#पढ़ाई लिखाई

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0:51

#भारत की राजनीती

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3:38
प्रश्न के मुताबिक ए आजकल संयुक्त परिवार इसलिए बिखर रहे हैं कि हम जो है स्वार्थी होते जा रहे हैं समय के अनुसार ऐसा हमें लगता है कि अगर बैंक परिवार में है जैसे तीन या चार भाई हैं एक साथ रहते हैं अगर एक भाई की जॉब है तो उसको ऐसा लगता है कि अगर हम संयुक्त परिवार में रहे हैं तो हमारे जो सैलरी मिलती है सबको देना होगा या सबसे महत्वपूर्ण कारण यह भी है कि जहां तीन चार भाई हैं और तीनों चारों भाई का शादी हो जाती है तो पत्निया जो है विभिन्न सोसाइटी से विभिन्न घरों से आती है और उनका मेल मिलाप या एक तरह की सोच नहीं होती है इस छोटी-छोटी बातों पर परिवार में कलह होती है झगड़े की बात होती है जिसकी वजह से जो है मजबूरन जो है परिवार जो है अलग हो जाता है इसे दूसरा भाई कहीं अलग रहता है और कोई भाई अलग रहता है इसे उनको ऐसा लगता है कि अगर हम अलग रहते हैं तो लड़ाई झगड़े नहीं होंगे तो इसका यह भी एक मुख्य कारण है कि आज संयुक्त परिवार बिखर रहा है और वही बात है कि अगर तीन चार भाई हैं और उनमें समझदारी नहीं है यह के परिवार के अंडरस्टैंडिंग नहीं है तो यह भी खराब का मुख्य कारण है अगर भाइयों में मेल मिलाप है लेकिन औरतों में नहीं है फिर भी इस वजह से यह परिवार में दिख रहा होता है इसके अलावा मां-बाप को देखा जाता है कि वह तो पूरे हो चुके होते हैं और उनका उतना स्वामी तो नहीं रह जाता है जिसे परिवार को संभाल कर रखे हैं कभी-कभी होता है कि जब बच्चे बड़े हो जाते हैं तो अपने माता पिता को बातों को अवहेलना करने लगते हैं तो उस स्थिति में परिवार का जो मालिक होता है वह नहीं संभाल पाता है यह भी एक कारण है कि एक परिवार में मुखिया नहीं होने की वजह से संघ परिवार बिखर रहा है और जहां तक संघ परिवार में रहने की प्रार्थना और संस्कृति की धरोहर की बात है तो अगर हम एक संघ परिवार में रहते हैं तो बहुत सारा लाड प्यार आपको मिलता है दादा दादी चाचा चाची भाई बहन सब का प्यार मिलता है और आप किसी तरह का डिप्रेशन या किसी तरह का तनाव टेंशन में नहीं रहते हैं आज आप देख रहे हैं कि एकल परिवार की परत है जो है बढ़ रही है लोग बड़े-बड़े शहरों में हाई-फाई में लोग रह रहे हैं लेकिन सुकून नहीं है हमेशा तनाव टेंशन से ग्रसित रहा रहे हैं यहां तक कि बहुत लोग आत्महत्या भी कर रहे हैं यानी अपनी जिंदगी से कुल मिलाकर खुश नहीं है अगर संघ परिवार में व्यक्ति रहता है तो हर चीज का समाधान हो जाता है अगर आपके बच्चे हैं तो हर कोई उसको आने वाला रहता है आप पर एक परिवार में एक परिवारिक माहौल में आप जीते हैं और लगता है कि यह दुनिया का स्वर्ग हमारे परिवारों में ही है सचमुच में अगर एक आदर्श परिवार है एक संघ परिवार है सभी में समझदारी है तो एक अच्छा विकल्प आपके हो सकता है तो कहा जाता है कि स्वर्ग से सुंदर परिवार भी हो सकता है यदि परिवार उस तरह के राज्य तो इस तरह के आजकल गांव में कुछ ऐसा धरोहर देखने को मिल रही है लेकिन यह बहुत चिंता का विषय है कि यह संस्कृति की धरोहर जो है आगे नहीं रह पाएगी और इसे हमें संभालना चाहिए

#भारत की राजनीती

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0:45
अभी जहां तक कृषि बेल की बात है तो सुप्रीम कोर्ट उसको रद्द नहीं किया है उस पर संज्ञान लेने की बात कही है अगर सुप्रीम कोर्ट कृषि बिल को रद्द करने का फैसला कर लेता है तो यह बिल्कुल सत्य बात है कि यह किसान आंदोलन है वह समाप्त कर लेंगे आंख्या कि उनका मकसद है कि उसे बिल्कुल राधा करें या उसमें ऐसा बदलाव करें जैसा किसान चाहते हैं तो जल्दी सुप्रीम कोर्ट जो है उस पर संज्ञान लिया है लेकिन अभी तक जो है उस दिल को राज नहीं किया है यदि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करता है रद्द करता है तो बिल्कुल जो है किसान आंदोलन जो है किसान समाप्त कर लेंगे

#जीवन शैली

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1:09
बहुत अच्छा प्रश्न आया है कि आखिर ऐसा क्यों होता है कि जब हम किसी चीज की अत्यंत आवश्यकता होती है तो वह चीज नहीं मिलती है और फिर बाद में वह मिल जाती है इसका मुख्य कारण होता है कि जब हमें किसी चीज की आवश्यकता होती है उस समय हम में बहुत जल्दबाजी होती है कुछ ऐसी चीजें होते हैं कि हमारे आंखों के सामने होते हैं लेकिन दिखाई नहीं पड़ती इसका मुख्य कारण है कि हम जो भी काम अगर जल्दी बाजी में करते हैं तो वह सफल नहीं हो पाता है तो यही इसका मुख्य कारण है कि हम जल्दी बाजी में तो रहते हैं लेकिन उस काम को नहीं हो पाता है और एक प्रकृति के दिन कहें या कुछ और इसकी उम्मीद है ऐसा हमेशा होता है कि जिस चीज की हमें जरूरत होती है वह उस समय नहीं मिलती है परंतु बाद में मिल जाती है और कभी कभी जो है हमारा मन जो है उसको रीडिंग नहीं कर पाता है कि अमुक चीज कहां रखा गया है या कई दिनों के बाद देखा जाता है या कई दिन देखे हुए हो जाता है तो उस समय हम उस चीज को भूल जाते हैं जिसकी वजह से ऐसा होता है

