो बहुत सारी बातें होती तो इसीलिए वो जो प्रोडक्ट है भले ही उसका लागत कम होगा और डेफिनेटली कम होता है या नहीं तो कहां पर नहीं बना था कैसे करेगी तो उनका लागत बहुत कम होता है उसके बाद की कहानी बहुत लंबी होती है आज में बहुत सारे लोग इन बाल होते हैं और कंज्यूमर तक ग्राहक तक वह वस्तु पहुंच जाएं इसके लिए काफी कदम उठाए जाते हैं जहां पर पैसा लगता है इस चाहे वो साबुन और यह स्मार्टफोन इतने महंगे आपको होने लगते हैं या देखने लगते हैं यही कारण है और कोई कारण है नहीं आ देखेंगे अगर कोई चीज आप इंपोर्ट करके लाते हैं मान लीजिए कोई काम पर नहीं कोई सामान इंपोर्ट करती है तो वहां पर कंपनी को इंपोर्ट ड्यूटी देना पड़ता है कस्टम्स को पैसे देने होते हैं वगैरा-वगैरा तो बहुत सारी कहानी होती है अगर वैसे घर के सामान आता है तो सामान अगर एक स्टेट में बनता है और दूसरे स्टेट में जाता है तो डेफिनेटली लो बहुत सारे हाटैक्स एप्लीकेबल हो जाते हैं यहां ट्रैवल ट्रांसपोर्टेशन तो यह सारे भी खर्चा ही होता है देखा जाए तो जो भी प्रोडक्ट बनता है उसकी कीमत उतनी नहीं होती जिस जिस कीमत पर आप खरीदते हैं अगर वह उसी कीमत पर आपको देने लगेगा तो उसका फायदा क्या होगा फायदा नहीं होगा ना इसलिए इनकी कीमतें आपको ज्यादा दिखती हैं या ज्यादा है असली में

#जीवन शैली

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5:31
जी बहुत ही अच्छा सवाल है चलिए इसको थोड़ा समझते हैं जब हम एक दूसरे को देखते हैं आप मुझको मैं आपको तो मैं आपको अपने से अलग देखता हूं क्योंकि आप एक सर्जिकल फॉर्म में है मैं एक फिजिकल फॉर्म में हूं आपको मेरा स्वरूप देखता है आपने से अलग इसी तरीके से जब हम किसी और इंसान को देखते हैं तो वह अलग दिखता है किसी और प्राणी को देखते हैं जीव जंतु को देखते हैं किसी वस्तु को देखते हैं वह सब अलग दिखता है क्योंकि सबका अपना स्वरूप है ऐसे देखते हैं एक इंसान को दूसरे इंसान को तो हमें नजर आते हैं फिजिकल फॉर्म वगैरह लेकिन अगर हम दूसरे डायमेंशन से देखें दूसरे तरीके से देखें तो इंसान खाली फिजिकलिटी नहीं है यह फिजिकल स्वरूप नहीं है इंसान कई लेवल पर है इंसान मेंटल लेवल पर होता है इमोशनल लेवल पर होता है थॉट लेवल पर होता है और एनर्जी लेवल पर होता है सोच कर देखिए आप जब आप जागृत अवस्था में होते हैं तो आपके अंदर क्या होता है हॉट आता है विचार आते हैं और जब वे का विचार आते हैं तो आपको जगत दिखता है वही जवाब सुषुप्ति के जवाब निद्रा में होते हैं जब आप सो रहे होते हैं तब आपको यह जगत नहीं दिखता है विचार नहीं दिखते हैं अब हम अगर एनओसी की बात करें और आशीर्वाद को इससे जोड़ने तो क्या है भाई आशीर्वाद एक तरीके का एनिवर्सरी है आप जैसा महसूस करते हैं वैसा एनर्जी आफ क्रेडिट करते हैं आपके अंदर अब ऐसी ऊर्जा का प्रभाव होता प्रवाह होता है संचार होता है और वही ऊर्जा सामने वाले को लगती है अगर वह पॉजिटिव एनर्जी है तो वही पॉजिटिविटी दूसरे इंसान को लगेगी अगर वह नेगेटिव या अच्छी नहीं है तो आपको वह लगेगी और यह नसीबो नहीं है कि मैंने कुछ बोला तो आपको लगा कि नहीं यह पुस्तक वाइब्रेशन होती हैं जो एक दूसरे के इर्द-गिर्द जाती हैं एक दूसरे को प्रभावित करती हैं आपने उस जब किया होगा कि कई बार आप किसी के काम पर नहीं में रहते हैं कंपनी बताओ किसी के स्थान से रहते हैं तो भले ही वह कुछ करें ना करें बोले ना बोले बहुत बढ़िया आयनों टॉप लेवल का यह बिजनेसमैन यार बहुत बड़ा इंसान ना हो इन टर्म्स ऑफ़ फाइनेंस इन ऑल लेकिन जैसा भी इंसान हो वह आपको अच्छा लगता है क्यों लगता है क्योंकि उसकी ऊर्जा वैसे ही होती है आप अब जब करेंगे कई बार आप किसी से मिलते हैं और 2 मिनट आप उसके साथ व्यतीत करते हैं भरी आपकी बातें होती है या नहीं होती आपको समझ आ रहे थे कि यहां कुछ कुछ यहां पर मजा नहीं आ रहा है और वहीं पर आप किसी को टी की सेकंड मिलते हैं और आपको वह इंसान अच्छा लगने लगता है तू ही खा ली उसके रंग रूप या बोली से नहीं है उसके डेजिग्नेशन नारोलिया पैसे रुपए या बड़ी गाड़ियां मकान देखकर नहीं होता यह ऊर्जा के कारण होता है तो जब हम एनर्जी की बात करते हैं तो वह एनर्जी जब आपको लगती है तो वह आशीर्वाद बनकर आपको लगता है और आप उसको रिसीव करते हैं तो देने वाला अगर पॉजिटिव है तो रिसीव करना भी करने वाले को भी भाई पॉजिटिविटी मिलेगी वहीं वहां से इधर आएगी जो ट्रांसमिट होती है वही रिसीव होती है कोई सी डेफिनेटली है आपको इंपैक्ट करता है आपको आंसर करता है तुझे हम आशीर्वाद की बात करते हैं और आप उसने किसी से आशीर्वाद देना क्या वाकई में हमें प्रभावित करता है जी देखिए आप आशीर्वाद ऐसे लेते नहीं हैं आप अपने कर्म करते हैं और सामने वाला आपको आशीर्वाद देता है क्योंकि आप ऐसा कर्म करते हैं आप ऐसे व्यक्ति हैं आपका व्यवहार ऐसा है वगैरह वगैरह तो आपको आशीर्वाद मिलते हैं इसीलिए हम कहते हैं कि ब्लेसिंग सागर मिले लाइफ में और वह भी बड़ों की अपरिचित कि आप अरिजीत के तो वह बहुत बढ़िया होता है बहुत काम करता है यह एक एंगल हुआ जहां पर मैंने आपको एनर्जी के लेवल पर बताया एक और हंगल बताता हूं आपको हम सब जानते हैं थोड़ा बहुत सबको पता होता है एस्ट्रोलॉजी क्या होता है प्लैनेट्स क्या होते हैं जो हमको गबन करते हैं हमको पता है ना लेकिन आपको बता दूं यह प्लान है कहीं और नहीं होते हैं यह प्लानेट सब चांसेस बढ़ कर हमारे लाइफ में होते हैं और अगर थोड़ा सा ध्यान दें तो गुस्सा नहीं जो होता है वह हमारे पिताजी को दर्शाता है जो मूड होता है वह में हमारी माताजी को दर्शाता है तो अगर किसी का स्थान ऐसा है किसी का मुंह ऐसा है और बाकी प्लेनेट ऐसे वैसे हैं मतलब जीटीएल की बात है तो यह सब आप को प्रभावित करता है संता आशीर्वाद पिता का आशीर्वाद मून का आशीर्वाद माता का आशीर्वाद बहुत बड़े बहुत इंपोर्टेंट होता है बहुत जरूरी होता है लेना चाहिए उनके सानिध्य में रहना चाहिए कहीं और से कोई और कुछ करे ना करे लेकिन यह जो हमारे साथ घर में है और ऐसी इनका आशीर्वाद अगर हम पर बना रहे तो बहुत बड़ी बात होती है लोग पता नहीं है आप अंगूठी पहनते हैं यह करते हैं वह करते हैं वह सब अपनी जगह है लेकिन यह आशीर्वाद वाली बात अपनी जगह होती है आप यह देख कर मत कीजिए कि मुझे आशीर्वाद मिल जाए आशीर्वाद मिल जाए लेकिन आप अपने व्यक्तित्व को अपने करें कारण को अपने चरित्र को ऐसा रखें कि आप जो भी कुछ करें सामने से आपको आशीर्वाद ही मिले सोच कर देखेगा तो इसीलिए यह आपको डेफिनेटली अपोजिट है बलिया प्रभावित करता है

#जीवन शैली

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2:27
जी बहुत सीधी सी बात है अगर एक परिस्थिति में सामने वाला इंसान है और आप उसके पास है या वह आपसे मदद मांगता है कि मेरी मदद कर दो और आप सक्षम हैं आपके पास समय है और हर हिसाब से आप उसकी मदद कर सकते हैं तो आपको मदद कर देनी चाहिए आपको कुछ सोचना नहीं चाहिए फिर भी आप कहते हैं कि क्या सोचना चाहिए तुझे सिर्फ यही सोचना चाहिए कि मेरे पास उसके दिक्कत का उसके परेशानी का समाधान है तो मेरे को वह कर देना चाहिए यह नहीं सोचना चाहिए कि वापस में मुझे कुछ मिलेगा या नहीं मिलेगा क्या यह मेरी मदद कर पाएगा या नहीं कर पाएगा यह अगर आप सोचेंगे तो आप रुक जाएंगे क्योंकि जरूरी नहीं है वह इंसान आपकी कभी फ्यूचर में मदद कर पाए हो सकता है वह एक अजनबी हो जिसको आप नहीं जानते हैं आपको कहीं रास्ते में मिल गया है कहीं मिल गया है वह दिक्कत नहीं है परेशानी में आप उसकी समस्या का निवारण कर सकते हो तो बेझिझक कर देना चाहिए अगर हम सक्षम है तो नहीं तो किसी भी तरीके का अगर मदद उस समय उस इंसान को हम कपड़े दान करा सकते हैं तो वह कर देना चाहिए इसमें ज्यादा सोचना नहीं चाहिए क्योंकि हो सकता है कल को हम भी किसी ऐसी दिक्कत परेशानी में हो और सामने कोई और इंसान है वह हमारी बात करते कर देगा कर सकता है लेकिन यह सोचकर मदद मत कीजिए कि कोई हमारी मदद करेगा फ्यूचर में इसलिए हम मदद करें जी नहीं बड़ी सिंपल सी बात है मदद करना किसी के देखभाल करना किसी के बारे में अच्छा सोच ना अच्छा बात करना आदर करना सम्मान करना यह सारी चीजें हमारी इनबिल्ट क्वालिटी हैं हम लोग ऐसे ही हैं और यही हमारा ऐसे में देखा जाए तो बेसिक नेचर है वह हम भूलते जा रहे हैं हम लोगों अपना प्रेम नहीं करते हैं और लोगों को घृणा दृष्टि से देखते हैं जो कि शायद उतना या वैसा करने की जरूरत नहीं है कई जगह तो वह बात सही नहीं आज मदद करना क्यों नहीं करना चाहिए और जरूरी नहीं हर बार आपको किसी को पैसे रुपए देकर ही बात करनी है हां आप सोचेंगे उसके बारे में लेकिन फिर भी अगर आपको लगता है कि आप उस तरीके से भी कर सकते हैं तो कर देना चाहिए

#धर्म और ज्योतिषी

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Life Coach | Motivational Speaker
2:11
देखिए हम हमेशा एक नहीं तो फिर दूसरी परिस्थिति में होते हैं आज समय हो सकता है ऐसा है कल वैसा हो सकता है आज जीवन में सब कुछ अच्छा चल रहा है हो सकता है कल ऐसा ना हो बल्कि कल क्या हो सकता है सुबह ऐसी हो तो शाम वैसी हो सकती है तो जीवन में उतार-चढ़ाव ऊपर नीचे के साथ लगा रहता है तो जिसे आप समस्या कहते हैं अगर आप इसको परिस्थिति देखेंगे तो ज्यादा बेहतर होगा क्योंकि समस्या से लगता है कि यह बहुत है मेरे सर पर दिक्कत है उस से निकलना बड़ा मुश्किल है वगैरा-वगैरा लेकिन अगर आप इसको यह समझेंगे कि आज यह परिस्थिति है और यह कल सुधर जाएगी यह कल अच्छी हो जाएगी तो वह ज्यादा बेहतर रहेगा ओके हमारे पास कोई परिस्थिति है जिसे आप समस्या बोल रहे हैं उसका दो ही चीज हो सकता है उपाय या तो मेरे पास उपाय है मतलब मैं इस कुछ उसका सलूशन निकाल सकता हूं या तो खुद से या किसी की मदद से या तो आज या कल ट्राई कर सकता हूं तो तो आप कीजिए लेकिन अगर सिचुएशन ऐसी है कि आपके पास सॉल्यूशन नहीं है किसी की हेल्प लेने के बाद भी या किसी की हेल्प भी काम नहीं आएगी तो आप क्या करेंगे वहां पर कुछ कर ही नहीं सकते हैं तो वहीं छोड़ना ही पड़ेगा आपको और किसके भरोसे छोड़ते हैं हम हम जनरल भगवान के भरोसे छोड़ते हैं भैया अभी नया हमारी पार लगा देना आप देख लेना भी क्या हो सकता है क्या नहीं हो सकता यह मेरे बस की नहीं है मुझे नहीं सोचना कि मैं क्या करूं आज के बाद ऐसी थी मैं ऐसे ही देखते हैं ना ऐसे ही सोचते हैं ना तो चाय आप ऐसा करें या ना करें आखिर देखा जाए तो आपके पास ऑप्शन नहीं है तो जब ऑप्शन नहीं है तो फिर क्या कर सकते हैं छोड़ दीजिए उसको बात थोड़ी है उसको नेगेटिव नोट पर नहीं छोड़ी है उसको पैसे मिस्टेक हो गई उसको अंबा पहुंचते होकर ऑप्टिमिस्टिक होकर छोड़िए भगवान के भरोसे छोड़िए और विश्वास रखिए कि हां ठीक है आगे चलकर ठीक-ठाक हो जाएगा क्या आप मुझे प्रेरणा देंगे ताकि मेरा काम बन जाए या यह चीज से मुझे निजात मिले इसका सलूशन निकले बस यही कर सकते हैं तो वैसे ही की थी आप

#धर्म और ज्योतिषी

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Life Coach | Motivational Speaker
3:42
लिखे जो आज साबुन और शैंपू वगैरह है यह सब कहां से आया जुली देखा जाए तो इनका जो बेस होता है और वह केमिकल होता है ओके केमिकल में आपके ऑर्गेनिक चीजें भी होती हैं जहां पहला फादर साब ले लेते हैं तो उसमें इनोवा प्राकृतिक चीजें भी होती हैं आप पेड़ होता है इनोवा फुल पत्ते होती हैं जिनका एक्सट्रैक्ट होता है जूस होता है वगैरा-वगैरा यह सारी चीजें होती है लेकिन डेफिनटली केमिकल एलिमेंट होता है और क्या नहीं क्या सोप लेते हैं साबुन लेते हैं शैंपू लेते हैं तो उसमें केमिकल नहीं होता वह सारी नेचुरल चीजों से ही बनती है जब हम पहले की बात करते हैं जिससे मैंने साबुन शैंपू वगैरह नहीं होते बल्कि पहले क्या मेरे को याद है आपने यह बचपन के दिन और इतना पूछे थे हम तो नहाने वाली साबुन से भी सर्द हो लिया करते थे ऐसा वाला टाइम भी देखा है मैंने तो अच्छा उससे पहले की बात है तो भाई उससे पहले लोग गांव में प्रायः हाथ धोने के लिए मिट्टी का भी प्रयोग करते थे और स्पेशली शौच के बाद लोग आते थे और आज भी लोग बाहर जाते थे ऐसा नहीं होता था जैसा आजकल है तो सोच के बाद भी वह मिट्टी से हाथ धोते थे और जब नहाने जाते थे तो कई लोग तो नदी किनारे नहाते थे तो वह जोकली होता है जो वहां पर काली मिट्टी होती है वह सर में लगाकर इंसान के बॉडी में भी लगाते थे वह प्ले स्पेशल टाइप का मिट्टी होता है जिसे कहते हैं काली मिट्टी कहते हैं वगैरा-वगैरा उनके नाम होते थे उसके साथ साथ है भैया फलों की एक्स्ट्रा कैसे पपीता हो गया एवं फल के छिलके हो गए केले का छिलका बहुत फायदेमंद होता है फेस पर लगाने के लिए स्क्रब करने के लिए बहुत सारे शब्द का प्रयोग किया जाता था और अपने आप को स्वच्छ रखने के लिए और ऐसा नहीं होता था फिर से जमाने में कि भाई आपको रोज साबुन लगाना है या ऐड हफ्ते में दो बार तीन बार शाम को करना ही करना है ऐसा भी नहीं होता था बल्कि लोग लगाते थे चाहे वह कोकोनट ऑयल हो गया मास्टर डालो अपनी बॉडी पर ताकि उनका बॉडी में मास्टर है आजकल हम लोग लगाते हैं पहले यही सब होता था और लगाकर नहा लेना स्पेशली अगर विंटर्स की बात करते हैं तो मस्टर्ड ऑयल बॉडी में लगा कर नहाना यह एक बहुत फायदेमंद चीज मानी जाती थी जो कि बॉडी को ड्राई होने से रोकती थी बगैरा बगैरा तो यह सारी चीजें होती थी क्या अभी वह हो सकती है क्या अभी वह करना चाहिए हां देखे तो इंसान हैं वैसे ही हम जैसे आज से 100 साल 500 साल 4 साल पहले थे इंसान तो वैसे यह उसी पंचतत्व से तब से बने हुए हैं वही सारी प्राकृतिक संपदा है चीजें हैं अब क्योंकि शैंपू और अशोक और बहुत सारे ऑप्शन से आ गए हैं तो इसलिए हम उनको यूज करते हैं और कन्वीनियंस भी आसान भी है कोई दिक्कत वाली बात नहीं है इसलिए हम बाकी सारी चीजों को छोड़ आए हैं बता दो क्या हम उनको अभी भी यूज कर सकते हैं आज एफिनिटी आप यूज कर सकते हैं और

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6:57
देखिए जब हम सनातन धर्म की बात करते हैं हम भारतवर्ष की बात करते हैं तो हमारी आस्थान स्थिति हमारी जो आस्था पैदा हमारी जो संस्कार थे वह कुछ ऐसे थे जो बताते हैं और वैसे भी हम जानते हैं कि भैया एक इंसान के जीवन काल को प्राइमरी ब्रॉडली 4 हिस्सों में बांटा गया है बाल्यावस्था युवावस्था और गृहस्थ आश्रम और फिर वृद्धावस्था पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है उसको अपने स्वास्थ्य शरीर पर खेलकूद पर अस्त्र-शस्त्र पर खेलो विद्याज्ञान पर फोकस करना होता है युवावस्था में बारिश करता है अपने करियर को देखता है प्रोफेशन को देखता है व्यवस्थाएं को देखता है अपने आप को यह का बिल बनाने की कहा कि आपका प्रयास करता है कि उसका जीवन और उसके परिवार का जीवन ठीक-ठाक से चले उसके बाद आपका एवं नागरिक आश्रम आता है जिसमें उसका परिवार बड़ा होता है शादी हो गई होती है बच्चे होते हैं और यही गृहस्थाश्रम होता है जिसमें वह बच्चों की शादी की रिस्पांसिबिलिटी है समझता है एवं उनके पढ़ाई लिखाई के बारे में सोचता है उनको पढ़ाई लिखाई करवाता है लाल पोषण तो चल ही रहा होता है और फिर इसके बाद आता है और वृद्धावस्था है जहां बच्चों की शादी वगैरह करके अपने पूरे काम से निवृत हो जाता है तो अब उनका जो समय होता है वह भगवान की खाद्यान में आराधना में तीर्थ स्थान जाने में ऐसे करके बीता है को जाता है और अगर तरीके से देखा जाए शायद उसको आप प्रैक्टिकली देखिए इस परीक्षा ली देखे किसी भी तरीके से देखिए इस तरीके से बहुत सही साइकिल है और इस तरीके से होना चाहिए पहले के जमाने में भी ऐसे ही होता था कि भाई की शादी वगैरा हो गई घर में माली से परिवार बड़ा हो गया अब तो आ माता-पिता अपनी जिम्मेदारी अपने बच्चों को देखें और फिर सेवानिवृत्त होकर की ओर प्रस्थान कर लेते थे हवन में रहते थे साधना करते थे अगेन ओं एकादशी वाला जीवन बिताते थे और ध्यान करना भगवान के बारे में सोचना यह सब करते हुए और खेती हो जाती थी तो क्या अब उसमें और आज के इस में फर्क है जी नहीं आ रही है हां यह जरूर है कि हमको पवन वगैरह में जाने की जरूरत नहीं है अभी हम जहां पर हैं वहीं पर रहते हुए जब हमारा सारा काम कंप्लीट हो गया है आपको चीज है जो हम नहीं कर पाए तो वह हम आज आपने उस पर फोकस कर सकते हैं चाहे हमारी हार्दिक शुभेच्छा एहो सोशल सर्विस तो यह तीर्थ स्थान घूमने वाली बात हो भगवान के कोई आज का की बात हो और कुछ पढ़ने की बात हो जो भी कुछ करना है तो वह इंसान करने का अगर सोचता है अपने जीवन के इस पड़ाव में जब उसे वाले वृत्त हो जाता है काम से रिस्पांसिबिलिटी से तो उसमें कोई दिक्कत परेशानी वाली बात नहीं है तो अब आप ही पूछे कि बुढ़ापे में लोग भगवान का नाम राधा क्यों लेने रखते हैं तो यह सारी किए जीवन का एक-एक को एक बड़ा होता है ज्यादा कुछ करने को होता नहीं है और वह वाली बातें वह वाली सोच नहीं रहती है जो एक 18 साल 20 साल या 30 साल के युवक या युवती में होती है अब उससे बात कर सके जो भी कुछ होता है वह सब धीरे-धीरे ढलान पर होता है और इंसान का मान्य अनुच्छेद वगैरह सा भगवान में लगता है अपने शरीर में रहता है अपने शरीर के रखा था हमें लगता है क्योंकि कोई ना कोई बीमारी या कोई ना कोई प्रॉब्लम थी करें इससे बढ़िया और क्या होगा अगर वह ईश्वर को याद करें और यह ध्यान करें तो इस हिसाब से यह बहुत अच्छी बात है इसमें कोई दिक्कत परेशानी नहीं कोई बात बताता हूं आपको इंसान अपने जीवन के आखिरी दिनों में यह समय में जिस तरीके का जीवन गुजारता है जो सोच उसके अंदर होती हैं पराया इंसान को वैसा ही जीवन अगले जीवन काल में मिलता है अगर इंसान बहुत परेशान रहता है समस्या में उलझा रहता है बहुत टेंशन में रहता है इस प्रेस आउट रहता है और फिर अगर उसकी मृत्यु वगैरा होती है तो उसका क्या होता है तो वह भी समय चाहिए ऑलमोस्ट उसी अवस्था से उसी तरीके से होगा अब आप सोचेंगे वह तो बच्चा पैदा होगा फिर ऐसे कैसे भी देखिए एक्जेक्टली उसी से मैं बहुत सारी चीजें नहीं आ जाए लेकिन हां धीरे-धीरे भैरव चीज इंप्रेशन के रूप में रहती है इंसान के अंदर जो कि आगे चलकर टेंडेंसीज बन जाती हैं और बहुत स्ट्रांग पेनिस चीज बनती है जीवन उसका उसी तरीके का रहता है इसीलिए आप देखेंगे कि भाई की अवस्था में या फिर जब इंसान बनने के बाद करीब होता है तो वह अपने आप को ईश्वर की और करीब है चाहता है आपको यह भी पता होगा कि कई जगह है ऐसे बहुत अच्छी जगह जिनको मानी जाती है वहां पर लोग जाते हैं जैसे काशी हो गया कि वह मेरे अगर प्राण निकलते हैं तो मेरे फ्रेंड वहां पर निकले और तो बहुत बढ़िया रहेगा तो यह सब इंसान सोचता है और इन सब में आई लॉजिक होता है साइंस होता है वास्तविकता होती है तो इसीलिए भगवान का नाम लेने में कोई दिक्कत नहीं है और बुढ़ापे में ही क्यों मैं तो यह कहता हूं कोई रहता है चाहे तो हमसे सुप्रीम हैं तो भाई अगर हम भाव डाउन करते हैं अगर हम क्यों शीश नवाते हैं और यह जीवन बिताते हैं और मतलब उनके संरक्षण में या एवं अपने आप को सरेंडर करते हुए कि प्रभु जो आप चाहते हो जैसा आप चाहते हो वैसा मेरा मार्गदर्शन करते रहना मुझसे गलत काम मत करवाना जीवन अधिक से गुजारने का अवसर देना मौका देना मुझे गलत रास्ते पर मत भटकने देना अगर हम ऐसा करके चलते हैं तो निश्चित रूप से हमारे जो स्वभाव होगा हमारा जो धर्म होगा वह देखने की बहुत है डिसेंट होगा बहुत उच्च कोटि का होगा और यह हमारे कर्म ही तो है जो कर्म कर्म फल बनाते हैं तो इसलिए कर्म पर संस्कार पर व्यवहार पर इन सब पर बहुत ध्यान देना चाहिए धर्म के रास्ते पर चलते रहना चाहिए