#धर्म और ज्योतिषी

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1:55
प्रश्न है कि भारतीय समाज में स्त्रियों के लिए साड़ी सभ्य और जींस टॉपर सभी के माना जाता है तो जहां तक मेरा अनुभव है भारतीय समाज या भारत की जो परंपरा रही है पुरुषों के लिए धोती कुर्ता और औरतों के लिए साड़ी आप देखेंगे कि एक के नारी को यदि आप जींस टॉप पहना दे और दूसरी तरफ साड़ी पहना दे एक आदर्श नारी की झलक साड़ी वाली औरत के अंदर झलकता है और हम सभी यह भी जानते हैं कि जो जींस का प्रचलन इस समय है जींस और टॉप का जो प्रचलन है तो बहुत पहले की बात है जब वजह से हमारे देशों में प्रचलन नहीं था तो एक कंपनी ने अपने वर्करों के लिए या कपड़ा याद किया था काफी मोटे तौर पर क्योंकि उससे कंपनी में जो मजदूर थे उनके कपड़े बहुत जल्दी फट जाते थे और वह मोटे तौर पर कपड़ा का प्रयोग किया उसके धीरे-धीरे फैशन के रूप में जींस जो है चारों तरफ छा गया और जो कि हम जानते हैं कि यह जो है जींस टॉप जो है यह पश्चिमी सभ्यता की देन है इसलिए इसे असभ्य माना जाता है क्योंकि व्यक्ति की जो शरीर की जो बनावट होती है वह उसमें ज्यादा स्पष्ट तौर पर दिखता है और यह के टाइट फिटिंग जिसको हम कहते हैं कि शरीर में जो है चिपका रहता है तो भारतीय समाज में इसको असभ्य मारने का यही कारण है कि पश्चिमी सभ्यता का है यानी हमारे देश की संस्कृति का यह पावन आवा नहीं इस वजह से जो है जी स्टाफ को असभ्य माना जाता है जबकि स्त्रियों के लिए साड़ी जो है भारतीय प्रधान प्रधान और भारत की संस्कृति से जुड़ा हुआ महसूस होता है जिसके वजह से हम स्त्रियों के साड़ी पहने के हेतु सभ्य मानते हैं

#जीवन शैली

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0:55
प्रार्थना है कि हम ठंड में ऊनी कपड़े क्यों पहनते हैं तो हम सभी जानते हैं कि सर्दी के मौसम आते ही हम अगर में कपड़ा पहनना पसंद करते हैं उन्हीं कपड़े हुआ और इसका वैज्ञानिक दृष्टि से बात करें तो उन जो है उस्मा का सुचालक होता है और इसके रेशों के बीच जो है जो हवा होती है जैसे हम जब हम गर्म कपड़े पहनते हैं या रजाई उड़ते हैं तो अपने आप को जो है बाहर ही हवा को अंदर नहीं आने देते हैं जिसके वजह से रात में हमें गर्मी महसूस होती है ठीक उसी प्रकार जो है यह जो रिश्ते होते हैं यार वही होते हैं उसमें सारी हवा बंद हो जाती है और इसलिए उन्हें कपड़े जो है पहनने से गर्मी का एहसास होता है इसलिए मैं सर्दियों में हमारे लिए काफी लाभदायक हो जाता है

#पढ़ाई लिखाई

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2:39
प्रश्न है कि बिहार के शिक्षा हालत कब सुधरेगा तो देखिए ऐसी स्थिति अभी तक तो नहीं बन पाई है कि बिहार के शिक्षा या हालात सुधरे आप ए देख रहे हैं कि सरकारी स्कूलों में जो टीचर की रिक्वायरमेंट है या अपॉइंटमेंट है निचले स्तर से की जा रही है एक तो देखा जा रहा है कि मुखिया पंचायत सचिव यह वीडियो प्रमुख जो प्रतिनिधि होते हैं आप समझ सकते हैं कोई राजनीतिक पार्टी का प्रतिनिधि किस प्रकार और किस तरह का चयन करता है देखा जाता है कि जो मेरिट में विद्यार्थी होते हैं या जो भावी शिक्षक मेरिट में होते हैं उनका जो है अपॉइंटमेंट नहीं होकर दूसरे व्यक्ति का पैर भी वालों को हो जाता है तो यह कारण है कि अच्छे शिक्षक बहाल नहीं हो रहे हैं इसके अलावा जो परीक्षा होती है जैसे पत्रता परीक्षा हो रही है इसमें भी काफी धांधली होती है इसके अलावा आप ही बात कर ले कि जो शिक्षा का बजट है काफी कम आता है जो सरकारी शिक्षक है उनको अन्य कामों में ज्यादा लगाया जाता है और एक के भी कारण है कि स्कूल में पढ़ाई के अलावा बहुत तरह क्रियाकलाप सरकार को माध्यम से दी जाती है जैसे आजकल मिड डे मील चल रहा है जो टीचर जो है बच्चे के अधिक अटेंडेंस बनाने खिचड़ी खाने या अन्य क्रियाकलापों में ज्यादा राजनीति करते हैं इसके वजह से जो है पढ़ाई लिखाई जो है सरकारी स्कूल में चौपट है कुछ स्थिति अच्छी बेहतर है प्राइवेट स्कूलों में लेकिन यह बहुत चिंताजनक विषय है कि इतना सारे संसाधन होते हुए कई हजार करोड़ रूपया सरकार खर्च करती है फिर भी बिहार की शिक्षा व्यवस्था है जो है दिन पर दिन जो है बत्तख तेजा रहा है यह सभी के लिए चिंता का विषय है और यह दुर्भाग्य है कि बिहार को एक अच्छे मुख्यमंत्री याची सरकार नहीं मिल पा रही है जिसकी वजह से स्थिति जो है ज्यों की त्यों बनी हुई है आज तक शिक्षा का क्षेत्र में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है ना अच्छी बिल्डिंग ना अच्छी पढ़ाई के सारी सामग्री यार इतनी कर्मठता से टीचर नहीं पढ़ाते कई कारण इसमें समाहित है जिसकी वजह से ऐसा आगे भी अनुमान नहीं लगाया जा सकता है कि बिहार के शिक्षा हालत सुधरेगी

#खेल कूद

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0:42
भारत की बात करें तो पहले इंडियन गार्डन कोलकाता क्रिकेट स्टेडियम का नाम आता था कि यह भारत का सबसे बड़ा स्टेडियम है लेकिन अभी जो करंट का न्यूज़ है जिसमें बनकर तैयार होने वाला है यह दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम में अहमदाबाद शहर के मोटोरा इलाके में तैयार हुआ है और इसका नाम सरदार पटेल गुजरात स्टेडियम रखा गया है 110000 की छमता इसमें है और इस स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड से भी बड़ा है या नहीं प्रश्न के हिसाब से या दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम होगा जो बनकर तैयार हुआ है

#खेल कूद

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2:14
प्रश्न है कि क्या मर जाना ही सभी समस्याओं का समाधान है तो देखिए मर जाना समस्या का समाधान नहीं है और मुझे लगता है कि आप इस शहर की संज्ञा दे सकते हैं क्योंकि जीवन हमारा जो है संघर्षशील है और हम सभी जानते हैं कहीं-कहीं कोटेशन भी मिलता है कि जीवन ही संघर्षशील है तो इसे हमें घबराना नहीं चाहिए जो कि ईश्वर ने हमें बहुत सोच समझ कर इस दुनिया पर भेजा और हम सभी अभी जानते हैं कि 8400000 योनियों में यानी जियो में भटकने के बाद एक बार हमें मनुष्य रूपी जन्म होता है और यह संभव है जो कि यह जीवन है यह मृत्युलोक है तो यहां पर संघर्ष तब किसी को करना पड़ता है ऐसा नहीं है कि हर किसी को आसानी से सब कुछ मिल जाता है अगर जिंदगी में संघर्ष ना हो तो जिंदगी का जीने का मजा में किरकिरी हो जाएगी क्योंकि हमें हालात या हमें सिचुएशन या स्थिति बहुत सारी चीजों को हमें जानकारी मिलती है जब हम संघर्ष करते हैं यह उसे गलतियां करते हैं उसे हमें भी कुछ सीख मिलती है तो हम इन समस्याओं का सामना करना चाहिए और यह सत्य बात है कि जो समस्या हमारे सामने आती है उसका समाधान जरूर होता है बशर्ते कि हम उसके लिए प्रयत्न करें तो मर जाना है यह समस्याओं का समाधान नहीं है अगर आप ऐसा करते हैं तो हो सकता है कि आप तो चले गए आप का जो जीवन जीने का जो समय था उसको दिया अतीत नहीं कर पाए इसके साथ-साथ अपने परिवार या अपने बच्चे या पत्नी के पीछे एक बोझ है या एक असहाय करके चले गए इससे आपको और आपके परिवार को कितनी पोस्ट होती है हम सभी को यह समझना चाहिए कि एक व्यक्ति को न रहने पर परिवार को कितनी आशाएं होती और क्या परिवार पर बिकती है यह सारे स्थिति आप देख सकते हैं अगर किसी व्यक्ति को समय से पहले मृत्यु हो जाती है तो यह सारी स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुझे लगता है कि समस्याओं से लड़ना चाहिए बल्कि इस तरह के कदम हमें नहीं उठाना चाहिए

#खेल कूद

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0:52
जनरल की दृष्टि से या जनरल नॉलेज की दृष्टि से जीवनदायिनी गैस और गैस को भी आप कह सकते हैं लेकिन आम तौर पर देखा जाए तो आखरी जन को हम लोग जीवनदायिनी गा सकते हैं क्योंकि यदि आप सीजन नहीं रहे तो एक तो हम साथ नहीं लेंगे और तुरंत हम मृत्युलोक पधार जाएंगे दूसरा यह है कि ऑक्सीजन के माध्यम से ही आग जलता है जैसे हम खाना बनाते हैं या जो भी आग से काम हो रहा है तो यह सृजन का काफी महत्वपूर्ण है और दूसरा है कार्बन डाइऑक्साइड यानी हम लोग जो सांस लेते हैं वापी जाने और छोड़ते हैं वह कार्बन डाइऑक्साइड है इस दोनों देशों का काफी भूमिका है लेकिन कुल मिलाकर हम जीवन देने के बाद करें जो हो जीव देता है तो वह सभी प्राणियों के लिए विज्ञान जो है महत्वपूर्ण है

#स्वास्थ्य और योग

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1:33
हमारे या आपके आंखों से पानी निकालना हमारी आंखों के लिए काफी लाभदायक होता है हम सभी जानते हैं कि अगर आंखों से आंसू या पानी निकलना बंद हो जाए तो इसका मतलब है कि आंखें के जो न लगाएं हैं उसमें कुछ समस्या है और पानी ना आने से हम में छपी हो सकता है और कुछ लोग और भी खुशी के आंसू निकालने के साथ पैदा भी करते हैं जैसे नवजात में अक्सर आंखों में पानी की समस्या होती है जो कुछ हफ्तों के भीतर साफ हो जाती है तो हम यह कह सकते हैं कि नलिका यहां विकसित नहीं है जिसके वजह से आंखों में पानी नहीं आ रहे हैं इसे कई बीमारी भी हो जाता है और हमारे आंखों के देखने की शक्ति भी कम हो जाती है तो आंखों से पानी निकालना हमारी आंखों के लिए काफी लाभदायक होते हैं और दूसरा इसमें प्रार्थना है कि यह पानी नमकीन क्यों होता है तो हम सभी जानते हैं कि पसीना हो गया यहां से हो गया यह इस में नमक की मात्रा आती है इसका मुख्य वजह है कि है कि हम लोग जो भोजन करते हैं एक तो बहुत सारा भोजन में हम नमक की मात्रा लेते हैं इसकी वजह से होता है और यह छारीय होता है आपत्ति ना कि बात कर ले यार आंसू की बात करें तो यह हमारे खाने के ऊपर निर्भर करता है और कुछ आर्य चीज होते हैं जो हमारे शरीर से बाहर निकलते हैं जिससे एक किताब अभी की बात कर लो अभी छारीय होता है पसीने की बात कर ले तो ऐसा मृत शरीर की बनावट के अनुसार और खानपान के अनुसार होता है

#टेक्नोलॉजी

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1:00
बहुत पहले हम लोग जब साइकिल चलाते थे तो साइकिल में भी एक हेड लाइट होती थी और हम सभी जानते हैं कि चाय के लिए आंतरिक ऊर्जा है यानी हमारे पैरों से हमारे सभी से चलता है और उसी के साइड में एक के टंकी जैसा होता था उसके ऊपर एक के नाचने वाला पहिया होती थी और उसके घर क्षण से जो है यांत्रिक ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होकर और हमारे साइकिल के जो हेड लाइट होती थी वह जलती थी और बहुत मजा आता था रात में कहीं भी आप यात्रा कर सकते थे लेकिन आजकल के साइकिल में ऐसा नहीं दिख रहा है तो उस वजह से हम लोग जो है यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करके प्रकाशमान करते थे और भी बहुत सारे उदाहरण है आप उदाहरण की और बात करें विद्युत ए जनवरी तैयार टरबाइन कि हम बात करें यह भी जो है यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है

#टेक्नोलॉजी

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0:48
ज्योतिष दृष्टि से जहां तक प्रार्थना है कि दुकान के मालिक को किससे स्थिति में बैठना चाहिए तो दुकान के मालिक को बैठने का सही स्थिति दक्षिणी पश्चिमी कौन है मैं होता है मैंने सुना है कि किसी ने ज्योतिष शास्त्र ही नहीं बताया है इस प्रकार होनी चाहिए कि पीठ दक्षिण की ओर और मुझे है उत्तर की ओर हो साथ में दक्षिण से लगे पश्चिम के दीवारों पर ए कह रहा है कि बुक्शेल्फ या अलमारी का निर्माण करना चाहिए जहां तक संभव हो सके बारह होना चाहिए यदि ऐसा संभव ना हो तो वहां पर परबतिया ऊंची इमारत की पेंटिंग लगा सकते हैं तो ऐसा आप कर सकते हैं