#धर्म और ज्योतिषी

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4:20
जी आपके अंदर ऐसा विचार आया आप ऐसा सोचते हैं लोगों के बारे में सोचते हैं और इन्हें ईश्वर के बारे में जानते हैं समझते हैं और बताना चाहते हैं लोगों को जागरुक कर आना चाहते हैं कि अच्छी बातें अच्छी सोच अच्छी विचारधारा है लेकिन आज सोच कर देखिए देखेगी सुनना नहीं चाहता है सबको लगता है कि मेरे पास बहुत ज्ञान है मुझे खुद पता है या फिर मुझे उसकी आवश्यकता नहीं है ईश्वर के पास भी इंसान कब जाता है तब जाता है ना जब उसे कोई दरख्वास्त करनी होती है कुछ मांगना होता है कुछ है यह होता है तो वह जाता है मंदिर जाता है यह करता है वह करता है या फिर अगर ईश्वर से नाराज होता है तो जाता है या फिर कंप्यूटर रूठ जाता है इमो बहुत कम है ऐसा होता है कि वह ईश्वर के पास तक जाते हैं या रोज उनको धन्यवाद करते हैं चलो मेरे पास बहुत कुछ नहीं है थोड़ा बहुत है लेकिन मेरा जीवन ठीक-ठाक से चल रहा है तो धन्यवाद भी कोई नहीं करना चाहता उसके अंदर वह भावना आती ही नहीं है जब लाइफ बहुत थक नहीं हो रही होती है बहुत अच्छा है सब कुछ चल रहा होता है तो याद ही नहीं करते इस वर्ग को वह तो जब लाइफ में कभी ठोकर मिलती है या कहीं कुछ दिक्कत परेशानी होती है हां तो भैया तो याद करते हैं कि भगवान मेरा काम बना दो या फिर बोलते हैं कि मेरे साथ ऐसा क्यों मेरे साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है वगैरा-वगैरा इस तरीके के इंसान जितने भी लोग हैं बहुत सारे लोग हैं भाई इन लोगों को अगर आप बताना चाहते हैं जागरूक कराना चाहते हैं तो यह देख लीजिए कि आप कौन हैं कौन मतलब किस हैसियत से यकीन रिलेशन से कैस्टर कारण से वह आपकी बात सुनेंगे आप कौन हैं आप क्या करते हैं क्यों वह आपकी बात सुनना चाहेंगे आप अपनी बात उनके उनके समस्त कैसे रखेंगे सोच कर देखिए ऐसे ही जाएंगे और उन को बोलेंगे चलो आज मैं बताता हूं इसके बारे में उसके बारे में कौन सुनना चाहेगा भी आपके घर परिवार के लोग फिर भी सोने दोस्त वगैरह सुन भी नहीं उसके अलावा कौन करना चाहेगा मुश्किल है ना तो मेरा ख्याल यह है कि भाई अब ऐसी चेष्टा नहीं करनी चाहिए हां अगर आप ऐसे इसी लाइन में है ऐसी फिल्में आपका वजन वगैरा दे रहे हैं तो चलो बात समझ आती है आज दो लोग सुन रहे हैं का शक्ल 10 सुनेंगे फिर 100 1000 10000 सुनेंगे कोई दिक्कत परेशानी नहीं है लेकिन अगर आप सोचते हैं कि मैं जाकर ऐसी बात करूं तो देखिए बहुत सारे आज सोर्सेस हैं जिनसे लोगों को बहुत सारी इंफॉर्मेशन मिलती रहती है तो सोच की कमी नहीं है इंफॉर्मेशन की कमी नहीं है जहां देखेंगे वहां पर कोई ना कोई आ ज्ञान दे रहा होता है चाहे वो टीवी में हो वीडियो के जरिए वगैरा वगैरा तो बाप को यह देखना है कि मैं आप इनको सोच कर उनको क्या बोलूं किस तरीके से बोलूं वैसा करके आप प्रयास कर सकते हैं तो एक तो तरीका यह हुआ कि भाई जब आप आमने-सामने अप्रत्यक्ष रूप से अरे कर ऐसा कुछ नहीं शरीर ले सकते हैं दूसरा तरीका यह हुआ कि भाई आप अपने नॉलेज को अपने ज्ञान को अपने प्रेजेंटेशन को अपनी बात को यह वीडियो के माध्यम से यूट्यूब के जरिए फेसबुक के जरिए सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक आप आ जाइए धीरे-धीरे आपकी फैन फॉलोइंग बढ़ती चली जाएगी लोग आपको जाने लगेंगे सुने लगेंगे समझने लगेंगे उनको आपका दृष्टिकोण समझ आने लगेगा तो डेफिनेटली आपके लिए यह आसान होगा अपना रास्ता बनाना और लोगों तक या लोगों के बीच में अप्रत्यक्ष रूप से जाना और कोई प्रोग्राम करना उनको बताना एंड तरीके से बताना कुछ भी नहीं आएंगे आप रखेंगे मेरा कांटेक्ट क्या होगा मैं किस तरीके का बात करूंगा कितनी देर का बात करूंगा किस तरीके से चीजों को प्रेजेंट करूंगा ताकि लोगों को हंसते-हंसते आसानी से समझ आ जाए यह सारी चीजें आपको देखनी पड़ेगी तो जैसे नहीं ली कुछ ना कुछ रास्ता बन जाएगा

#रिश्ते और संबंध

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1:58
देखिए जब आप बोलते हैं कि सभी लोग आपसे दूर जाने लगते हैं तो आपको क्या करना चाहिए तो मतलब यह थोड़ा सा सीरियस वाला बात है क्योंकि एक आदमी दूर जाता है दो दूर जाए तो समझ आता है लेकिन अगर सभी लोग ऐसा कर रहे हैं तो कहीं कुछ गड़बड़ है कहीं कुछ देखने की सोचने की समझने की जरूरत है किसको मुझे अपने आपको मेरा बर्ताव क्या रहा है मेरा रवैया क्या रहा है मेरी डीलिंग से लोगों के साथ क्या-क्या रही है रिश्ते अभी हुआ क्या है हाल ही में कुछ हुआ है इनके साथ ऐसा रहा है उसके साथ वैसा रहा है वगैरह वगैरह तो मतलब एक्सएल 100 रिव्यू करने की जरूरत है वह पुरानी बातों को याद सिचुएशंस को याद करने की जरूरत है उसमें आप ने निष्पक्ष रुप से यह देखने की जरूरत है कि आपने क्या किया था कि ऐसे माहौल बना था आपका एक्शन किया था व्यवहार किया था कम्युनिकेशन किया था वह सारी चीजों को आप देखिए एक या दो या तीन इंसान को पकड़ी और देखिए कि मैं इनके साथ क्या हुआ था मैंने क्या किया था ऐसा क्यों कर रहे हैं अगर ग्रुप में आपने ऐसा कुछ किया था और वह ग्रुप आपसे दूर जा रहे तो ऐसा आपने क्या किया था क्या एक बार ऐसा कुछ हुआ था बहुत बड़ा या फिर हमेशा ऐसा होता रहा है क्या बात है तो यह सोचने की बात है ऐसा कई बार ऐसा भी होता है किस जगह नहीं आपका फोटो होता है कई बार ऐसा भी होता है कि लोग हाथ में वह वैल्यू नहीं देखते लोग का नजरिया कुछ और होता है लोग कुछ और एक्सपेक्ट करते हैं जो कि सामने वाले से नहीं मिले तो फिर वह मोबाइल का जाते हैं ऐसा भी होता है तो हमेशा व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार नहीं होता लेकिन हां जब बहुत सारे लोगों की एक साथ मुबारक करने लगते हैं तो डेफिनेटली रिव्यू करने की जरूरत होती है और जहां पर भी सुधार या बताओ करना है आपको जरूर करना चाहिए

#धर्म और ज्योतिषी

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2:50
जी देखिए जो सबसे पहले एक ग्रंथ आए थे वह यहीं थे वह वेद थे उसके बाद उपनिषद आए उसके बाद आपको रामायण की रामचरितमानस मिले उसके बाद निरहुआ आपको गीता में लिख वगैरा वगैरा तो जगत की बात करते हैं चार वेद होते हैं तो उसमें परमात्मा नहीं है यहां परमात्मा की वाणी जरूर है अभी अगर आप अध्ययन करें आप जाने आप हमसे तो समझ आएगा कि जीवन क्या है जीवन को जीना कैसे चाहिए जीवन का सार क्या है वगैरह वगैरह लेकिन जब हम परमात्मा की बात करते हैं तो परमात्मा की ऐसे तो नहीं बोला जाएगा कि परमात्मा हमारे अंदर है हां लेकिन अगर परमात्मा का अंश हमारे अंदर है आत्मा के रूप में तो डेफिनेटली हम परमात्मा ही तो हुए आत्मा जो हमारे अंदर है वह कुछ और नहीं है बल्कि उसी परमात्मा से आई हुई आप जो भी कह दीजिए बस तू तो नहीं कहेंगे लेकिन जो भी अकेली जेब आप और हम इसलिए हैं क्योंकि हमारे अंदर परमात्मा है एक उसका स्वरूप मन है और यह रहता है क्योंकि प्राण इन सब को बांधे रखता है इसीलिए आप देखेंगे जब मृत्यु हो जाती है तो ना प्राण रहता है ना मन रहता है और ना आत्मा रहती है यह शरीर छोड़ कर चले जाते हैं और पांच तत्वों से बना यह शरीर दोबारा से उन्हीं पंचतत्व में विलीन हो जाता है तो हां परमात्मा अगर आप देखेंगे तो हमारे अंदर है अगर आप थोड़ा सा समय निकाल लेंगे और कुछ आपको करने की जरूरत नहीं है कहीं कुछ ग्रंथ पढ़ने यह करने वह करने की जरूरत नहीं आगरा पढ़ना चाहते हैं डेफिनेटली पढ़ना चाहिए लेकिन अनुभव सबसे बड़ा होता है इन सबसे वजन औरत से उस ज्ञान से भी बड़ा आपका अनुभव होता है और अगर आप कदम बढ़ाते हैं साक्षात्कार करने का तो वह सबसे बढ़िया रहता है आत्मसाक्षात्कार मतलब आप अपने मन को जो की आत्मा का स्वरूप है उसको दोबारा से आप आत्मा में स्थगित कीजिए स्थापित कीजिए वह हुआ आपका आत्मसाक्षात्कार मतलब आप यह देखिए कि आप कैसे अपनी आत्मा को देख सकते हैं छू सकते हैं वह जो लम्हा होगा वह जो समय होगा वह बड़ा दुखदाई होगा और उसके बाद जिस तरीके से आप दुनिया को देखेंगे वह अलग हो जाएगी जिस तरीके से आप अपने आप को देखेंगे वह अलग ही एक अनुभव होगा आपके जीवन समझ लीजिए हीरो सार्थक हो गया

#धर्म और ज्योतिषी

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Life Coach | Motivational Speaker
3:35
जी नहीं ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता कि कोई अगर ब्रांडेड कपड़े पहनता है तो उसकी प्रतिष्ठा बढ़ती है सोच कर देखिए प्रतिष्ठा अगर आप की बढ़ती है तो वह बनती हैं आपके या बढ़ती है आपके चरित्र से आपके स्वभाव से आकर मिर्जा से आंखें भरता आपसे आपके आचरण से आपके व्यक्तित्व से सारी चीजों से आपके संस्कार से आपके कर्म से लोग एक धारणा बनाते हैं आपके बारे में एक नजरिया रखते हैं आपके बारे में कुछ ऐसा सोचते हैं या कुछ वैसा सोचते हैं कि आप किस तरीके के इंसान हैं ना कि कपड़ों को देखकर के सोच कर देखें अगर ऐसा होता है तो किसी को अपने ऊपर काम करने की क्या जरूरत थी बस वह बढ़िया ब्रांडेड कपड़े पहन लेता लेकिन आपने देखा होगा कि भाई बढ़िया ब्रांडेड कपड़े पहन कर करके भी अगर लोगों को ठीक से रहना नहीं आता बर्ताव करना नहीं आता उनका बिहेवियर एप्रोप्रियेट नहीं होता उनका घर में सही नहीं होता तो क्या फायदा हमें दिखता है ना मैं समझ आता है ना ऐसा तो होता नहीं है कि आपके सामने कोई ब्रांडेड कपड़े पहन कर आ गया और आप उसको क्योंकि उसने कपड़े अच्छे बने हैं ब्रांडेड हैं तो भाई आपने उसकी किसी भी बात का बुरा नहीं माना वह जो कहता है जो करता है वह सब सही है क्या आप उसको ऐसा देखते हैं ऐसा समझते हैं नहीं रहा एक पल के लिए आप आप जब किसी को देखेंगे तो जरूर अच्छा लगेगा कि हां ऐसे अच्छे कपड़े पहने हो सकता है ध्यान भी आपका चला जाए कि किस कंपनी का कपड़ा पहना है या यह अच्छा लग रहा है आचार्य में या यह इसको सूट कर रहा है वगैरह वगैरह का ध्यान जा सकता है लेकिन उसके बाद मैं आपका ध्यान तो उसके बर्ताव पर जाते हैं उसके बाद ही पर जाता है व्यवहार पर जाता है ना तो इसीलिए ब्रांडेड अपने कपड़े पहनने से कोई आये ना बहुत महान नहीं हो जाता उसका व्यक्तित्व एकदम से परिवर्तित नहीं हो जाता है अगर किसी के पास है वह पहनना चाहते हैं तो उसकी मर्जी कोई दिक्कत वाली बात नहीं है आप और हम भी पहनना चाहेंगे ब्रांडेड कपड़े क्यों किधर से निकली उनकी क्वालिटी अच्छी होती है वह आप अलास्ट करते हैं वह काफी समय तक चलते हैं कंपैरेटिव ली तो उसमें कोई दिक्कत परेशानी वाली बात नहीं है था लेकिन मेरे जैसा आदमी थोड़ा सोचेगा कि मैं कौन से देश का क्या सामान यूज करो और क्या ना करूं वगैरा-वगैरा किसी को भी नहीं होनी चाहिए लेकिन उसने किसी की प्रतिष्ठा बढ़ती नहीं है एक और बात भी जहां पर आपको अच्छा कपड़ा पहन कर जाना है तो जैसे आप चाहेंगे ना कि अच्छा पहन कर जाएं और अगर आपकी इनायत है और आप पहन सकते हैं ब्रांडेड कपड़े तो आप जाइए कोई दिक्कत वाली बात नहीं है यह तो आपके ऊपर है लेकिन आपकी प्रतिष्ठा आपका आभार सामान सब कुछ करता है आपके कर्म से आपके बातचीत से आपके व्यवहार से आप दुनिया को कैसे देखते हैं अपने आप को कैसे देखते हैं कैसे अपने आप को इस दुनिया में लोगों के साथ मैनेज करते हैं आपके संस्कार क्या है कर्म किस दिशा में है किस तरीके के हैं यह सारी चीजें इंपॉर्टेंट होती है आपका व्यक्तित्व और आपका चरित्र इंपॉर्टेंट होता है ना कि कपड़े तो पहने कोई दिक्कत नहीं है लेकिन फिर भी कहां हमेशा हमारे हमें अपने ऊपर ही करना होता है

#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speakerग़रीबी का क्या महत्व है?
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3:31
दीदी की गरीबी का कोई महत्व नहीं होता क्योंकि अगर महत्व होता तो सब लोग गरीब बनना चाहते हैं सोच कर देखिए गरीबी एक अवस्था है एक सिचुएशन है जो हमारे प्रारब्ध में है हमारे कर्मों के अनुसार यह जो भी हमारी स्थिति बनी है जिस घर में हम पैदा हुए हैं जैसा हमारा कर्म रहा है जो भी कुछ हुआ है हमारे जीवन में उस कारण से यह एक परिणाम है कई बार हमें समझ नहीं आता कि ऐसा क्यों हुआ है और कई बारे में स्पष्ट रूप से दिखता है कि मेरे पास आज पैसे नहीं है तुझे कुछ और नहीं है यह बस एक स्टेटस है यह एक परिस्थिति है जिसमें इंसान गरीब होता है उसके पास पैसा नहीं होता महत्व होता है इसका तो हर इंसान चाहता कि मैं गरीब हूं कोई नहीं चाहता कि मैं धन कमाओ मैं पैसे एकत्रित करूं सोच कर देखिए मुश्किल काम है ना पढ़ाई लिखाई करना या टैलेंट को बाहर नया कुछ और करना काम करना मेहनत करना जिससे कि हम पैसा कमा सके ताकि एक हम एक अच्छा जीवन जी सके साथ ही हम अपने घर घर परिवार के लिए 1 दिनों का प्रावधान कर सके ताकि उनका जीवन भी ठीक-ठाक से गुजर सके लेकिन फिर भी अगर आप बोलते हैं कि गरीबी का क्या महत्व है तो एक चीज समझना चाहिए और वो यह कि देखिए अगर हम गरीब परिवार में पैदा हुए हैं तो इसको लेकर ज्यादा चेताया परेशान होने की जरूरत नहीं है लेकिन अगर हम गरीब ही मर गए यहां से चले गए इस दुनिया से तू सोचने वाली बात है जब हम बाल्यावस्था में या जब हम बचपन में किसी परिवार में एक ऐसी ही एनरोलमेंट में अंडर एनी सरकमस्टेंसस हम एक परिवार में एक जगह पर पैदा हुए हैं वह हमारे वश में नहीं था लेकिन उसके बाद हालांकि बचपन में हमें ज्यादा कुछ समझ नहीं आएगा जैसे जैसे बड़े होते हैं और तो हमें थोड़ा सा मजा नहीं लगता है दुनियादारी क्या होती है क्या जरूरी होता है क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए थोड़ा-थोड़ा समझ आने लगता है और अगर हम थोड़े समझदारी से काम करें और अपना जीवन का थोड़ा सा ठीक दिशा में का मेहनत करके ले जाना चाहे तो हम इस गरीब होने की अवस्था से अपने आप को निकाल सकते हैं वह बहुत बड़ी बात है और महत्व रखती है मायने रखती है हमें जीवन से कुछ नहीं सीखा तो बेकार है जीवन अगर हम गरीब आए थे और गरीब ही चले गए तो बेकार है अगर हमने कुछ प्रयास नहीं किया हमें घर के आसपास या बहुत सारी अपनी कहानियां देखी होंगी लोगों की सक्सेस स्टोरीज देखी होंगी सुना होगा वीडियो पर देखा होगा इधर देखा होगा उधर देखा होगा मैं देखा है लोगों ने अपने जीवन को किस तरीके से संवारा है उसको एक नई उड़ान दी है एक नई दिशा दी है और आज से वो जिस किसी भी स्थिति में थे उससे बेहतर स्थिति में है आदर्श ठीक नहीं है तो इसे सबके सीखना चाहिए कि कोई बात नहीं हमारी परिस्थिति जो भी रही हो उसको नहीं देखना है उसके बारे में चिंता नहीं करनी है खाली यह देखना है कि आप मुझे क्या कहना है आज मुझे क्या कहना है मुझे क्या करना पसंद है मैं अपना जीवन किस तरीके का जीना चाहता हूं उसके लिए मुझे क्या करने की जरूरत है बस उसके लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए कार्य करते रहना चाहिए सोच के देखेगा

#जीवन शैली

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Life Coach | Motivational Speaker
2:05
देखिए दो सिचुएशन होती है जिस कारण से इंसान गलत काम करता है पहला तो वह जब इच्छा से बात होता है जब उसकी अपनी निजी इच्छाएं उसे एक फोर्सफुली कुछ करने को कहती हैं तो पहला तो यह है और दूसरा इंसान गलत काम कब करता है जब वह विवांश होता है उसका मन नहीं होता गलत काम करने का लेकिन परिस्थिति ऐसी होती है जिसमें वह विवश हो जाता है गलत काम करने के लिए जिसमें उसकी अपनी अपनी सहमति नहीं है तो दूसरी नारियल में पहला तो यह कि वह खुद की मर्जी से कोई काम करता है एग्जाम पहले लेते हैं वह एक इंसान किसी इंसान को बचाता है गलत तरीके से या कुछ करता है ताकि उसके को पैसे हड़प ले तो एक तो यह बात हो गया वही इंसान ने कुछ गलत किया जानबूझकर किया उसकी अपनी मंशा थी ताकि वह किसी और का धन अर्जित कर ले तो यह तो हो गया ना उसकी इच्छा थी ऐसा करने की औरत ने गलत काम किया दूसरा क्या है भाई इंसान तब करता है जब उसके पास कोई और ऑप्शन नहीं होता कोई और चारा नहीं होता तब कोई अगर उसे विवश करता है या परिस्थिति ऐसी होती है जिसमें उसको ऐसा नहीं करना चाहिए फिर भी उसको कहना पड़ता है और लाचार होकर तो यह तो दूसरा सीनरी होता है जब ऐसा होता है बस मैं तो यही बोलूंगा कि कर्म हमेशा ऐसा करना चाहिए कि हमारे पास में ऐसी कोई परिस्थिति बनी आना हम कोई ऐसी इच्छा करें ना कि और कोई कर्म करें जो कि सही ना हो यह देखना करना बहुत जरूरी होते हैं क्योंकि देखिए जैसा हम कर्म करेंगे वैसा ही फल मिलेगा हर कर्म का कर्म फल होता है और आगे कुछ और नहीं होता है हमारा आने वाला कुछ और नहीं होता है बस यह होता है कि हम जो करते हैं उसी का पारितोषिक या उसी का फल हमें मिलता है जो कि कर फल कहलाता है

#जीवन शैली

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Life Coach | Motivational Speaker
1:38
जी हाडा कि आज भी है जिसे आप बहुत मैथ कहते हैं और वह खादी कपड़ों में होता है जो इंडिया को उसका मतलब इंडियन पोस्टल सर्विस हुआ अभी भी चल रही है डॉक्टर अभी भी चलने काम जरूर हो गए हैं वहां पर आपको देखने को मिलेगा कि आप कुरियर सेवा कर सकते हैं आप स्पीड पोस्ट कर सकते हैं तो आइए अभी भी है ऐसा नहीं है कि कोई अंधविश्वास है वैसे वैसे भी विश्वास भी नहीं था वहां पर नहीं रख सकते हैं डागर बैंक की तरह भी काम करता है यार जा कर देखिए आपके एरिया में आपके घर के आसपास कोई ना कोई डाक सेवा डॉक्टर जरूर होगा जहां पर आप अपने खाते भी खुलवा सकते हैं बैंक के अकाउंट खोल सकते हैं उसका चरित्र चला करता था वह बंद हो गया है लेकिन आजकल कुरियर वगैरह यह सब है क्योंकि वो अब अब तो उसकी जरूरत नहीं है कौन है लेटे लिखेगा और किसी के पास लेटे जाएगा तो बिना बात कर सकते हैं वीडियो कॉल कर सकते हैं मैसेज नहीं कर सकते हैं बहुत सारी चीजें कर सकते हैं बढ़ा दे भाई यह आज फिर डॉक्टर हैं और हमें उस पर फक्र होना चोरों ने बहुत अच्छा काम किया अभी तक लेकर के और उनकी और भी सेवाएं हैं जैसे मैंने बताया तो आपके भी मौका निकाल कर जाएगा देखेगा समझ जाएगा कि वहां क्या होता है ठीक है