#खाना खज़ाना

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0:50
प्रश्न है कि क्या कांच के बर्तन में खाने से दरिद्रता आती है तो देखिए अगर हम लोग गांव देहात में जहां शिक्षा के कमी है वैसा हम लोग सुनते हैं और कभी-कभी हमारे दादी मां भी इस तरह की बातें करती है या अगल-बगल के चाची के लोग भी इस तरह के बात है लेकिन मुझे लगता है कि यह ऐसा नहीं है आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार भाग्य अपने कर्मों के अधीन है यदि आपके कर्म विचार वह बाड़ी की दिशा सकारात्मक है तब आपका भाग्य भी सकारात्मक होना तय है और भ्रम है भारतीय पुराण में कांच के बर्तन में भोजन का निषेध करता है अपितु इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है लेकिन अगर हम इसमें भोजन नहीं करते हैं तो हमारे फेवर में हो सकता है

#टेक्नोलॉजी

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1:41
जैसा कि प्रश्न पूछा गया है कि घर पर धान के लिए अच्छा महीना कौन सा है और श्रेष्ठ संतति यानी संतान के लिए पूछना चाहते हैं कि किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए तो देखिए शीतकाल में विशेष रुप से मांस और फागुन माह में धारण कर उत्तम संतान का बीजारोपण करते हैं यानी जो बच्चे अक्टूबर से दिसंबर के मध्य जन्म लेते हैं उनके जीवन में संघर्ष का परिणाम आने लोगों से कम होता है कभी-कभी यह स्थिति सितंबर के मध्य से लेकर जनवरी के मध्य तक निर्मित होता है गर्भाधान और गर्भधारण करने के बाद माता-पिता के विचारों का संतान पर पूर्ण प्रभाव पड़ता है गर्भ धारण करते करने के बाद बाद संगीत गायन मंत्रा और गणित संतान को उत्तम मस्तिक प्रदान करने के साथ संवेदनशील वरमानी व अच्छे गुणों से लबरेज कर उत्तम पुरुष के निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो जाती है माता-पिता की सकारात्मक सोच और मुस्कुराहट जहां उत्तम भाग्य का निर्माण करती है वही नकारात्मक और उल्टी सोच के साथ रोना-धोना स्वभाव के चिड़चिड़ा हॉट संघर्ष में इजाफा करती है गर्व के दौरान नित्य विनोद पूर्ण हल्के-फुल्के क्षण संतान के होठों पर हंसी रोक कर उसके संघर्ष को न्यूनतम बनाती है और महत्वकांक्षी विचार उसके फलक पर बिठाते हैं गर्भाधान संस्कार के रूप में हमारे समृद्ध परंपराओं ने हमें संतान रचना के विशिष्ट बनाती हो मैं भी नवाजा है तो यह स्थिति है

#धर्म और ज्योतिषी

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1:24
किताबों में कहीं मैंने पढ़ा था जन्मकुंडली के संबंध में तो जहां तक प्रार्थना है की जन्म कुंडली में भाव क्या होता है तो जब जन्म होता है किसी का तो जन्म कुंडली जन्म के समय ही ग्रह स्थिति को प्रकट करता है और इसमें 12 भाग होते हैं यह ज्योतिष लोग बेहतर तरीके से बता सकते हैं और यह बारे भाव जो होते हैं वह हमारे जीवन के 12 आयामों का प्रतिनिधित्व करते हैं और प्रत्येक भाव का एक राशि से संबंधित होता है जिसमें उस भाव की प्रकृति व्याख्या होती है और इसमें हम बात करें तो इष्टकाल में जो राशि पुरवा क्षितिज में होती है वह लगन कहलाती है और इसे प्रथम भाव भी कहते हैं लगने जिस राशि में होता है उसके ऊपर रखकर बची हुई राशि को वामावर्त रख दिया जाता है जैसे घड़ी उल्टी अगर गति में बढ़ती है तो उसको वामावर्त कह सकते हैं प्राचीन विरासत जी ने नौ ग्रहों का आधार पर मानती है उनमें से 7 ग्रह ही अब मौजूद है राहु व केतु को छाया ग्रह माना जाता है और उन्हें गुरु तत्व शक्ति से भी जोड़कर देखा जाता है यही जन्मकुंडली की भाव है धन्यवाद

#टेक्नोलॉजी

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1:42
व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी की बात करें तो अभी जो है व्हाट्सएप जो है एक के नोटिफिकेशन भी सर्व आज नहीं किया है कि एंड टू एंड एंड क्राफ्ट का एक प्रमुख प्रभात डर होने के नाते हम हमेशा यह प्रयास करते हैं कि व्हाट्सएप को इस तरह बनाया जाए कि लोकप्रभा इसी के साथ बातचीत कर सके और व्हाट्सएप ने अपने अधिसूचना में कहा है कि हमारी प्राइवेसी पॉलिसी और सेवा किस वर्ष में हाल ही में किए गए बदलाव इस बात का पूरा ध्यान रखते हैं कि आपके दोस्तों या परिवार के साथ आपके मैसेज की प्राइवेसी बनी रहेगी इसमें क्या चेंज हुए हैं तो व्हाट्सएप ने बताया है कि हमारी पॉलिसी में किए गए बदलाव आपके दोस्तों और परिवार के साथ आपके मैसेज की प्राइवेसी को किसी भी तरह प्रभावित नहीं करेंगे बल्कि यह बदला व्हाट्सएप पर बिज़नस मैसेजिंग से जुड़े हैं जो कि वैकल्पिक है और साथ ही यह डाटा को कलेक्ट करने का इस्तेमाल करने के हमारे लड़की के बारे में और स्पष्टीकरण देते हैं हम सभी जानते हैं कि व्हाट्सएप ना हमारे प्राइवेट मैसेज को देख सकता है और वह बताया है कि मैं पहले की भांति भी जो है ना आपके पर्सनल डिटेल को अध्यक्षता हूं ना सुन सकता हूं और ना ही आपके कॉल को चुरा सकता हूं और ना ही फेसबुक ऐसा कर सकता है आपके द्वारा अपने दोस्तों परिवारजनों और सहकर्मियों के भैया जाने वाला हार मैसेज प्राइवेट मैसेज फोटो वीडियो वॉइस मैसेज यह सारे पहले की तरह भाती सुरक्षित रहेंगे यह नहीं फास्ट है व्हाट्सएप ने किया है और देखा जाए आने वाले समय में क्या रिजल्ट हमारे सामने आता है

#भारत की राजनीती

bolkar speakerसाइबर कानून क्या है समझाइए?
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1:12
प्रार्थना है कि साइबर कानून क्या है समझाएं तो आज के दौर में सोशल मीडिया ही लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करने का बेहतर स्रोत भी है और इसका इस्तेमाल भी काफी लोग कर रहे हैं लेकिन पिछले दिनों व्हाट्सएप ने नई डाटा पॉलिसी बनाई है जिससे लोगों में शंका है वही व्हाट्सएप का कहना है कि इसे यूजर्स को आवश्यक सामग्री मिलेगी लेकिन व्हाट्सएप यूज़ आरो का मानना है कि डाटा को पब्लिक में शेयर होने से साइबर सुरक्षा कमजोर पड़ सकता है यानी आपके जो अभी अपनी डाटा है वह लिख हो सकता है और इसे सोशल मीडिया पर साइबर क्राइम बढ़ सकता है जैसे आपके पर्सनल चीजें लोग जैसे आधार कार्ड आप किसी को ट्रांसफर करते हैं तो हो सकता है कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर क्राइम मरो के पास पहुंच जाए और आपके साथ ही आप के आधार कार्ड के साथ कुछ छोड़ा छोड़ी हो जाए को नुकसान उठाना पड़ सकता है इसलिए सोशल मीडिया को और मजबूत बनाने के लिए साइबर कानून पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि डाटा का गलत इस्तेमाल होने से रोका जा सके