#टेक्नोलॉजी

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Life Coach | Motivational Speaker
2:49
मुझे तो आपके सवाल से पता चल रहा है कि मोबाइल ऐप से भी कोई लोन मिलता है और है क्या दवाई से मुझे पता नहीं था ओके तो मैं तो आपको ही बोलूंगा कि मैं यहां पर देख सुनके जहां से भी आप लौंडे ले रहे हैं देखिए सुनिए जानिए कि यह कौन लोग हैं कि हमसे आप लोग ले रहे हैं अगर माली से आईसीआईसीआई एचडीएफसी बैंक है उनका अपना ऐप है और उसमें अगर लोन अप्लाई करने का फीचर है तो आप करिए तब कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि वह बोलता है और अगर आप किसी थर्ड पार्टी का ऐप यूज करते हैं किसी इंटरमीडिएट कहां है आप या कोई यू नो वेबसाइट यूज करते हैं और वहां से आप लोन प्रोसेसिंग के लिए इनफॉरमेशन अपनी शेयर करते हैं तो वह शायद ऐसा ही नहीं होगा आपको देना पड़ेगा जांच पड़ताल करनी पड़ेगी तो सबसे जरूरी होता है कि आप यह देखिए कि आपको लोन दे कौन रहा है कौन सी पार्टी है और अगर वह ऑथेंटिक है तो ही आप जाइए और लोन जान ले ली हम कहां से लेते हैं और कहां से लेना चाहिए वही लोग हमको हमेशा यह मेरा मानना है आप जैसा ठीक समझे हमेशा हमें लोन अपने बैंक से लेना चाहिए ओके अगर अपना बैंक नहीं कोई और बैंक है जहां पर हमारे अकाउंट नहीं है वहां से भी मिलने का प्रावधान है तो आप लोन ले सकते हैं वहां से अगर आपको ठीक लगता है तो और और भी ऐसे नॉन बैंकिंग फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस होते हैं जो लोन ऑफर करते हैं कुछ काम पर ही होती है जो आपको इनोवा मोड की इच्छा करके आपको लोन देती हैं मॉर्टगेज मतलब हिंदी में उसे गिरवी रखी कहते हैं जैसे मकान गिरवी रखकर लोन लेना कुछ जगह पर जैसे मुथूट फाइनेंस लोन देते हैं सोना चांदी रखे तो आप अब मैं सो नहीं रहा सोना रख दीजिए और उसके अगेंस्ट बाप को लोन दे सकते हैं तो ऐसे ऐसे करके ऑप्शन सोते हैं लेकिन आप उन्ही के पास जाइए जो रिलाएबल रिलायबल बैंक है या कोई इंस्टिट्यूशन है और उनका अपना ऐप है और वहां पर सांप अप्लाई करने का फीचर देखते हैं आप अप्लाई कर सकते हैं लोन के लिए तो उसमें कोई दिक्कत नहीं है और ए वेरीफिकेशन होगा एग्रीमेंट पर टर्म्स एंड कंडीशन पयागरी करेंगे पता करेंगे जानेंगे समझेंगे तभी जाकर लोलोल पास होगा और किस दिन होगा किस अमाउंट आफ इंटरेस्ट रेट का वगैरा-वगैरा यह सारी बातें होंगी और तभी तो बात आगे बढ़ेगी ना तो फिर जाइएगा

#टेक्नोलॉजी

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3:19
जी हां मुझे अपना बोलकर आपका जो रिपोर्ट कार्ड है वह देख कर अच्छा लगा और कुछ समझ आया अब इसको इस तरीके से बहुत बड़ा फायदा या नुकसान ऐसे नहीं देखना हो तो इसको यह देखना होता है कि वह रिपोर्ट कार्ड दर्शाता है कि हमने अभी तक क्या किया है जंडली में बाकी का तो नहीं जानता आपके बारे में तो नहीं जानता मैं अपनी बात मैं झूठ नहीं बोल कर पर आता हूं कुछ सवाल देखता हूं दो तीन सवाल के 1 दिन में जवाब देकर चला जाता हूं मैं यह भी नहीं देखता कि यह कितने लाइक्स आए हैं या मैंने कितने जवाब दिए हैं फिर क्या है वगैरा-वगैरा आता है जो बता दें कि अच्छा 2020 में यह लो आपकी परफॉर्मेंस कैसी रही परफॉर्मेंस मतलब आपने इतने जवाब दिए इस कैटेगरी में आप ने दिए आपका यह वाला सवाल बहुत ज्यादा बार सुना गया वगैरा-वगैरा अब आपूर्ति के देख सकते हैं अच्छा ओके मैं इस कैटेगरी में ज्यादा जवाब दे रहा हूं क्या मैं दूसरी कैटेगरी चूस कर लो जिसको मैंने टच भी नहीं किया या जिसको मैंने टच किया था लेकिन उसके मैं नहीं जवाब नहीं दिए और उसमें आप ज्यादा पढ़े पहले आपको कर सकते हैं हमें इतना जवाब दे रहा हूं यार थोड़ा और मैं दे सकता हूं मुझे और थोड़ा देना चाहिए अच्छा इस तरीके के मेरे जवाब लोगों को पसंद आते हैं तो चलो मैं इस तरीके के जवाब देता हूं कि सारी बातें हैं और मैं कोई फायदा या नुकसान है ऐसा नहीं देता बल्कि मैं तो यह देखता हूं कि अगर कोई मेहनत करके मेहनत करके हमारे समाज के किया है तू अभी सुविधाएं कुल 2 दिन का धन्यवाद करना चाहिए उन्होंने बताया कि हमारा काम कैसा रहा और लोगों की प्रतिक्रिया कैसी रही भारतीय टीम लगी रहती होगी इसको अच्छा कैसे किया जाए इसमें और क्या पिज़्ज़ा ले जाया जा सकता है जो सवाल पूछते हैं उनको और बेहतर तरीके से जवाब कैसे मिल सके इसके लिए इतनी हमेशा प्रयत्नशील होगी हमें देखा है आप इसमें करीब सात-आठ महीनों से मैं यूज कर रहा हूं बोलकर तुम्हें देखा है कि सोते रहते हैं क्या आपके पास कोई सवाल है कुछ सुझाव है वगैरा तो बता दीजिए और टीमें ससुरी की और वह जरूर करेगी तो मैं इसको कुछ इस तरीके से देखता हूं तो एवरीथिंग इस कॉपी की फाइल

#टेक्नोलॉजी

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Life Coach | Motivational Speaker
6:53
जी देखिए कोई युवा जब अपनी पढ़ाई पूरी कर लेता है उसके बाद वह जॉब जॉब के लिए जाता है जॉब ढूंढता है उसका सिलेक्शन हो जाता है कहीं पर चाहे वह गारमेंट हो या प्राइवेट वगैरह बाकी मैं जा रहा हूं अगर पढ़ाई कर रहा होता है तो उसको पता होता है यह पढ़ाई करने के बाद मुझे यह करना है और वह अपना व्यवसाय अपनी पसंद का जो आप अपनी पसंद का सेक्टर इंडस्ट्री विल डू में सांसद एरिया जो उसे पसंद आते हैं उसकी वह पढ़ाई करता है उस एरिया में जाने के लिए वह तरह तैयार करता है अपने आप को और फिर यह देखते हैं कि मुझे अच्छी से अच्छी कंपनी में अच्छी नौकरी मिल जाए क्या यह सोचना गलत है कोई दिक्कत है इसमें जी कोई दिक्कत परेशानी नहीं है सब ठीक-ठाक है नौकरी में फायदा क्या है नौकरी करने वालों का पक्ष ले रहा हूं नौकरी में सबसे अच्छी बात यह होती है कि वह आपको उस फील्ड में मिल सकता है चांसेस है जिसमें आप इंटरेस्टेड है जिसमें आपकी रुचि है जिसकी आपने पढ़ाई की है और मुझे सैलरी मिल जाएगी उतनी ही मिलेगी हर महीने जितना हमने ऑफर में देखा था राइट तू ही निश्चित हो जाता है बंदा अगर किसी की सैलरी होती है किसी की एक लाख के किसी की 500038 को पता है ना कि मैं महीने में के अंत में मुझे इतने साल ही मिल ही जाएगी अब उसके लिए उसको काम करना हो तो इंसेंटिव वगैरह अलग होता है तो बड़ा क्लियर कट होता है कोई दिक्कत परेशानी नहीं है इसको मैनेज कर लेते हैं उसको पता होता है कि वह कैसे अपने बजट को देखना है वगैरा-वगैरा और वह आगे चलता है उसके बाद लेने के लिए उसके बाद मेरा है मेरा रोल डेसिग्नेशन क्या होगा मेरी सैलरी में कितना इंक्रीमेंट हो सकता है अगर मेरा काम अच्छा रहेगा कि रहोगे यह सारी चीजें को प्लानिंग होगी उसके साथ चलता है और करता रहता है ओके तो समझ में नहीं आता कि मैं नौकरी वगैरह हो गया था जब देखेंगे इंसान बड़ा काम करता है इस तरीके का ऑप्शन नहीं पर दूसरा इंसान ऐसा होता है जिसको मन करता है कि मैं कुछ अपना करूं उसके अंदर यह होती है कि नहीं कहीं और जाने की बजाय किसी और के लिए या किसी और उस सेक्टर में करने की वजह जो शायद मेरे को पसंद भी नहीं है जिसकी मैं पढ़ाई कर रहा हूं वगैरा-वगैरा मेरा वक्त करेगा यह चीज का इस चीज से लोगों को फायदा होगा और डेफिनेटली में अपना बिजनेस बना सकता हूं बढ़ा सकता हूं विस्तार कर सकता हूं तो ऐसे लोग भी हैं जो है हर इंसान में नहीं आता है कि मैं भेजने से करूं क्योंकि जब की बात आती है तो उसमें बहुत सारी चीजें लगती हैं आपकी सोच से लेकर आपका ऑपरेशनल 130 उसमें लगता है एक बड़ा करने के लिए आपको सोचना पड़ता है आपको टीम तैयार करनी पड़ती है आपको देखना पड़ता है कि यह चलेगा कैसे प्लानिंग करनी पड़ती है चाय बनानी पड़ती है देखना पड़ता है कि रिसोर्ट सतना से मिलेंगे तो उसका से मिलेंगे फाइनेंस कहां से होगा कैसे होगा टीम को कैसे मैनेज करना होगा तो बहुत सारे स्कूल से एक्सपोर्ट इसकी जरूरत पड़ती है और ऐसे नहीं होता कि आप ठाठ से बैठें और आपने बिजनेस शुरू कर देती नहीं बहुत मेहनत लगती है बहुत मशक्कत होती है लेकिन वहीं पर जॉब की बात होती तो जवाब में ऐसा नहीं है जो आप वही करेंगे जो आपको आता है यहां अगर आप फ्रेश हो रहे हैं तो भाई आप उस एरिया में आपका सिलेक्शन होगा जिस तेरे में उनको पता है कि उसने इसकी पढ़ाई की और यह काम कर ले काम करेंगे हम करेंगे कि कोई अपना बिजनेस नहीं करना चाहता होगा वह इसलिए नहीं करना चाहता होगा क्योंकि उसके पास आईडिया नहीं है उसके दिमाग में ऐसी बात नहीं आती वह ऐसा सोचता नहीं है कुछ लोग का ही होगा कि नहीं यार कौन करेगा आलसी वाला थोड़ा हिसाब किताब कि नहीं यार बहुत मेहनत है यार हीरो में से नहीं होगा मेरे को यह सारी चीजें नहीं आती मेरे से पीपल माने नहीं होते एक और कैटेगरी है जहां पर लोग ऐसे हैं जो हमेशा लोगों को प्रोत्साहित कर लूंगा और वह भी आधा सांप इंडिया जैसी जगह में और आज के हालातों में नौकरी तो आपको मिल जाएगी छोटी-बड़ी ऐसी वैसी ना कुछ मिल जाएगी थोड़ी बहुत पढ़ाई की है जो भी है जैसा भी होगा गुजारा क्या आप उसको अच्छा भी कर सकते हैं आप एक एंप्लॉयमेंट का जरिया बन सकते हैं तो इसीलिए आप तो बियर शॉप से कौन सा जॉब क्रिएटर आप जवाब सीकर जवाब जो देखता है जो जो ढूंढता है नौकरी जो करना चाहते हैं उसकी मानसिकता से आप निकाली है और आप जॉब क्रिएचर बनिए देखेगी बिजनेस में बहुत ही है वह है अभी देखें कि अगर आप इस दिन शुरू करते हैं तो उसके खाली आपको ही फायदा नहीं है आंख के जरिए बहुत सारे लोगों को नौकरी मिलेगी और नौकरी मिलेगी रोजगार मिलेगा पैसे मिलेंगे तो उनके घर परिवार का भी ख्याल या गुजारा होगा तो सोचे वह सब कुछ आपके कारण होगा और वहां पर जहां पर अब इस समय स्पेशली आजकल के बाद ऑरेंज जॉब को लेकर काम को लेकर पैसे ना मिलने की दिक्कत पैसा नहीं मिला कितना कितनी बड़ी दिक्कत है तो अगर आपके दिमाग में कुछ आईडिया है आप आसानी से कर सकते हैं आप किसी के साथ मिलकर कुछ शुरू कर सकते हैं जिससे आपका और बाकी लोगों का भी भला हो जाए तो क्यों नहीं करना चाहिए वैसे भी प्रधानमंत्री बोलते हैं ना आत्मनिर्भर भारत की बात होती है की बात होती है तो हम कुछ कर सकते हैं तो जरूर करना चाहिए थैंक यू

#जीवन शैली

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2:12
जी देखिए आप ऐसे तो तय कर ही नहीं सकते कि सामने वाले इंसान को देखा आपने और भाई आपने यह डिसाइड कर लिया या 1 दिनों एक नजरिया बना लिया कि यह इंसान सही होगा यह सही नहीं होगा यह बहुत मुश्किल होता है हां लेकिन फिर थोड़ा आईडिया तो आपको मिल जाता है कि किस परिस्थिति में किस दिन किस समय किसके द्वारा आपको मिलता है उसको आइडिया लग जाता है कि कहीं कोई गड़बड़ तो नहीं है हो सकता है यह इंसान सही नहीं है वगैरह वगैरह तो ऐसे ही पता लग जाते हैं आगे बोलता भी नहीं पता चलेगा आपको इंसान से बात करना पड़ेगा जब आप उसके साथ समय बिताएंगे आगे कोई आया ट्रांजैक्शन होता है वह करते हैं तो आपको आईडिया लगता है या फिर आप सवाल जवाब करते हैं वही मैं बात करने की बात कह रहा था तो आपको पता चलता है कि वह सोचता कैसा है उसके कर्म आपको बताएंगे कि वह किस तरीके का इंसान है आधे भाई भाई आप कोहिमा इंद्री दे तो है नहीं कि आपने किसी को देखा उसके ललाट को पढ़ लिया या फिर उसको जान लिया उसको स्कैन कर लिया और आपको पता चल गया यह इंसान इस तरीके का है ऐसा तो होता नहीं है तो इसलिए जब तक आप उसके साथ साथ थोड़ी बातचीत नहीं करेंगे समय नहीं बिताएंगे हां तो आपको पता नहीं चलेगा और इसका पता भी नहीं होता कि भाई एक दिन आपने 10 मिनट बिता ले तो आपको पूरा बदल गया इंसान कैसा है चीनी वैसा नहीं हूं की खासियत है हालांकि एक अच्छी वाली बात नहीं है कि वह फेक है फेक मतलब जो जैसा होता है उसको वैसे नहीं दर्शाता है अब वह किसी और तरीके से प्रस्तुत करें बड़े उसके अंदर कुछ और हो सकता है उसकी नियत कुछ और लेकिन जिस तरीके से चीजों को प्रस्तुत करता है आपके समक्ष को आता है शायरी का ऐसा हो जो आप को लुभाते आप मूवी तो शायद सभी हो सके तो बहुत सारी बातें होती है कई बार एक बार मैं आपको समझ नहीं आता है तो इसलिए थोड़ा समय विदाई किसी नतीजे पर मत दीजिए तुरंत और भरोसा किया जा सकता है ट्रांजैक्शन कर सकते हैं बातचीत कर सकते हैं या नहीं

#जीवन शैली

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3:16
देखिए जीवन हमारा लंबा होता है इतना छोटा नहीं होता है और इस जीवन में हम अलग-अलग परिस्थितियों से खुश होकर के गुजरते हैं तो छा सुख-दुख उतार-चढ़ाव जीवन में लगे रहते हैं कई बार इंसान अजब बहुत हताश हो जाता है तो वह गलती कर बैठता है कई बार इंसान बहुत खुश होता है बहुत उत्तेजित होता है तो गलती कर सकता है और प्रयोग किसी व्यवस्था में किसी भी समय कोई भी इंसान कोई भी गलत ही कर सकता है तो फिर कौन सी गलती से बचना चाहिए तो कोई एक गलती तो ऐसी है नहीं जिस से बचना चाहिए वही हर एक तरह की गलती तो गलती हुई ना बड़ों का सम्मान नहीं करना गलत है ना किसी को दुख पहुंचाना किसी के पैसे ले लो लूट लेना किसी को धोखा देना किसी को शारीरिक रूप से हानि पहुंचाना यह सब गलत हुआ ना तो यह कैसे बोल सकते हैं कि यह वाला नहीं करना तो वह वाला करना है वगैरा-वगैरा कायदे से हमें कुछ भी नहीं करना है कुछ भी नहीं करना है जो कि गलत है जिससे किसी चीज का किसी व्यक्ति का कोई नुकसान हो अगर दुर्घटना हो जाती है तो चलो समझ आता है कि एक्सिडेंटली आपकी नीयत नहीं थी लेकिन किसी कारणवश ऐसा हो गया चलो कोई बात नहीं ठीक है लेकिन अगर कोई जानबूझकर कोई ऐसा काम करता है जो कि सही नहीं है और हम सब को यह पता होता है कि सही क्या है गलत क्या है तो वह सही बात है नहीं है तो इसीलिए मेरा कहने का मतलब यह है कि नाराज है क्या हमें कोई भी काम है ऐसा नहीं करना चाहिए जो कि गलत है जो कि धर्म के विरुद्ध धर्म मतलब बड़ी सिंपल सी बात है जो धारण योग्य का धारण करने योग्य हैं एप्रोप्रियेट नहीं है जो सही नहीं है जो हम किसी भी एंगल से किसी भी परिस्थिति में सही नहीं है वह हमें नहीं करना चाहिए भाई कोई एक्सक्यूज नहीं होता कि मैंने ऐसा कर लिया क्योंकि यह यह बात यह कारण था जी ऐसा कुछ नहीं होता है सिंपल सी बात है आप अपने आप को रोक सकते थे वही एक इंसान है उसने दो-तीन दिन से खाना नहीं खाया पैसे नहीं है हीरो बुरी हालत है और भूख से धड़क रहा है या फिर वह किसी के आगे हाथ फैला के मांग ले किसी के आगे हाथ फैलाने तो डायरेक्ट ली हो गया वह चाहे तो अगर पॉसिबल है तो कहीं पर मेहनत कर लिया फिर कमा कर खा ले अब इस परिस्थिति में वह छोरी करें क्या वह सही है या फिर वह कुछ करें कुछ और करें जो कि गलत ना हो और भले ही वह हो वह किसी से मांगने की बात हो तो वह तो गलत नहीं है अगर वो काम नहीं करना चाहता नहीं कर सकता मांग रहा है तो चलो ठीक है भाई सही लेकिन गलत ही तो नहीं कि उसने चोरी तो नहीं की किसी और के यहां से आए तो कुछ गलत काम तो नहीं किया तो सोचना पड़ता है हमेशा चाहे हमारी परिस्थिति अच्छी हो या नहीं हो और फिर आगे बढ़ते रहना चाहिए

#टेक्नोलॉजी

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5:10
देखी है आज आपसे पहले आपको थोड़ा आईडिया दे देता हूं मैं से आपको पता ही होगा जैसे आप और हम बात करते हैं तो आप और हम एक कर लैंग्वेज में बात करते हैं किस जरिया है एक मीडिया में एकमात्र जीत में बातें करते हैं राइट और हमारे काम बढ़ जाते हैं हरी बात करने से नहीं होता लेकिन उसके बाद काम आसान हो जाते हैं हम कॉल करते हैं क्योंकि इसी तरीके से कंप्यूटर लैंग्वेज में उनको एक तरीके से इंफॉर्मेशन चाहिए होती है उस तरीके से अगर इंफॉर्मेशन दी जाती है लॉजिक लगाया जाता है तो वह आपको वैसा रिजल्ट देता है जैसा चाहते हैं मजे की बात यह है कि वह अपने आप में कुछ नहीं कर सकता उसको स्कूल से उस माध्यम से उस लैंग्वेज से उन्होंने कोर्ट से जो इन सब के पीछे होता है तब जाकर वह आपस में इंतजार करते हैं सिंह होती है और आपको वह रिजल्ट मिलता है जो आप चाहते हैं अब आपके कंप्यूटर कोडिंग सीख सकता है तुझे जवाब है हां लेकिन इसमें एक और बहुत बड़ी बात आती है और इंपॉर्टेंट बाद आती है आती भाई यह कोडिंग है क्या सितंबर में सितंबर में जगह मारा यह कोविड-19 लॉक डाउन था तो नीति आयोग ने भी स्कूलों के लिए बच्चों के लिए कोडिंग क्रिकेटर वगैरह का 56 मॉड्यूल का उन्होंने तैयार किया था तो उन्होंने अकॉर्डिंग करने को बोला ऑनलाइन क्लासेस थी वहां पर ट्यूटर आते थे उनको कोडिंग सिखाते थे उसके बाद खुद से आबू करते थे और उन्होंने कोडिंग करके प्रोग्राम किया जो है या और भी कई जगह की बात करते हैं जो बच्चों का रिकॉर्डिंग होती है उसमें बिल्डिंग ब्लॉक्स पहले से ही सेट होते हैं बच्चों को ज्यादा कुछ है पर नहीं डालना होता हां थोड़ा लॉजिक लगाना होता है और और बिल्डिंग ब्लॉक्स को सेट करना होता है लाइन का ना होते हैं उनका टाइमिंग देखना और फिट किए जाएं तो आपको बोल देंगे जिसकी आशा करते हैं ओके कोडिंग की बात करते हैं जिनको इतना सारे बना कर दिया गया है ओके जिसको आप drag-and-drop से कर सकते हैं जो कि उसके आगे तुम ही उसने को उसमें थोड़ी सी और पढ़ाई लिखाई चाहिए होती है थोड़ा सा और नॉलेज ही होता है और जब आप किसी चीज को बनाने के लिए करते हैं पतरापाली रिकॉर्डिंग बनाने के लिए करते हैं तो एक्चुअली में पोस्ट आपके पीछे लैंग्वेज में हमारा अधिकतर लोग का फोन में एंड्रॉयड हो तो कुछ लोग होते हैं बाकी सब का एंड्रॉयड फोन है एंड्रॉयड में बताऊंगा तो भूल है ओके उस पर ऐप्लिकेशन डिवेलप किया जाता है आपको अगर आपको थोड़ा नॉलेज ज्ञानी तो वह आपको हेल्प करता है फैसिलिटी करता है आधा भाई आपको प्रोग्राम लिखना पड़ता है एक-एक कूड़ा को लिखना पड़ता है बैक एंड पर और अगर कोर्ट सही से लिखा गया है तो आपको वह application.run करने में आसानी होगी आपका एप्लीकेशन चलता है किसी भी मोबाइल पर ऐसा नहीं कि हर मोबाइल पर चलेगा उसकी भी बहुत सारी चीजें होती सीरियस में एप्लीकेशन बनाना होता है तो वहां पर थोड़ा और ज्यादा पढ़ाई चाहिए थोड़ा सा और ज्यादा नॉलेज है यह होता है ना क्योंकि धाकड़ में बहुत काम होता है एक-एक तो खुद को खुद से लिखना पड़ता है इस ट्रेन के पर काम करना पड़ता है डिजाइन पर काम करना पड़ता है आउटपुट को देखते हुए पैरों इनपुट पर काम कर रहा था तो बहुत सारी बातें होती है तो इतना आसान नहीं है लेकिन इतना मुश्किल भी नहीं है अगर उस पर ध्यान दिया जाए तो बचा कर सकता है यहां क्लास सिक्स के सारे बच्चे नहीं कर पाएंगे लेकिन आज इस को बहुत पसंद है वह तो कर लेगा वह किसी भी यह लोग का हो ठीक हो जाएगा वीडियो में दिन भर लगा रेहता है अलामी सीखने का मन करता है उसको समझ उसको बाथरूम में समय सुनने को मन करता है कि क्या है क्या नहीं है तो वैसे तो किसी भी हो सकते हैं तो खुशी-खुशी घर जा सकता है आपकी आपके पास ही रहो आशा ही दरिया हो माथे मासिक आने वाला हो तो डेफिनिटिव किया जा सकता है