#जीवन शैली

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1:11
बहुत अच्छा प्रश्न है कि क्या मृत्यु भोज की प्रासंगिकता बंद कर देना चाहिए तो प्राचीन काल से यह चली आ रही मृत्यु भोज एक सामाजिक बुराई है आर्थिक रूप से संपन्न लोगों के लिए यह तो परंपरा ठीक है लेकिन गरीब इसमें आर्थिक रूप से कमजोर व कर्जदार हो जाता है संस्कार की श्रेणी में आने वाले मृत्यु भोज एक आडंबर है कितनी अजीब बात है कि हमारे संबंधी कोई समय से तो कोई समय से पहले इस दुनिया को अलविदा कह जाते हैं और ऐसी स्थिति में दुख की घड़ी से गुजर रहे परिवार को भेज देना पड़ता है और इस पर रोक लगाने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए देखते हैं कि प्रदेश के कुछ गांव में लोग ने बैठक कर मृत्यु भोज नाही करने का निर्णय लिया था जो सराहनीय कदम था इसकी बुद्धिजीवी और सामाजिक सरोकार रखने वाले लोगों को आगे आना चाहिए और इस कुप्रथा को खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाने की जरूरत है

#इतिहास

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0:20
प्रार्थना है कि सबसे पुराना वाद्य यंत्र कौन सा है तो वीणा का नाम आता है हम लोग जानते हैं कि बीड़ा सबसे प्राचीन वाद्य यंत्र है और यह मिश्रा सुमेरी जापानी चीनी संस्कृति में भी विद्वान रही है इस वजह से इसका नाम सर्वप्रथम आता है

#टेक्नोलॉजी

bolkar speakerवाद्य यंत्र क्या है?
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2:35
प्रश्न पूछा गया है कि वाद्य यंत्र क्या है तो कोई भी वस्तु से अगर हम एक विश्व में ध्वनि उत्पन्न करा लें तो उसको हम वाद्य यंत्र को सकते हैं जैसे मान लेते हैं कि ढोलक हो गया हारमोनियम हो गया वीणा हो गया या सी कार्य गिटार का हम नाम ले ले अगर आप उस को छेड़ते हैं या बजाने की कला जानते हैं तो उसे जो ध्वनि निकलती है उसे वाद्ययंत्र कहा जा सकता है अब यह भी है कि मन में यह भी प्रश्न हो सकता है कि भारत में कितने प्रकार के वाद्य यंत्र प्रचलित हैं सोचने में तो जल्दी हम नहीं कर सकते हैं और तमिलनाडु केरल से कश्मीर तक राजस्थान गुजरात से नागालैंड मणिपुर ताकि भारत नामक विशाल भूखंड में सैकड़ों प्रकार के वाद्य यंत्र परंपरा से प्रचलित रही है विशेष करचम बड़े से बड़े वादे अंतर वजह से मैंने बताया कि ढोलक इसका सर्वाधिक प्रयोग होता है बांसुरी जैसे कुकर बजाया जाते हैं उससे भी ध्वनि निकलती है तो उसे भी हम वाद्ययंत्र कहते हैं जैसे झंकार वाले या फिर तार लगी हुई तुम भी वाले भी कम नहीं है यह तार वाले भी कुछ गज के बजाए जाते हैं और कुछ छोटी सी अंगूठी जैसे मेजराअप देखे होंगे अब यह भी प्रश्न आपके मन में हो सकता है कि हम भारतीय वाद्य यंत्र कहते हैं तो क्या वे भारत में जन्मे है या कहीं और से यह तो यह कहना बहुत ही कठिन है जब भी हम किसी वाद्ययंत्र को बजते देखते हैं सुनते हैं तो मन में तो यही रहता है यह हमारे मन में एक फिगर भी बनता है कि इसकी उत्पत्ति भारत में ही हुई होगी लेकिन यह सत्य नहीं है आज प्रचलित वाद्य यंत्रों में से अनेक बाहर से भी आए हुए हैं और यह भी सच है कि अनेक भारतीय वाद्य यंत्र यहां से अन्य देश में भी प्रचलित हुए हैं सभ्यता और संस्कृति की इतिहास जानने का एक माध्यम वाद्य यंत्र भी है वेदों में उल्लेखित बाद यंत्रों का प्रयोग हड़प्पा सभ्यता में प्राप्त हुए हैं वहीं सुदूर पूर्वी इंडोनेशिया में प्राचीन भारतीय वाद्य यंत्र आज भी प्रयुक्त हो रहे हैं यानी प्रयोग हो रहे हैं हमारे बिना जो है मिश्रा सुमेरी जापानी चीनी संस्कृति में भी विद्वान रही है

#खेल कूद

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1:53
रचना है कि अमेरिका में 70 साल में पहली बार किस महिला को और किस वजह से मौत की सजा दी गई है तो अमेरिका के कंपास में रहने वाली लीसा मोंटगोमरी जिनकी उम्र अभी 52 साल है और एक गर्भवती महिला को गला दबाकर हत्या की थी और उसके गर्भ से बच्चे निकालने के जुर्म में मौत की सजा दी गई है यह जनवरी 2021 में नया फैसला आया है अमेरिकी सरकार ने करीब 7 दशक में पहली बार किसी महिला को को कैदी को मौत की सजा दी है महिला कैदी लिसा मोंटगोमरी को इंडियान प्रांत के डेरे हॉट के संज्ञा जेल परिसर में जहरीला इंजेक्शन लगाया जाने के बाद आप इसलिए जो है तारीख को दी गई है और उस इंजेक्शन में जहर दिया गया था और 1:31 में मृत घोषित कर दिया गया था मौत की सजा पर शामिल होने की प्रक्रिया के दौरान माउंट गुमरी के पास से खड़ी महिला ने झुककर उसके चेहरे से मांस का हटाया था और पूछा था कि क्या उसे अंतिम बार कुछ कहना है इस पर दोषी महिला ने कहा कि नहीं मामले के अनुसार मानता गुमरी ने 2004 में मिसौरी के एसटीडी मोर शहर में 23 वर्षीय भाभी जो स्टूडेंट की हत्या कर दी थी उसने एक राशि से बॉबी की गला दबाकर हत्या की थी और एक चाकू से उसके पेट चीरकर बच्ची को निकाल लिया था उस वक्त वह भी 8 माह की गर्भवती थी बाद में मानते घूम रही बच्ची को अपने साथ ले गई थी और उसे अपना बताने लगी थी हालांकि अगले दिन उसे गिरफ्तार कर नवजात बच्ची को छुड़ा लिया गया था और दिलचस्प बात है कि उस बच्ची का नाम विक्टोरिया है जो अब 16 साल के हो चुकी है

#भारत की राजनीती

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1:22
प्रश्न है कि पता है राशि कितनी भी ऊपर कितनी मिलती है तो ऐसा प्रतीत होता है कि अपने बोलकर ऐप से संबंधित प्रश्न किया है तो लिखिए यदि आप लैपटॉप स्पीकर हैं तभी आपको पर सहारा से मिलती है यदि आप पे के सबसे अधिक सब्सक्राइबर हैं और आपने कुछ घंटे समय यहां दिया है तो बिल्कुल आपकी राशि मिलेंगे मतलब कि 0.045 दिया जाता है और उसी प्रश्न पर प्रश्न आरा से मिलती है जिस पर तीस परसेंट से आदि के चुने गए हो मतलब कि सॉन्ग अगर चुना गया है 100 बार सुना गया है तो उसका तीस परसेंट है आपको प्रसार राशि मिलती है मतलब वो व्यक्ति अगर आपके जवाब को सुने हैं तो उसका जीरो पॉइंट 0 4 के हिसाब से आ परसेंटेज निकाल सकते हैं कुछ का 30 परसेंट कितना हुआ इसी तरह अगर 5400 अगर आपको सुनते हैं तो उसका पर सेंटेंस परसेंट ए जो है आप निकाल सकते हैं जीरो पॉइंट 0 4 के हिसाब से आप जाकर बोल कर के जो अरुण नियम है वहां भी देख सकते हैं कि क्या-क्या कैटेगरी या है वहां भी इसकी जानकारी हासिल कर सकते हैं

#भारत की राजनीती

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3:10
जब से करो ना कॉल आया है तो भारत में बहुत सारा वित्तीय चुनौती यही है हंसते हुए कर्ज की बढ़ती मात्रा कई सालों से हमारे बैटिंग प्रणाली के लिए बड़ी समस्या बन गई है करो ना मामा रहते मंदी की मार झेलती हमारी अर्थव्यवस्था को पटरी पर ला कर उसे गतिशील बनाने के लिए भी इस चुनौतियों का समुचित सम्मान करना बहुत जरूरी है भारतीय रिजर्व बैंक ने चेतावनी दी है कि अगर बैंकों ने गैर निष्पादित परिसंपत्ति आए यानी एनडीए के निपटने और वसूलने में मुस्तादी नहीं दिखाई तो आगामी दिसंबर में एनपीए का अनुपात 13.5 फ़ीसदी हो जाएगा तो साल भर पहले 7.5 फीसद के स्तर पर था अपने वार्षिक वित्तीय स्थायित्व रिपोर्ट में केंद्रीय बैंक ने यह आशंका भी जताई कि जा बीएनपीए बढ़त का यह आंकड़ा मार्च 2022 तक बरकरार रहा तो अभी से 99 के बाद से यह सबसे खराब स्थिति होगी महामारी पैदा हुई समस्या को समाधान के लिए सरकार द्वारा उद्योगों और उद्यमों को विभिन्न प्रकार के राहत मुहैया कराए गए हैं सरकार की कोशिश है कि बाजार में मांग बड़े ताकि उत्पादन में तेजी आई एम रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे उत्पादन और निर्माण के लिए आवश्यक निवेश के लिए बैंकों से लोन लेने के लिए भी कारोबारियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है लेकिन एनडीए के दबाव और भाभी को और जो की वसूली के लिए अनिश्चितता की वजह से बैंक के द्वारा कर्ज में हिचकिचाहट देखी जा सकती है निर्मला सीतारमण का यह कहना पड़ गया था कि बैंक ग्राहकों को ऋण उपलब्ध कराने में कोताही न बरतें लेकर आई है और भविष्य के लिए भी आश्वासन दिया है ऐसा इसलिए किया गया है कि बैंकों के पास कारोबार के जरूरी पूंजी की कमी ना हो सके एक प्रकार से या सरकार के लिए आसान फैसला नहीं है क्योंकि राजस्व में कमी की स्थिति में विभिन्न योजनाओं के लिए इस धन का इस्तेमाल किया जा सकता था लेकिन अर्थव्यवस्था में बैंकिंग तंत्र की स्थिति रीड की हड्डी की तरह होती है इसलिए उनके वित्तीय स्वास्थ्य को ठीक रखना भी जरूरी है एनपीए बढ़ने की आशंका है इसलिए भी मजबूत हुई है क्योंकि कोरोना काल के संकट से उद्योग जगत से लेकर छोटे कारोबारियों तक के नुकसान हुआ है उनकी चुनावती पर नकारात्मक असर पड़ सकता है सितंबर 2020 में बैंकों का पूंजी अनुपात घटकर जो है 15.6 ऑफिस दे रहा था जो इस साल सितंबर में चौथी रहने का अनुमान है खराब स्थिति आंकड़ा जो है 12.5 भी हो सकता है स्थिति में ऑफिस दीपू जी का अनुपात रखने का स्वाद भी नीचे चले जाएंगे और ऐसा होना बैकिंग सेक्टर में भारी संकट होगा अर्थव्यवस्था में सुधार को अमीर जरूर बड़ी है लेकिन शेयर बाजार के लगातार बढ़ी उछाल मैं वीजा बैंक कोचिंग कर दिया है क्योंकि यह वास्तविक आर्थिक व वित्तीय स्थिति को प्रतिबिंब नहीं करता है