#रिश्ते और संबंध

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3:07
पता नहीं क्यों आज यह सवाल आ रहे हैं निवेशक बनी 12 का ऐसा जवाब दीजिए पैसे वाला रहे हैं चलिए कोई बात इस सवाल को अटेंड करते हैं हमारे भारत में खराब चरित्र को क्यों दर्शाता है जी ने मेरे को तो नहीं पूछा था ऐसा कुछ भी नहीं है ज्यादा दिन हो गया अभी भी है लेकिन पहले जब मैं बात करता हूं तो आज से 30 साल पहले 40 साल पहले जब भी भैया जैसा कि हमने अपने बचपन में देखा होगा कि भैया आचरण दिखाओगे लड़कियां दुपट्टा लेकर जाती थी वगैरा-वगैरा और बड़े लोग भी गिरा तो क्या उसे तब ओवर ए पीरियड आफ टाइम हम सब जानते हैं कि जी ने चेंज होती हमारे ख्याला चेंज होते हैं हमारा पहनावा छेद होता है हमारा दृष्टिकोण से होता है जेनरेशन आफ थे जेनरेशन यह चेंजेज इन एडिटेबल होते हैं मदद चेंज होते होते हैं तो हर चीज ठोकर आज कुछ फैशन में स्टाइल में इनोवा नजरिए में इस सूची में पहनावे में अगर कुछ ऐसा आ गया है कि नहीं आप कोई बात नहीं इस पर दुपट्टा नहीं ले तो भी चलेगा तो इसमें कोई दिक्कत वाली बात नहीं है मेरे हिसाब से ओके लेकिन थोड़ा से इतना ख्याल किया जाए कि मैं यहां कहां पर जा रहे हैं और 2 बटा लेना चाहिए नहीं लेना सी है तो और अच्छा हो जाते और मेरे हिसाब से लड़कियों को यह पता होता कि हम हमको आपके बोलने की जरूरत नहीं है कुछ गलत सोचने की जरूरत नहीं है कि देखो उसने नहीं लिया उसने ऐसा किया वगैरा-वगैरा जी नहीं यह तो परेशान है उनको जैसा पसंद है वह वैसा करें जाती है कि जहां पर नहीं जाना होता वहां पर अगर वह नहीं ले जाए तो क्या दिक्कत है कोई दिक्कत नहीं चलेगी सोच कर देखिए मेरा इससे उनकी खराब चरित्र नहीं झलकती है ऐसा कोई दिक्कत परेशानी नहीं है इसके बारे में सोचा नहीं था अगर आपके घर परिवार में ही रहो या बहन है या जो भी है भाई क्यों उनको आप सजेस्ट करना चाहते हैं मैं एडवाइस भी नहीं बोलूंगा मैं कंपल्शन भी नहीं बोलूंगा अगर आप उनको बोलना चाहते कि नहीं नहीं तो पटा ले लो अच्छा लगेगा या इस जगह पर ऐसा कर लो पैसा दे देना चाहते हैं और उनको अच्छा लगता है कि हां यह सही बोल रहे हैं लेना चाहिए तो ठीक है अगर वह नहीं रहती तो कोई बात नहीं वैसा करना चाहते हैं स्वीट ईश्वर आपको और हमको इसमें बीच में और कुछ बोलने की जरूरत नहीं है

#रिश्ते और संबंध

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2:37
जी रहे हैं अब मैंने तो उसका आधा सुना है वही की समस्या गोपाल के रखना नहीं चाहिए और एग्जाम है कि उससे बच्चों को जन्म देती है और तुझे देखे समस्याओं के बच्चे भी होते हैं तरीके से पहली बार मैं सुना हूं लेकिन हां यह सही है और सही कैसे हो सही जवाब नहीं है कि वह कुछ और रूप ले ले हो सकते हैं उससे कुछ और समस्याएं उत्पन्न हो जाए जो कि सही नहीं होगा और सबसे बेहतर होता है और उससे पहले ही बता दूं की समस्या को समस्या बताइए समस्या को एक परिस्थिति लीजिए इंसान हमेशा एक परिस्थिति में होते हैं उसके बाद वह दूसरे में जाते हैं कई बार कई परिस्थितियां ऐसी हो जाती है जो लगता है कि यहां चल रही है वगैरा-वगैरा हमेशा की की परिस्थिति होती हैं और हमेशा एक परिस्थिति से दूसरी परिस्थिति में जाता है तो कहती कुछ ऐसी है जहां पर आपको नहीं दिख रहा है चीजें आप बोल नहीं रही है कोई दिक्कत परेशानी है तो बेहतर है कि आप उसके लिए कुछ करें दो ही चीजों से या तो आप कुछ करेंगे या फिर आप कुछ भी नहीं करेंगे या कुछ नहीं कर सकते हैं आप उस परिस्थिति में कुछ कर सकते हैं तो आप करिए अगर कुछ भी नहीं कर सकते तो छोड़ दीजिए क्या कर सकते हैं सिंपल सी बातें हैं और कुछ कर सकते हैं किसी के द्वारा किसी की सहायता के कारण कब गिरेगा तो हो सकता है वह चीज जरूरत है और कुछ काम ना करें तो वह सही नहीं है आपको डेफिनेटली उससे उबरने का प्रयास करना चाहिए उसी समय नहीं तो कई बार क्या होता है उसी गांव की तरह होता है जिसको अगर आपने ठीक समय देखा नहीं देखा दवाई वगैरा नहीं लगाई तो हो सकता है वह पढ़ भी सकता है और बाद में भयंकर रूप ले ले तो इसीलिए आगे नहीं पर छोटा ही सूरत उसको वही क्लोज कर देना चाहिए उसी तरह एक बार एग्जाम पहले जैसे कि आज हमेशा एक चिंगारी से शुरू होती है जब आप छोटी होती है थोड़ी सी होती है तो उसको काबू में करना आसान होता है वहीं आकर भीषण हो जाती है तो बहुत मुश्किल होता है उसको काबू में करना तो इसीलिए अगर समाधान है अगर आप ट्राई करें देखें कि वह सलूशन निकल सकता है रास्ता निकल सकते तो जरूर होना चाहिए

#रिश्ते और संबंध

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2:29
जी देखिए अगर किसी कारणवश किसी की शादी टूट गई है या कोई हादसा हो गया है पति का देहांत हो गया है स्वर्गवास हो गया है जो भी कुछ हुआ है और लड़की दोबारा से शादी करना चाहती है तो उसमें कोई दिक्कत नहीं है तो दोबारा शादी कर सकती है लेकिन आप का सवाल है भैया तीसरी शादी को लेकर के तुझे देखे सबसे पहली बात तो मुझे नहीं लगता कि कोई ऐसा करता होगा या इसकी जरूरत आती होगी भी देखें एक शादी तो ठीक-ठाक नहीं हुई या कुछ सर दुर्घटना हो गई और पति और नहीं रहे तो चलो दूसरी शादी इंसान कर सकता है लेकिन दूसरी शादी में भी ऐसा कुछ हो जाए फिर कोई तीसरी के बारे में सोचें ऐसा बहुत कम होता है लेकिन फिर भी इंसान का निजी फैसला होता है हमको लगता है कि नहीं यह टाइम सही है यह सही है मुझे करना चाहिए शादी वगैरा वगैरा तो आप और हम आपको ऐतराज नहीं होना कोई दिक्कत परेशानी नहीं होनी चाहिए उनका जीवन है और वह जैसा चाहे वह चीज सकती हैं इसमें चरित्र को लेकर दांत दर्द करने की या कोई और बात सोचने की कोई जरूरत नहीं कोई आवश्यकता नहीं है और वैसे तो जल्दी अगर मैं पर्सनली बोलूं तो मेरे हिसाब से तो इसकी जरूरत नहीं पड़नी चाहिए क्योंकि कारण कुछ भी हो सकता है ठीक है मालिक दुर्घटना से पति का देहांत हो गया और दूसरी वाली शादी बनी नहीं या कुछ कहानी हो गई तो टीसी के लिए मत चल जल्दी होता नहीं है कोई करता नहीं है लेकिन फिर भी अगर कोई और कदम बढ़ाना चाहते हैं तो यह फैसला हमको ऐसा कोई भी इनोवा हत्यारोपी ने नहीं बनाना चाहिए नजरिया नहीं बनाना चाहिए कि उनका चरित्र सही नहीं है देख रहे हैं और वह भी हीरो ऑफिस के अंदर से करो शादी करी है क्योंकि उनको एक पति की जरूरत है 1 मील की जरूरत है अब इसको पैसे मत कीजिए आप इस तरीके से भी ले सकते हैं कि उनको लगता है कि उनको एक लाइक कंपनी निर्माण की जरूरत है और अगर उनको ऐसा ही लगता है और उनको लगता है कि यह वाला इंसान सही रहे पहले तो उनके साथ ही हो गया वह हो गया वगैरा-वगैरा तू ही उनका निजी फैसला है वह जैसा चाहे वैसा जीवन बिता सकती हैं आपको और हमको उसमें कुछ प्रतिक्रिया या बोलने की कोई आवश्यकता नहीं होनी चाहिए

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4:43
प्लीज मेरा जवाब में थोड़ा अलग तरीके से देता हूं थोड़ी है क्या आपका फ्रेंड है ठीक है जी थोड़ा और एवं पवित्र रहता है थोड़ा बाहर लगता है और क्या है आत्मा का स्वरुप है अफरीदी ने जो आप दिल समझते हैं और जो आप देखते हैं कि जब दिल धड़कता है जो कि आप के लेफ्ट साइड में है यह तो आपका एक और भी दिल नहीं है वास्तव में यह सुविधा नहीं है उनकी बेटी के लिए मेरी जान दे कि वह यही है हमारा दिल बगैरा लेकिन वास्तव में देखा जाए तो हमारा हृदय जो है जो कि आत्मा का स्वरुप है वह हमारे लेफ्ट साइड में नहीं है राइट साइड में है और वह बहुत अच्छा चल है आखिर बहुत दुखी आत्मा का स्वरुप है वहां पर आपकी भावनाएं जुड़ी होती है और जहां पर भावनाएं होती हैं और जो भावनाएं होती हैं यह हॉट से विचार से बहुत ज्यादा गहन होती है यह आकृष्ट होती हैं आकृष्ट करती हैं यह भाग नहीं है जो इंसान को एक तरीके से रखती हैं आपने देखा होगा इंसान भावनाओं में बह जाता है अंग्रेजी में कहावत है ना पीपल फॉर सेल इन लव यू नहीं देखा नहीं सुना कि नहीं सुना सुना होगा और यह सब जो भी है वह होता है जो कि आत्मा का स्वरूप है तो उसी ह्रदय से एक दृश्य था जो कि आप और हम हैं दृश्य को देखते हैं जब रिश्ता है तो दृश्य भी हैं आज अदृश्य है तो दृष्टा है और अगर थोड़ा और ऐड करो तुझे ऐसा है कि जब यह जगत नहीं होगा तो दृष्टा भी नहीं होगा अरे थोड़ा दर्द क्यों होता है जैसे कि नहीं बस में क्या मैंने क्यों बताया कि यह बात होती है आपके हृदय से और सीधे प्रभावित होता है वहां पर की मूर्ति होती हैं तो वहां पर तकनीकेलिटी इस नहीं होती है और जहां पर भावनाएं होती हैं भावनाएं आपके होंठ से 3 दिन से बहुत ज्यादा क्यों होती है ठीक है इसीलिए भाई इसका आंसर जो है वह दिल पर पड़ता है एक और बात आपने देखा होगा कि जब होता है एक लड़का लड़की के बीच में तो जी बहुत टाइम लग जाता है उससे रिकवर होने का ऐसा क्यों होता है सही अगर अभी आप कुछ सोच रहे हैं और अचानक ऐसे अचानक कुछ होता है आप कुछ और सोचने लग जाते हैं कोई और बात करता है कोई फोन कॉल आता है तो अचानक से आप शिफ्ट हो जाते हैं आपकी आपके पास से आज शिफ्ट हो जाते हैं लेकिन मुझे भाव नहीं होती है वह फिर भी रहती है उसमें थोड़ा टाइम लगता है शिफ्ट होने में तो जब आएगा जब दो लोग घर का रिलेशनशिप खत्म होता है आता है तो टाइम लगता है वह इसी का लगता है क्योंकि वह हृदय से जुड़ी हुई है और ह्रदय में भावनाएं बात करती है भावनाओं के साथ इसका ताल्लुक होता है यह थॉट नहीं है जो कि आपने मेरिट लिस्ट को शांत हो गया वह हो गया इधर उधर चला क्या आपको ही मिलेगी 1 सेकंड में आप इधर से उधर डाल सकते हैं जहां कर सकता है हमारा मन है ना लेकिन की तरह चल रही है क्योंकि वह मन की तरह से नहीं है क्योंकि वह उसमें भावनाएं जुड़ी होती है इसी कारण से 2 लोगों ने एक दूसरे से मोहब्बत करते हैं उनको प्यार होता है तो उसका ताल्लुक हृदय से होता है दिल से होता है और इसीलिए थोड़ा इंपैक्टफुल लगता है और वहां पर दिखता है