#धर्म और ज्योतिषी

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5:44
जैसे कि प्रश्न पूछा गया है कि भारतीय संस्कृत में सूरज का क्या महत्व है तो आमतौर पर सूरज को प्रकाश और गर्मी का छूट स्रोत माना जाता है लेकिन अब वैज्ञानिक जान गए हैं कि सूरज का अस्तित्व समाप्त होने पर पृथ्वी पर विचरण करने वाले सभी जीव जंतु 3 दिन के भीतर मृत्यु को प्राप्त हो जाएंगे सूरज के हमेशा के लिए अंधकार में डूबने से वायुमंडल में मौजूद समुचित जलवाष्प ठंडी होकर बर्फ बंद कर गिर जाएगी और कोई भी प्राणी जीवित नहीं रह पाएगा करीब 50 करोड़ बस पहले से प्राप्त आसमान सूरज की प्रधानी ऊर्जा की रहस्य शक्ति को हमारे ऋषि-मुनियों ने 5000 वर्ष पहले ही जान लिया था और आप जल्दी बड़े होंगे भेज दो ऋग्वेद में वहां लिखा गया है कि आप राधावा पृथ्वी अंतरिक्ष सूर्या मां जगत ऐसा क्या मतलब विश्व के 4 तथा अचर वस्तुओं की आत्मा सुरजी हैं ऋग्वेद के मंत्र में सूरज का आधुनिक और वैज्ञानिक महत्व उल्लेखित है हमारे ऋषि यों ने हजारों वर्ष पहले जी सत्य का अनुभव किया था उसकी विज्ञान सम्मत पुष्टि और 12वीं की बात को छोड़कर एक अच्छी शादी में हो रही है सौर मंडल के सौर ग्रह उपग्रह और उसमें स्थिति जीवधारी सूरज से ही जीवन प्राप्त कर रहे हैं पृथ्वी पर जीवन का आधार सूरज है सभी जीव जंतुओं और वनस्पति जगत का जीवन चक्र पूर्ण रूप से सूरज पर आश्रित हैं कि मनुष्य को सूरज नहीं दिया है इसलिए हम बात करें कि दुनिया की सभी जातियों और सभ्यताओं ने सूरज को देवता के रूप में पूजा हम भी लोग देखते हैं कि बहुत सारा पूजा सूर्य की आराधना की जाती है और भारतीय परिपेक्ष में वैदिक काल में ज्ञान और प्रकाश के एकीकरण के लिए सूर्य उपासना की जाती है जैसे बिहार और उत्तर प्रदेश में छठ पूजा मनाया जाता है जो काफी लोकप्रिय है और सूर्य की अर्चना से ही संबंधित है तंत्रिका संहिता में उल्लेख है कि सूरज के प्रकाश से ही चंद्रमा चमकता है छांदोग्य उपनिषद में सूरज को ब्रह्म बताया गया है गायत्री मंत्र में सूरज को तेज और बुद्धि का पर्याय माना गया है सूरज की किरणों में अच्छे किस ताप पर हुई कई पुस्तकें लिखी गई है यजुर्वेद में थोड़ा स्पष्ट कहा गया है कि अंतरिक्ष में व्याप्त सभी भी किरणों में सूरज की किरने ही जीव जगत के लिए लाभदाई है आदेश में बात करें तो वैदिक रूप से सूरज को कालगणना का कारण माना लिया गया था ऋतु में परिवर्तन का कारण भी सूरज को माना गया है वैदिक समय में ऋतु चक्र के आधार पर शो रसिया प्रकाश वर्ष के गाना शुरू हो गई थी जिसे 1 वर्ष में 360 दिन रखे गए थे वर्ष का वैदिक ग्रंथों के नाम से भी जाना जाता है दुनिया का सबसे मेल ऐतिहासिक और कुंभ ब्रिज का एक निश्चित स्थिति के आने पर ही लगते हैं यहां तक आप और बता मनाया जाता है जब सूर्य सी राशि में आता है और वैदिक ग्रंथों के अनुसार देव और दानव ने समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश प्राप्त किया था जिसे लेकर विवाद हुआ था तब भी शुरू ने सुंदरी रूप धरकर देवताओं को अमृत और दानों को मदिरापान कराया राहुल ने यह बात पकड़ ली अब अमृत कलश लेकर भागा विष्णु ने सुदर्शन चक्र छोड़कर राहु का सिर धड़ से अलग कर दिया था इसी छीना झपटी से जहां-जहां अमृत की बूंदे गिरी वहां वहां से यहां तो और कुंभ मेले लगने लगे इस वैदिक घटना के वैज्ञानिक संदर्भ दिखाया जा रहा है प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ राम श्रीवास्तव का कहना है कि हमारे सौरमंडल में एमएच 43 का एक तारा है यह हमारे सूर्य से 10000 गुना बड़ा सूरज है एक ब्लैक होल निकल रहा है और यह छूट कर भागने के लिए ब्लैक होल के चारों ओर चक्कर काट रहा है इस पूरी प्रक्रिया में m.a. 433 के दोनों के दोनों ओर से आतिशबाजी निकल रही है प्रकाश का परीक्षण किया तो पाया कि 433 में ऐसे अनेक तरह जिन्हें हमारा विज्ञान आज भी नहीं पहचानता ऐसे तत्व अन्य किसी तारे में मौजूद नहीं है यह भी एक विचित्र संयोग है कि जब हम स्वास्थ्य का मेला लगता है तो ऐसे 433 सूरज के साथ ही रास्ते के बीचोंबीच स्थित रहता है और यहां तो अकोमा स्नान के समय से निकलने वाला प्रकाश तथा से सीधे पृथ्वी की ओर इंगित करते हैं आगे बात करें तो करीब 6000 वर्ष पहले किए गए एक पूर्ण सूर्यग्रहण के अभियान के अनुमान लगाया गया था कि दो धुरिया है पहले जिस पर धरती घूमती है और सूरज का चक्कर लगाती है और दूसरी जिस पर चंद्रमा धरती का चक्कर लगाता है और जिन बिंदुओं को आकर वे एक दूसरे से मिलते हैं उन्हें राहु और केतु कहा जाता है ग्रहण के प्रभावी तभी सामने आता है जब सूर्य और चंद्रमा एक सीधी आकर निकट में निकलते हैं इस प्रकार हम कह सकते हैं कि भारतीय संस्कृत में सूरज का बहुत महत्व है अगर सूरज ना रहे तो हमारा जीवन समाप्त हो जाएगा धन्यवाद

#अंतर्राष्ट्रीय

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1:09
प्रार्थना है कि क्या अमेरिका में ट्रंप समर्थकों ने लोकतंत्र को शर्मसार किया है तो देखा जाए तो विगत कुछ दिनों में अमेरिका में बहुत उथल-पुथल राजनीतिक दृष्टि से हो रहा है राजनीति में सर्वोच्च उपाधि अर्जित करने के बाद स्वभाव में सौम्यता उदारता परिपक्वता था आत्मीयता होना बेहद जरूरी है कुर्सी हाथ से निकलते देर नहीं लगती अमेरिका में चुनाव परिणाम इसका एक उदाहरण भी है अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव परिणाम आने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने जो किया वह निंदनीय तो जरूर है अमेरिकी संसद में घुसकर जिस तरह से प्रांत के समर्थकों ने उत्पात मचाया उसे लोकतंत्र आश्रम स्टार जरूर हुआ है अमेरिका में हुई घटना का पूरे विश्व में निंदा की जा रही है और ट्रंप ने जिस तरह से अपने समर्थकों को उठाया है वह किसी तरह से तंत्र के लिए हितकर नहीं है उसे गलत संदेश लोगों के पीछे जा रहा है और उनके पेपर में यह सारे चीज नहीं है