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6:54
देखिए अगर आप किसी लड़की को देखते हैं और देखते ही आपके मन में गलत विचार आता है और फिर आप सोचते हैं कि वह इस गलत विचार से पहले क्या किया जाए कि गलत विचार है ना आए तुझे देखे तब आप कुछ नहीं कर सकते हैं जब आप ने लड़की को देखा और आपके अंदर विचार आ गया था आप कुछ नहीं कर सकते हैं सोच कर देखिए क्योंकि आपके पास था ही नहीं है और आप क्या आपको सोचने पर मजबूर भी नहीं करेगा आपके अंदर देखते ही विचार आया और आप उस धारा में बह जाते हैं यही होता है तो जी सवाल का सलूशन क्या है तब आप दोबारा से पढ़ लेता हूं तब आदि है किसी लड़की के प्रति गलत सोच से पहले क्या विचार करना चाहिए भी देखें उस समय जब आप किसी को देख रहे हैं उस समय आपको कोई विचार नहीं करना विचार तो आपको पूरे जीवन भर अपने व्यक्तित्व के करना है कि आपका व्यक्तित्व के आपकी सोच कैसी है आपकी मानसिकता कैसी है आपका चरित्र कैसा है आपके अंदर क्या चलता रहता है विचार आपको इस पे करना है और उसको जितना हो सके कायदे का बढ़िया तरीके का रखना जरूरी होता है ऐसा नहीं हो रहा है कि लड़की को देखते ही या औरत को महिला को दे दिया जाएगा नहीं होना चाहिए तो कैसे दूर होगा वह इस तरीके से दूर होगा कि मेरा मेरी दिनचर्या कैसी है मैं दिन भर में क्या या किस हॉल में रखता हूं अपने आपको क्या देखता हूं बर्तन सुल्तान में कुछ भी हो सकता है क्या वो किताब हो सकती है वीडियो हो सकता है कोई ऑडियो हो सकता है किसी की संगत हो सकती है आधा चीजें हैं जिनके तो हमारे पास इंफॉर्मेशन जाती है और उस इंफॉर्मेशन से हमारे अंदर आयुर्वेद हारना एक सोच एक प्रवृत्ति बढ़ने से बनती चली जाती है अगर उस पर रोक नहीं लगा है क्या तो हम उस दिशा में बहते चले जाते हैं अब ऐसा कैसे होता है कि किसी के अंदर लड़की को देखते ही गलत विचार आ जाए यह विचार आ सकता लेकिन गलत ही क्यों है तुम इसको रोक करने के लिए आपका जीवन कैसा चल रहा है आप दिन भर में क्या देखते हैं क्या सोचते अपने आप को कैसे रखते हैं आपके आप की सोच कैसी है मानसिकता कैसी है उस को कंट्रोल में करना बहुत जरूरी है क्योंकि उस पर आपने काबू नहीं पाया तो जब आप लड़की को देखेंगे तो ऐसा ही होगा ऐसी ही प्रतिक्रिया आएगी ऐसा ही विचार आएगा जो कि एकदम सही नहीं है तो अगर पूरे ग्रुप में पूरे पृथ्वी पर हर इंसान के दिमाग में ऐसे ही आने लगे तो सोचे क्या हाल होगा अच्छी बात नहीं है देखें सही विचार या गलत विचार क्या होता है और कुछ नहीं बस यही होता है कि किसी स्वरूप को किसी चीज को वस्तु को इंसान को देखने के बाद आपके अंदर की प्रतिक्रिया क्या होती है और सबसे पहले अंदर की जो प्रतिक्रिया है वह क्या है वह विचारों से ही तो है आप सोचते हैं कुछ पिक्चर बना लेते हैं कुछ सुंदर जरिया बना लेते हैं आपस पर क्यों बना लेते हैं और फिर उसके बाद भावना आ जाती है जो की छूट जाती है और फिर आप कोई एक्शन लेते हैं धारण कर सकते हैं जो कि सही या गलत हो सकता है भाई प्रवेश जब तक आपने कोई कार्य नहीं किया है तब तक आप फिर भी थोड़े से मैं थोड़े सुरक्षित हैं क्योंकि वह बेचारा के अंतर्गत की है वह विचार अभी कर्म में नहीं बदला गया है तो किसी इंसान को किसी तरीके की हानि नहीं होगी विचार से जो कि सही नहीं है लेकिन अगर सोचिए अगर आपका अपने आप पर काबू नहीं रहा तो वह भी बोलो विचार जो आए हैं जो कि आपको बता रहे हैं सही नहीं है वह किसी गलत प्रयोजन से गलत कार्य में हो जाएगा गलत कार्य आप से करवा लेगा तो सही नहीं होगा इसलिए सबसे पहली बार कि हमारा दिन सारा कहता है आप की संगत में रहते हैं क्या हमारे अंदर ही टूट जाते हैं उसको देखना कर डाला बहुत जरूरी है उसको सही तरीके से रखेंगे तो दिन प्रतिदिन हमारा जो नजरिया है वह इस तरीके का होगा क्योंकि आपके सामने कोई औरत लड़की महिला जो भी है वह नहीं होंगी और आपके अंदर ऐसे विचार आएंगे तब आपके लिए बहुत आसान होगा इस विचार से अपने आप को मुक्त कराना दूर ले जाना वह कैसे जैसी ऐसा कोई विचार आता है आप देखें कि यह कौन से स्कूल से ऐसा विचार आ रहा है क्योंकि मैं देख रहा हूं पढ़ रहा हूं या किसके साथ हूं इसलिए हम सभी का आ रहा है कोई मेरी बात से हटा लीजिए क्योंकि अभी और कुछ नहीं है 9811 तरीके की सोच रखेंगे किसी देखें हर एक इंसान को देखते ही मेरे अंदर ऐसा विचार नहीं आना चाहिए वगैरा-वगैरा तो यह सही होगा और इसी तरीके से हमें समझ गया समझ गया तो उसके देखिएगा एक और बात भी देखें ऐसा संभव है कि सामने कोई लड़की और आपको अच्छी लगे आप उसको जो घड़ी देखना चाहे तो भेजो कि व्हिच इस परफेक्ट फाइनेंस में कोई दिक्कत नहीं है कि देखें अब वहां पर आपको अपने आप को रोकने की जरूरत है और थोड़ा पटवा से बातें करने की जरूरत नहीं है मेरा कहने का मतलब है कि हमारे अंदर जो भावनाएं हैं जो विचार हैं उसको कंट्रोल करके रखना बहुत जरूरी कहीं जाते हैं किसी से मिलते हैं किसी पदार्थ में जाते हैं किसी और साथ में जाते हैं किसी को ग्रुप में देखते हैं हमें हंसाने वाले इंसान अच्छा अच्छा लगे उसको देश की खूबसूरती सबसे पहले तो उसकी खूबसूरती रहती है उसको आज ऑफिस सेट कर दीजिए ओके आज ठीक है बढ़िया है बात करना है बात करने का मौका है बात और आप चले जाइए उसे आज होने की जरूरत नहीं है वहां से आगे दिमाग में कोई कह रहा फिल्मी अनिल बनाने की जरूरत नहीं है बस वही अपने आपको रोक की और आगे बढ़ जाएगी हां उसी लड़के से या किसी और की शादी हो जाती है आपकी आंखें आपके लाइफ में कोई लड़की ऐसी है जिसे दादा का रिलेशनशिप है उसके साथ आप फ्री हो बात कर सकते हैं किसी को भी पर वगैरा-वगैरा विचार कीजिएगा

#रिश्ते और संबंध

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3:41
दीदी की शादी का विवाह क्या है शादी वह है जिसमें यह का लड़का है या लड़की अपने चुनिंदा पार्टनर के साथ यह डिसाइड करते हैं कि हां और मैं पूरी जिंदगी ऐसे इंसान के साथ आजीवन अवधि तक आना जाऊंगा या जाऊंगी उल्टा चेन खोल का अपना फैसला होता है वह संतुष्ट होते हैं अपने पैसे से और यह डिसाइड करते हैं कि यह सिद्धांत के साथ में शादी करना चाहता हूं ऑफिस से लीव फॉर मिली है शादी के बंधन में बंधना चाहता हूं या चाहती हूं अब आप के समान है यदि लड़का हो या लड़की अपनी लाइफ पार्टनर शादी करने के लिए मंजूर हो जाए तो क्या यह गलत है या सही है जिसमें कोई गलत ही नहीं है अब अगर माली जी शादी हो रही है तो क्या आप बिना बात के देखे एक जमाना था आज से करीब मेरा समझ लीजिए 1787 साल पहले आओ और पहले एक जमाना था जब लड़का लड़की शादी से पहले जानते भी नहीं थे कि किसके साथ शादी होने वाली है बात करना तो दूर की बात है उन्होंने तो फोटो भी नहीं देखा होता है कई बार पहले के जमाने में कि भाई इनके साथ शादी हो रही है जो भी और दोहा बोल दिया कि वह इसके साथ करनी है शादी तो बसपा को मानते हैं और हम शादी हो गई तो ऐसा था लेकिन आज का समय कैसा है नहीं तो आजकल तो और बढ़िया चाहिए कि वह लड़का और लड़की शादी से पहले एक दूसरे को मिल लेते हैं जान लेते हैं सवाल जवाब पूछे गए हैं कोशिश करते हैं जाने का कि यार यह पता लगे कि यह किस तरह का इंसान है जिले के जब मिलते हैं लड़का लड़की शादी से पहले तो यह छोड़ना पूछते हैं बातें करते हैं कि भाई तूने पढ़ाई किया कि है वगैरा-वगैरा वह तो आपको पता होता है ना आपके मैं आपके प्रोफाइल में बोल सकते हो लिखा होता है वो जाने की कोशिश करते हैं समझने की कि भाई आप किस तरीके की किस तरह के इंसान हैं क्या हमारी फ्रीक्वेंसी मैच करेगी हमारी सोच नहीं थोड़ी समय समानता है या नहीं वगैरा-वगैरा जब कोई ऐसा करके उसे जबरन शादी करने का फैसला करता है चाहे वह लड़का है लड़की तो इसमें कोई दोस्त नहीं कोई दिक्कत नहीं कोई परेशानी नहीं होगी करना चाहिए क्योंकि कल को यह ना हो कि यार पता ही नहीं चला कि आई निषाद मेरी शादी क्यों कर लिए कहानी बोकारिया लेकिन ऐसा नहीं होता कि अगर किसी ने बात कर लिया शादी से पहले अपनी लाइफ में कोई प्रॉब्लम नहीं होगी जी नहीं छोड़ा तो इसमें कोई बुराई नहीं है कोई गलती नहीं है कोई प्रॉब्लम नहीं है यह आपका इस तरीके से एक का हक है कि वह आपको पता होना चाहिए कि आप किस से शादी करने जा अरेंज मैरिज है तो और इन सबके बीच में होनी चाहिए कि हां भाई देखो बात करने का मतलब यह नहीं है कि बात कर लिया तो शादी कर नहीं करना है बात करने का मतलब यह होता है कि हां चलो एक दोबारा में बारात के लिए समझने की ओर से जाने की कोशिश की उसमें कुछ ऐसी बातें भी निकल कर आती है जैसे माली लड़का बोलता है कि मैं नहीं चाहता कि लड़की शादी के बाद जॉब करें वह घर में रहे लेकिन लड़की का ख्याल ही होगा कि नहीं नहीं मैं तो हमेशा से जवाब देना पसंद करूंगी और वह भी हीरो कॉरपोरेट जॉब यह नहीं कि टीचिंग वगैरह का ऐसी कुछ बातों का समाधान हो जाता है समाधान होना क्या फेक आईडी अलग जाता है कि आप परिवार सोचता क्या या लड़का लड़की एक दूसरे के बारे में क्या सोचते हैं तो थोड़ी सहूलियत हो जाती है क्योंकि आने वाले समय आने वाला जीवन मेरा शादी के बाद इस तरीके का होने वाला है तो उसमें कोई दिक्कत नहीं है बल्कि ऐसा होना चाहिए देखेगा

#अंतर्राष्ट्रीय

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5:16

#भारत की राजनीती

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1:55
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