#जीवन शैली

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1:31
प्रश्न है कि क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र का पता किया जा सकता है तो देखिए कपड़ों या पहनावे से हम इंसान का चरित्र को कुछ तो पता कर सकते हैं क्योंकि कभी-कभी होता है कि पहनाओ पर भी निर्भर करता है कि हम किस तरह के स्वभाव वाले हैं या किस तरह का व्यवहार करते हैं आप एक प्रयोग के तौर पर देख भी सकते हैं अपने आसपास समाज में कि जो शिक्षित के लोग होते हैं वह किस तरह कपड़े पहनते हैं हालांकि आवाज में कुछ ऐसी चीजें होती है कि शिक्षित लोग भी ऐसे कपड़े पहनते हैं जिस पर हम आपत्ति कर सकते हैं जिस पर हम डिस्कस कर सकते हैं लेकिन बहुधा देखा जाता है कि जो शिक्षित लोग होते हैं उनके पहनावे या कपड़े का जो रंग है या जो भी पहने का तरीका है वह काफी और लोगों से अलग होता है तो हम इसका आकलन कर सकते हैं बशर्ते कि हम समाज के प्रति जीजी के पहलुओं पर विचार करते हो या उस पर हम कुछ आकलन करते हो तभी हम इस बात को क्लियर कर पाएंगे कि कौन व्यक्ति चरित्र में अच्छा है या कौन अच्छा नहीं है यह काफी रोचक और जटिल प्रश्न भी हो सकता है आपके लिए हमारे लिए तो कुल मिलाकर हम यही कह सकते हैं कि कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र का पता कुछ हद तक किया जा सकता है

#सामान्य ज्ञान

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1:39
इतना है की लोहड़ी कैसे और कब मनाई जाती है तो देखा जाए तो लोहड़ी का त्यौहार हर साल उत्तर भारत में 13 जनवरी को ही मनाया जाता है जैसे पंजाब हो गया हरियाणा हिमाचल प्रदेश और वहां पर मकर संक्रांति से पहले की शाम को लोहड़ी का त्यौहार मनाया जाता है और हम सभी जानते हैं कि नई फसल को उत्सव के रूप में यह त्यौहार मनाया जाता है पंजाब में नव बौद्धों और बच्चे की पहली लोहड़ी बहुत खास मानी जाती है लोहड़ी की रात खुली जगह पर लड़कियों में पवित्र अग्नि लगाते हैं और परिवार व आसपास के लोग लोकगीत गाते हुए नए धान के लावे के साथ खेल मां का गुण रेवड़ी मूंगफली इत्यादि उस पवित्र अग्नि को अर्पित कर परिक्रमा करते हैं और यह काफी रोचकता से भरपूर त्यौहार होता है आगे इसमें बात करें तो लोहड़ी और मकर संक्रांति एक दूसरे से जुड़े रहने के कारण सांस्कृतिक उत्सव और धार्मिक पर का एक अद्भुत त्यौहार है लोहड़ी के दिन जहां शाम के वक्त लड़कियों को ढेर घड़ी पर विशेष पूजा के साथ लोहड़ी मनाया जाता है वहीं अगले दिन प्रातः मकर संक्रांति के दिन स्नान कर उस मकर संक्रांति की आग से जला हुआ हाथों को सीखते हैं लोग अपने घर की ओर जाते हैं इस प्रकार लोहड़ी पर चलाए जाने वाली आग सूरज से उतर आए उन्होंने के दिन पहला विराट एवं सर्व आज ने किया कहलाता है यह लोहड़ी आगे कुछ विशेषताएं हैं धन्यवाद

#टेक्नोलॉजी

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1:34
अगर आप भी एक किसी भी ऐप से लोन लेने का मन बना रहे हैं तो सतर्क रहें कि आपके साथ धोखाधड़ी हो सकता है अभी जो एक न्यूज़ आई है त्रिवेंद्रपुरम केरल के उद्योग मंत्री पी जयराजन ने बताया है कि राज्य सरकार लोन एप्स पर लगाम कसने के लिए कानून बनाने पर विचार कर रही है उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक इन ऐप के माध्यम से अनियमितताओं को कम से कम 63 मामले दर्ज किए गए हैं जय राजा ने विधानसभा में इस मामले पर कांग्रेस विधायक के सबरीनाथ द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर कहा कि लोन एप्स द्वारा की जा रही अनियमितताएं सरकार को संज्ञान में आई है पुलिस ने बताया है कि ऐसे कम से कम चार सा एप है जो राज्य के बाहर से संचालित किए जाते हैं मुख्यमंत्री पीनारायी विजयन के हवाले से जयराजन ने कहा है कि 63 मामले दर्ज किए गए हैं और 2 मामले का अपराधी के ताखा जांच कर रही है और सरकार इन एप्स पर लगाम लगाने के लिए कानून लाने पर विचार कर रही है दरअसल होता है कि जो यह है ए लोन देते हैं और ग्राहकों को बहुत लुभावने देते हैं अगर आप समय से नहीं चुकाते हैं तो आपको यह टॉर्चर करते हैं और एक तो वहीं का इंटरेस्ट ज्यादा होता है तो इसलिए अगर आप पर किसी लोन लेने के लिए किसी ऐप पेपर मूड बना रहे हैं तो मुझे नहीं लगता है कि आपके लिए यह फेवरेबल होगा तो वह जो भी आप कदम उठाया सोच समझ कर ले

#इतिहास

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1:50
प्रार्थना है कि नोरा फतेही के बारे में आप क्या जानते हैं तो देखिए नोरा फतेही इस समय सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा पॉपुलर सेलिब्रिटीज में से एक हैं और पूरी दुनिया में इससे कनाडियन डांसर के लोग फैन है और नवरा के वीडियोस को काफी पसंद किया जाता है अपने बेहतरीन डांस के लिए फेमस नोरा फतेही ने बालीवुड फिल्मों में कई बेहतरीन परफॉर्मेंस देने के अलावा बहुत से म्यूजिक के वीडियोस में भी अपना जलवा दिखाया है काला का कहना है कि उन्होंने कभी डांस की ट्रेनिंग नहीं ली हाल ही में उन्हें बताया है कि वह एक ट्रेंड डांसर नहीं है उन्होंने खुद से प्रैक्टिस कर के डांस लिखा है उन्होंने बताया है कि वह काफी रिसर्च करते हैं और खुद को कभी एक डांस जॉन और म्यूजिक लैंग्वेज या कल्चर तक सीमित नहीं रखती है उन्होंने बताया है कि वह अलग-अलग तरह के डांस देखना चाहती है नवरा ने यह भी बताया है कि वह खुद को एक कमरे में बंद कर लिया करती थी और फिर आईने के सामने अलग-अलग डांस की प्रैक्टिस करती थी और उनकी यह प्रैक्टिस तब चल फिर आती है जब तक कि वह उसे डांस समूह को एकदम पर्फेक्ट तरीके से नहीं कर लेती माधुरी दीक्षित डांस रिहाना जेनिफर लोपेज जैसे इंटरनेशनल स्टार से काफी प्रभावित हैं और उन्होंने फॉलो करने की कोशिश करती हैं वर्कफ्रंट की बात करें तो नोरा फतेही पिछली बार रेमो डिसूजा के डायरेक्शन में बनी फिल्म स्ट्रीट डांसर 3D में दिखाई दी थी और इस फिल्म में वरुण धवन और श्रद्धा कपूर रियल लीड रोल में थे धन्यवाद
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